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हाथरस: खुल गया सराफा बाजार में रौनक नहीं लौटी
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हाथरस: सराफा बाजार में खुली दुकान पर मौजूद ग्राहक।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रोस्टर के हिसाब से बाजार तो खुल गए, लेकिन लोगों के पास पैसा नहीं है। इस कारण सराफा बाजार में चमक नहीं लौट पा रही है। जून माह में होने वाली शादियां टल गई हैं। ऐसे में करीब 200 ऑर्डर रद हो गए हैं। सराफा कारोबार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अब सराफा कारोबारी दिसंबर माह में होने वाली शादियों का इंतजार कर रहे हैं और व्यापार को पटरी पर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
लॉकडाउन-4 में भले ही लोगों को राहत दी गई हो और कामकाज पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही हो, लेकिन शहर का सराफा कारोबार पटरी पर नहीं लौट रहा। जून में सराफा कारोबारियों पर करीब दो सौ ऑर्डर बुक थे। अब लॉकडाउन के चलते शादी विवाह में लोगों की संख्या सीमित कर दी गई है। इस कारण लोगों ने शादियों को आगे को दिसंबर में करने का निर्णय लिया है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान सराफा कारोबारियों को हुआ है।
ऑर्डर कैंसिल होने से सराफा कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सोने के रेट में भी हर रोज उतार-उतार चढ़ाव हो रहा है। बृहस्पतिवार को सोने के दाम 46,800 प्रति 10 ग्राम रहे। इस मामले में सराफा कमेटी के अध्यक्ष मोहनलाल सराफ का कहना है सर्राफा कारोबार में चमक नहीं आ रही है। लॉकडाउन के चलते जून के करीब दो सौ आर्डर कैंसिल हो गए हैं। अब अगले सहालग में ही व्यापार पटरी पर लौटने की उम्मीद है क्योंकि लोगों के पास पैसे की कमी है इस कारण बाजार की ओर रुख नही कर रहे हैं।
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रोस्टर के हिसाब से बाजार तो खुल गए, लेकिन लोगों के पास पैसा नहीं है। इस कारण सराफा बाजार में चमक नहीं लौट पा रही है। जून माह में होने वाली शादियां टल गई हैं। ऐसे में करीब 200 ऑर्डर रद हो गए हैं। सराफा कारोबार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अब सराफा कारोबारी दिसंबर माह में होने वाली शादियों का इंतजार कर रहे हैं और व्यापार को पटरी पर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
लॉकडाउन-4 में भले ही लोगों को राहत दी गई हो और कामकाज पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही हो, लेकिन शहर का सराफा कारोबार पटरी पर नहीं लौट रहा। जून में सराफा कारोबारियों पर करीब दो सौ ऑर्डर बुक थे। अब लॉकडाउन के चलते शादी विवाह में लोगों की संख्या सीमित कर दी गई है। इस कारण लोगों ने शादियों को आगे को दिसंबर में करने का निर्णय लिया है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान सराफा कारोबारियों को हुआ है।
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ऑर्डर कैंसिल होने से सराफा कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सोने के रेट में भी हर रोज उतार-उतार चढ़ाव हो रहा है। बृहस्पतिवार को सोने के दाम 46,800 प्रति 10 ग्राम रहे। इस मामले में सराफा कमेटी के अध्यक्ष मोहनलाल सराफ का कहना है सर्राफा कारोबार में चमक नहीं आ रही है। लॉकडाउन के चलते जून के करीब दो सौ आर्डर कैंसिल हो गए हैं। अब अगले सहालग में ही व्यापार पटरी पर लौटने की उम्मीद है क्योंकि लोगों के पास पैसे की कमी है इस कारण बाजार की ओर रुख नही कर रहे हैं।
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