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Hathras Stampede: 'पाखंडी है बाबा...मैं मां से सत्संग में जाने से मना करता था', साकार हरि पर युवक का बड़ा दावा
Sun, 07 Jul 2024 02:05 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Jul 2024 02:05 PM IST
सार
मथुरा के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो जुलाई को हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद से लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। एक युवक ने बाबा को पाखंडी बताया है।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अस्पताल में दर्द से कराहते मरीज। माता-पिता की याद में बिलखते बच्चे। कुछ इस तरह के दृश्य पीड़ित परिवारों को कई वर्षों तक झकझोरते रहेंगे। हादसे में जान गंवाने वाली सिकंदराराऊ के गांव खेड़िया टप्पा निवासी अंशू के परिवार को सरकार की तरफ से दो लाख रुपये की मुआवजा राशि का चेक जरूर मिल गया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके चार छोटे-छोटे बच्चों का पालन-पोषण कौन करेगा, क्योंकि अंशू के पति की भी तीन साल पहले मौत हो चुकी है।
मृत अंशू के देवर रवि ने बताया कि उनके गांव के काफी लोग बाबा नारायण साकार हरि से जुड़े थे। शुरू में विरोध के बाद ग्रामीणों से प्रेरित होकर अंशू भी उनसे जुड़ गईं और बाबा के सत्संग में जाने लगीं। सिकंदराराऊ हादसे में उनकी मौत हो गई।
रवि ने बताया कि उनके भाई और अंशू के पति राजू की तीन साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उनके चारों बच्चे अब यतीम हो गए हैं। हमारे परिवार के पास कोई जमीन भी नहीं है। अब बच्चों की परवरिश का जिम्मा रवि और उसकी मां के ऊपर आ गया है। रवि ने बताया कि हालांकि सरकार ने मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये का चेक उन्हें दे दिया है।
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पाखंडी है बाबा, मैं मां से करता था सत्संग में जाने से मना : सोनू
हाथरस। हादसे में जान गंवाने वाली नगला रूंद निवासी प्रेमवती के बेटे सोनू ने बताया कि मुआवजे का चेक उन्हें मिल गया है। हादसे के बाद से बाबा छिपा हुआ घूम रहा है। वह पाखंडी है। सोनू ने कहा कि वह दिल्ली में रियल स्टेट सेक्टर में काम करता है। वह अपनी मां को सत्संग में जाने से मना करता था। उसकी मां गांव में थीं, इसलिए सत्संग में चली गईं। गांव के कुछ अन्य लोग भी उनके साथ सत्संग में गए थे। उनकी मां करीब छह माह से सत्संग से जुड़ी थीं।
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मृत अंशू के देवर रवि ने बताया कि उनके गांव के काफी लोग बाबा नारायण साकार हरि से जुड़े थे। शुरू में विरोध के बाद ग्रामीणों से प्रेरित होकर अंशू भी उनसे जुड़ गईं और बाबा के सत्संग में जाने लगीं। सिकंदराराऊ हादसे में उनकी मौत हो गई।
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रवि ने बताया कि उनके भाई और अंशू के पति राजू की तीन साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उनके चारों बच्चे अब यतीम हो गए हैं। हमारे परिवार के पास कोई जमीन भी नहीं है। अब बच्चों की परवरिश का जिम्मा रवि और उसकी मां के ऊपर आ गया है। रवि ने बताया कि हालांकि सरकार ने मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये का चेक उन्हें दे दिया है।
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पाखंडी है बाबा, मैं मां से करता था सत्संग में जाने से मना : सोनू
हाथरस। हादसे में जान गंवाने वाली नगला रूंद निवासी प्रेमवती के बेटे सोनू ने बताया कि मुआवजे का चेक उन्हें मिल गया है। हादसे के बाद से बाबा छिपा हुआ घूम रहा है। वह पाखंडी है। सोनू ने कहा कि वह दिल्ली में रियल स्टेट सेक्टर में काम करता है। वह अपनी मां को सत्संग में जाने से मना करता था। उसकी मां गांव में थीं, इसलिए सत्संग में चली गईं। गांव के कुछ अन्य लोग भी उनके साथ सत्संग में गए थे। उनकी मां करीब छह माह से सत्संग से जुड़ी थीं।
हादसे में शहर के सोखना निवासी जयंती देवी, राजकुमारी और भूमि की भी मौत हुई थी। मृतक परिवार के सदस्य विनोद ने बताया कि मोहल्ले के 10 से 12 लोग सत्संग में शामिल होने गए थे। हादसे की सूचना मिलते ही उनके होश उड़ गए थे। मां, बेटी, और पत्नी को खोकर विनोद का हाल हाल बेहाल है। विनोद ने बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें मुआवजा राशि का चेक मिल गया है।
सिकंदराराऊ हादसे के मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी देवप्रकाश मधुकर की शुक्रवार देर शाम दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद उसके दो और साथी शनिवार को गिरफ्तार कर लिए गए। जिनमें से फिलहाल देवप्रकाश सहित दो को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा जा सका है।
मुख्य आरोपी से हुई पूछताछ में उसके राजनीतिक दलों से संपर्क और फंड जुटाने की बात सामने आई है। जिसके चलते पुलिस टीमें अन्य एजेंसियों की मदद से फंडिंग आदि को लेकर भी जांच कर रही हैं।
इस संबंध में शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस अधीक्षक हाथरस निपुण अग्रवाल ने बताया कि दो जुलाई को गांव फुलरई मुगलगढ़ी में हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। इस संबंध में दर्ज मुकदमे में मुख्य आरोपी मुख्य आयोजक देवप्रकाश मधुकर फरार था। जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी तलाश में जुटी रेंज स्तर पर गठित एसओजी टीम ने शुक्रवार देर शाम दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से गिरफ्तार किया था।
सूचना के आधार पर शनिवार सुबह उसके साथी रामप्रकाश शाक्य को कैलोरा चौराहा से और संजू यादव को गोपालपुर कचौरा से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
इस तरह घटना मेंं मुख्य आरोपी सहित कुल नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तारी प्रक्रिया के बाद दोपहर में पुलिस ने देवप्रकाश व संजू यादव को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।