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हाथरस : मेट चयन प्रकरण में दवाब बनाने के लिए तो नहीं किया निलंबन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में शासनादेश को दरकिनार कर मनरेगा के तहत महिला मेट के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। यहां मनरेगा के तहत 265 महिला मेटों का चयन किया गया। इन महिला मेट के चयन में ग्राम पंचायतों व प्रशासकों से कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। मामले के खुलने के बाद अफसरों ने ग्राम पंचायत सचिवों से प्रशासकों के माध्यम से बैक डेट में प्रस्ताव दिए जाने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ज्यादातर ग्राम पंचायत सचिवों को दबाव में लेकर बैक डेट में प्रस्ताव ले लिया गया। कुछ ग्राम पंचायत सचिवों ने प्रस्ताव के दस्तावेजों पर बैक डेट में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया। इस पर अफसरों ने ग्राम पंचायत सचिवों को दबाव में लेना शुरू कर दिया है।
विगत में ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वमित्र के निलंबन को लेकर भी यहीं आकलन किया जा रहा है, कि कहीं ग्राम पंचायत अधिकारी का निलंबन इसी वजह से तो नहीं किया गया, क्यों कि उक्त पंचायत सचिव ने दो ग्राम पंचायतों में हुई महिला मेट भर्ती के प्रस्ताव हस्ताक्षर नहीं किए। ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वमित्र की तैनाती वाली ग्राम पंचायत महौ व बरवाना में महिला मेट का चयन किया गया।
यहां इस प्रस्ताव में उक्त ग्राम पंचायत अधिकारी के हस्ताक्षर मांगे गए। ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा उक्त प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। इस आधार पर आकलन लगाया जा रहा है, कि कहीं दबाव में लेने के लिए उक्त ग्राम पंचायत अधिकारी को विभिन्न आरोपों के तहत निलंबित तो नहीं किया गया है। इसको लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
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जिले में शासनादेश को दरकिनार कर मनरेगा के तहत महिला मेट के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। यहां मनरेगा के तहत 265 महिला मेटों का चयन किया गया। इन महिला मेट के चयन में ग्राम पंचायतों व प्रशासकों से कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। मामले के खुलने के बाद अफसरों ने ग्राम पंचायत सचिवों से प्रशासकों के माध्यम से बैक डेट में प्रस्ताव दिए जाने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ज्यादातर ग्राम पंचायत सचिवों को दबाव में लेकर बैक डेट में प्रस्ताव ले लिया गया। कुछ ग्राम पंचायत सचिवों ने प्रस्ताव के दस्तावेजों पर बैक डेट में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया। इस पर अफसरों ने ग्राम पंचायत सचिवों को दबाव में लेना शुरू कर दिया है।
विगत में ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वमित्र के निलंबन को लेकर भी यहीं आकलन किया जा रहा है, कि कहीं ग्राम पंचायत अधिकारी का निलंबन इसी वजह से तो नहीं किया गया, क्यों कि उक्त पंचायत सचिव ने दो ग्राम पंचायतों में हुई महिला मेट भर्ती के प्रस्ताव हस्ताक्षर नहीं किए। ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वमित्र की तैनाती वाली ग्राम पंचायत महौ व बरवाना में महिला मेट का चयन किया गया।
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यहां इस प्रस्ताव में उक्त ग्राम पंचायत अधिकारी के हस्ताक्षर मांगे गए। ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा उक्त प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। इस आधार पर आकलन लगाया जा रहा है, कि कहीं दबाव में लेने के लिए उक्त ग्राम पंचायत अधिकारी को विभिन्न आरोपों के तहत निलंबित तो नहीं किया गया है। इसको लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
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