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हाथरस : टीम ने किया स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण, पर्यवेक्षक निलंबित
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
मुरसान क्षेत्र के गांव अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर का असर बुधवार को देखने को मिला। एसीएमओ की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची और उपकेंद्र की स्थिति देखी। टीम को उपकेंद्र के अंदर कंडे मिले और भवन भी काफी क्षतिग्रस्त हालत में मिला। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत भी की। स्वास्थ्य उपकेंद्र की साफ-सफाई और इसे फिर से संचालित करने में जहां महकमा जुटा है। वहीं इस लापरवाही पर वहां तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने मुरसान के गांव अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली को लेकर बुधवार के अंक में ‘स्वास्थ्य केंद्र का भवन हुआ खंडहर, थोपे जा रहे कंडे शीर्षक’ से खबर प्रकाशित की थी। इस पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। बुधवार को एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव अहरई पहुंची और इस उपकेंद्र का निरीक्षण किया। भवन में कंडे रखे थे। भवन की क्षतिग्रस्त स्थिति में था। वहां मरीजों का उपचार ही नहीं होता। ग्रामीणों से भी टीम ने जानकारी की। एसीएमओ को ग्रामीणों ने बताया कि इस स्वास्थ्य उप केंद्र का निर्माण करीब 15 साल पहले हुआ था, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी यह संचालित नहीं है।
इसमें गांव के कुछ लोग कंडे थापने लगे हैं। कुछ लोग यहां से बिजली फिटिंग का सामान, चौखट और दरवाजे निकाल ले गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इस भवन परिसर से संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। निरीक्षण और जानकारी करने पर यह बात भी सामने आई कि वहां एमडी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (महिला) बलशम्मा की तैनाती तो है, लेकिन वह वहां ड्यूटी नहीं करती। उन पर इसके अलावा पटाखास स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी चार्ज है। कोरोना काल में भी वह अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ड्यूटी पर मौजूद नहीं रही। ऐसे में सीएमओ ने नियमित ड्यूटी न करने पर उन्हें निलंबित कर दिया और सीएचसी सादाबाद से अटैच कर दिया है।
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मुरसान क्षेत्र के गांव अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर का असर बुधवार को देखने को मिला। एसीएमओ की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची और उपकेंद्र की स्थिति देखी। टीम को उपकेंद्र के अंदर कंडे मिले और भवन भी काफी क्षतिग्रस्त हालत में मिला। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत भी की। स्वास्थ्य उपकेंद्र की साफ-सफाई और इसे फिर से संचालित करने में जहां महकमा जुटा है। वहीं इस लापरवाही पर वहां तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने मुरसान के गांव अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली को लेकर बुधवार के अंक में ‘स्वास्थ्य केंद्र का भवन हुआ खंडहर, थोपे जा रहे कंडे शीर्षक’ से खबर प्रकाशित की थी। इस पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। बुधवार को एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव अहरई पहुंची और इस उपकेंद्र का निरीक्षण किया। भवन में कंडे रखे थे। भवन की क्षतिग्रस्त स्थिति में था। वहां मरीजों का उपचार ही नहीं होता। ग्रामीणों से भी टीम ने जानकारी की। एसीएमओ को ग्रामीणों ने बताया कि इस स्वास्थ्य उप केंद्र का निर्माण करीब 15 साल पहले हुआ था, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी यह संचालित नहीं है।
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इसमें गांव के कुछ लोग कंडे थापने लगे हैं। कुछ लोग यहां से बिजली फिटिंग का सामान, चौखट और दरवाजे निकाल ले गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इस भवन परिसर से संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। निरीक्षण और जानकारी करने पर यह बात भी सामने आई कि वहां एमडी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (महिला) बलशम्मा की तैनाती तो है, लेकिन वह वहां ड्यूटी नहीं करती। उन पर इसके अलावा पटाखास स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी चार्ज है। कोरोना काल में भी वह अहरई के स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ड्यूटी पर मौजूद नहीं रही। ऐसे में सीएमओ ने नियमित ड्यूटी न करने पर उन्हें निलंबित कर दिया और सीएचसी सादाबाद से अटैच कर दिया है।
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