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हाथरस : अपने जिले में तैनाती के लिए जोड़ीदार तलाश रहे शिक्षक
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार शासन ने परस्पर तबादला नीति के तहत ही शिक्षकों का स्थानांतरण किए जाने का विकल्प रखा है। यदि कोई शिक्षक इस जिले से दूसरे जिले में जाएगा तो उसकी जगह किसी दूसरे शिक्षक को यहां आना होगा। प्रदेश भर में कई ऐसे शिक्षक हैं, जो अपने जिलों में तैनाती की ख्वाहिश लिए बैठे हैं। यही वजह है कि अब शिक्षकों ने मनमाफिक जिले में तैनाती पाने के लिए अपने प्रतिस्थानी की तलाश खुद ही शुरू कर दी है।
इसके लिए शिक्षकों ने कई वेबसाइट भी बनाई हैं। इन पर शिक्षक अपना ब्योरा भरकर पोस्ट कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि कौन शिक्षक उनकी जगह यहां आ सकता है और उनका अपने जिले में जाने का रास्ता खुल सकता है। फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और ट्विटर तक पर मनपसंद तैनाती के लिए शिक्षक अपने विकल्प खोज रहे हैं।
सबसे ज्यादा विकल्प तलाशने वालों में बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, फतेहपुर, सोनभद्र जैसे जिलों में तैनात शिक्षक हैं। यह शिक्षक हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जिलों में तैनात हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2019-2020 में लगभग साढ़े चार हजार परस्पर तबादले किए गए थे। संवाद
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कम मेरिट के कारण मिली दूर के जिलों में तैनाती
पिछले पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर 68,500 और 69,000 शिक्षकों की भर्ती की गई। इसमें बागपत, गाजियाबाद, लखनऊ के रहने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में निचला स्थान मिलने के कारण उन्हें बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों में नियुक्ति मिली। इनमें काफी शिक्षक हाथरस, अलीगढ़ व मथुरा के भी हैं, लेकिन अब वह अपने घर वापस आना चाहते हैं। कई शिक्षिकों की इस दौरान शादी हो चुकी है।
इस बार परस्पर तबादला नीति के तहत ही एक जिले से दूसरे जिले में शिक्षक जा सकेंगे। इसके लिए कुछ शिक्षक अपने ऐसे साथी तलाश रहे हैं, जो उनकी तैनाती वाले जनपद में जाना चाहता हो और वह उनकी जगह पर आ सकें।
-शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार शासन ने परस्पर तबादला नीति के तहत ही शिक्षकों का स्थानांतरण किए जाने का विकल्प रखा है। यदि कोई शिक्षक इस जिले से दूसरे जिले में जाएगा तो उसकी जगह किसी दूसरे शिक्षक को यहां आना होगा। प्रदेश भर में कई ऐसे शिक्षक हैं, जो अपने जिलों में तैनाती की ख्वाहिश लिए बैठे हैं। यही वजह है कि अब शिक्षकों ने मनमाफिक जिले में तैनाती पाने के लिए अपने प्रतिस्थानी की तलाश खुद ही शुरू कर दी है।
इसके लिए शिक्षकों ने कई वेबसाइट भी बनाई हैं। इन पर शिक्षक अपना ब्योरा भरकर पोस्ट कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि कौन शिक्षक उनकी जगह यहां आ सकता है और उनका अपने जिले में जाने का रास्ता खुल सकता है। फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और ट्विटर तक पर मनपसंद तैनाती के लिए शिक्षक अपने विकल्प खोज रहे हैं।
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सबसे ज्यादा विकल्प तलाशने वालों में बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, फतेहपुर, सोनभद्र जैसे जिलों में तैनात शिक्षक हैं। यह शिक्षक हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जिलों में तैनात हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2019-2020 में लगभग साढ़े चार हजार परस्पर तबादले किए गए थे। संवाद
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कम मेरिट के कारण मिली दूर के जिलों में तैनाती
पिछले पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर 68,500 और 69,000 शिक्षकों की भर्ती की गई। इसमें बागपत, गाजियाबाद, लखनऊ के रहने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में निचला स्थान मिलने के कारण उन्हें बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों में नियुक्ति मिली। इनमें काफी शिक्षक हाथरस, अलीगढ़ व मथुरा के भी हैं, लेकिन अब वह अपने घर वापस आना चाहते हैं। कई शिक्षिकों की इस दौरान शादी हो चुकी है।
इस बार परस्पर तबादला नीति के तहत ही एक जिले से दूसरे जिले में शिक्षक जा सकेंगे। इसके लिए कुछ शिक्षक अपने ऐसे साथी तलाश रहे हैं, जो उनकी तैनाती वाले जनपद में जाना चाहता हो और वह उनकी जगह पर आ सकें।
-शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस