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हाथरस : खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता के दिए सुझाव
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हाथरस : कलेक्ट्रेट में डीएसओ कार्यालय में बैठक में मौजूद नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक एडीएम जेपी सिंह की अध्यक्षता मेें हुई। जिला पूर्ति अधिकारी ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। समितियों के सदस्यों ने अपने अपने सुझाव दिए।
डीएसओ एसपी शाक्य ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 240835 राशन कार्डो में 971870 यूनिट/आबादी एवं नगरीय क्षेत्रों में 49463 राशन कार्डों में 212780 यूनिट/आबादी का आच्छादन कर लिया गया है। इस प्रकार कुल जनसंख्या 1564708 के सापेक्ष कुल 290298 कार्डों में 1184650 यूनिट/आबादी (75.71प्रतिशत) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित कर लिया गया है। जनपद हाथरस में वर्तमान में कुल 661 उचित दर की दुकानें हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत जनपद में राशन कार्डों के सापेक्ष आधार सीडिंग मुखिया 99.40 प्रतिशत एवं यूनिट 99.77 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी लागू हो जाने के पश्चात उत्तर प्रदेश का कोई भी राशन कार्ड धारक प्रदेश के बाहर किसी भी उचित दर दुकान से मात्र अपनी राशन कार्ड संख्या बताकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाए जाने के लिए बैठक में सभी संबंधितों से बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए गए। समिति के सदस्य अपर जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि राशन कार्ड बनाए जाने के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों के सत्यापन में विकास विभाग के कर्मचारियों की सत्यापन रिपोर्ट के साथ-साथ भूमि और आय के सम्बन्ध में सम्बन्धित लेखपाल से भी आवेदन पर आख्या प्राप्त कर ली जाए, जिससे आवेदक की वास्तविक आर्थिक स्थिति की जानकारी हो सके। समिति के सदस्य नगरपालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने सुझाव दिया कि नगरीय क्षेत्र में जो पात्र व्यक्ति एनएफएसए का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं, उन्हें पात्रता की सूची में शामिल किया जाए।
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कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक एडीएम जेपी सिंह की अध्यक्षता मेें हुई। जिला पूर्ति अधिकारी ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। समितियों के सदस्यों ने अपने अपने सुझाव दिए।
डीएसओ एसपी शाक्य ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 240835 राशन कार्डो में 971870 यूनिट/आबादी एवं नगरीय क्षेत्रों में 49463 राशन कार्डों में 212780 यूनिट/आबादी का आच्छादन कर लिया गया है। इस प्रकार कुल जनसंख्या 1564708 के सापेक्ष कुल 290298 कार्डों में 1184650 यूनिट/आबादी (75.71प्रतिशत) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित कर लिया गया है। जनपद हाथरस में वर्तमान में कुल 661 उचित दर की दुकानें हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत जनपद में राशन कार्डों के सापेक्ष आधार सीडिंग मुखिया 99.40 प्रतिशत एवं यूनिट 99.77 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी लागू हो जाने के पश्चात उत्तर प्रदेश का कोई भी राशन कार्ड धारक प्रदेश के बाहर किसी भी उचित दर दुकान से मात्र अपनी राशन कार्ड संख्या बताकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाए जाने के लिए बैठक में सभी संबंधितों से बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए गए। समिति के सदस्य अपर जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि राशन कार्ड बनाए जाने के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों के सत्यापन में विकास विभाग के कर्मचारियों की सत्यापन रिपोर्ट के साथ-साथ भूमि और आय के सम्बन्ध में सम्बन्धित लेखपाल से भी आवेदन पर आख्या प्राप्त कर ली जाए, जिससे आवेदक की वास्तविक आर्थिक स्थिति की जानकारी हो सके। समिति के सदस्य नगरपालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने सुझाव दिया कि नगरीय क्षेत्र में जो पात्र व्यक्ति एनएफएसए का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं, उन्हें पात्रता की सूची में शामिल किया जाए।
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