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हाथरस : रिजल्ट आने पर कहीं खुशी तो कहीं गम
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हाथरस : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पास होने की खुशी मनाते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम शनिवार को काफी इंतजार के बाद जारी हो गया। रिजल्ट आने के बाद कुछ विद्यार्थी खुशी का इजहार करते नजर आए तो ऐसे विद्यार्थी मायूस दिखे, जिन्हें अच्छे नंबर आने की उम्मीद थी, लेकिन नंबर उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं आए।
सत्र 2020-21 की यूपी बोर्ड परीक्षा में 10वीं के 25859 विद्यार्थी और 12वीं के 22877 विद्यार्थी शामिल होने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने परीक्षा को नहीं कराया। गौरतलब है कि पिछली परीक्षा के अनुसार ही विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय लिया था और इस आधार पर ही शनिवार को यूपी बोर्ड ने 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी भी कर दिया। इसे लेकर ऐसे विद्यार्थी कुछ ज्यादा ही खुश नजर आए, जिनकी अगर परीक्षा होती तो पास होना भी मुश्किल था, लेकिन कुछ विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं आए। इसकी हकीकत उनका उतरा हुआ चेहरा साफ बता रहा था।
आगामी परीक्षा में मिलेगा अंक सुधार का मौका
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2021 के परीक्षार्थियों को उनकी इच्छा के अनुसार आगामी बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का अवसर दिया जाएगा। परीक्षार्थी बिना परीक्षा शुल्क के एक या एक से अधिक कितने भी विषयों की पुन: परीक्षा देकर अंक सुधार कर सकते हैं। अंक सुधार के बाद मिले अंकों को बोर्ड परीक्षा 2021 का परिणाम ही माना जाएगा।
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30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया था
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गत वर्ष कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान स्कूल नहीं खुलने से बाधित हुए पठन-पाठन के मद्देनजर हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया था। 19 अक्तूबर 2020 से स्कूल खोले गए थे। फरवरी 2021 तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई गईं थीं।
कारगर रहा प्री-बोर्ड का निर्णय
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्री-बोर्ड परीक्षा कराने का फैसला कारगर रहा है। भले ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके, लेकिन प्री-बोर्ड परीक्षा देकर उन्होंने न केवल बोर्ड परीक्षा का प्रारंभिक अनुभव प्राप्त किया, बल्कि प्री-बोर्ड के प्राप्तांक में से दस 10 प्रतिशत अंकों ने परिणाम में भी मदद की।
जिले का संयुक्त रिजल्ट नहीं दिख रहा है। बच्चों का रोल नंबर तो डालकर दिख रहा है। हमारी साइट पर पूरा रिजल्ट नहीं आ रहा है। इसमें कोई तकनीकी समस्या आ रही है। इस संबंध बोर्ड कार्यालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-ऋतु गोयल, जिला विद्यालय निरीक्षक
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यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम शनिवार को काफी इंतजार के बाद जारी हो गया। रिजल्ट आने के बाद कुछ विद्यार्थी खुशी का इजहार करते नजर आए तो ऐसे विद्यार्थी मायूस दिखे, जिन्हें अच्छे नंबर आने की उम्मीद थी, लेकिन नंबर उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं आए।
सत्र 2020-21 की यूपी बोर्ड परीक्षा में 10वीं के 25859 विद्यार्थी और 12वीं के 22877 विद्यार्थी शामिल होने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने परीक्षा को नहीं कराया। गौरतलब है कि पिछली परीक्षा के अनुसार ही विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय लिया था और इस आधार पर ही शनिवार को यूपी बोर्ड ने 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी भी कर दिया। इसे लेकर ऐसे विद्यार्थी कुछ ज्यादा ही खुश नजर आए, जिनकी अगर परीक्षा होती तो पास होना भी मुश्किल था, लेकिन कुछ विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं आए। इसकी हकीकत उनका उतरा हुआ चेहरा साफ बता रहा था।
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आगामी परीक्षा में मिलेगा अंक सुधार का मौका
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2021 के परीक्षार्थियों को उनकी इच्छा के अनुसार आगामी बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का अवसर दिया जाएगा। परीक्षार्थी बिना परीक्षा शुल्क के एक या एक से अधिक कितने भी विषयों की पुन: परीक्षा देकर अंक सुधार कर सकते हैं। अंक सुधार के बाद मिले अंकों को बोर्ड परीक्षा 2021 का परिणाम ही माना जाएगा।
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30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया था
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गत वर्ष कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान स्कूल नहीं खुलने से बाधित हुए पठन-पाठन के मद्देनजर हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया था। 19 अक्तूबर 2020 से स्कूल खोले गए थे। फरवरी 2021 तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई गईं थीं।
कारगर रहा प्री-बोर्ड का निर्णय
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्री-बोर्ड परीक्षा कराने का फैसला कारगर रहा है। भले ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके, लेकिन प्री-बोर्ड परीक्षा देकर उन्होंने न केवल बोर्ड परीक्षा का प्रारंभिक अनुभव प्राप्त किया, बल्कि प्री-बोर्ड के प्राप्तांक में से दस 10 प्रतिशत अंकों ने परिणाम में भी मदद की।
जिले का संयुक्त रिजल्ट नहीं दिख रहा है। बच्चों का रोल नंबर तो डालकर दिख रहा है। हमारी साइट पर पूरा रिजल्ट नहीं आ रहा है। इसमें कोई तकनीकी समस्या आ रही है। इस संबंध बोर्ड कार्यालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-ऋतु गोयल, जिला विद्यालय निरीक्षक