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हाथरस : बर्फवारी में रात काटने के बाद पहुंचे स्लोवाकिया
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हाथरस : अपने पूरे परिवार के साथ शिवानी गुप्ता। संवाद
- फोटो : SHAPHU
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संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ/सादाबाद।
यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों का दर्द वहां बिगड़ते हालातों के साथ बढ़ रहा है। एक ओर इन विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना दम तोड़ चुका है। वहीं दूसरी ओर उनकी जान भी सांसत में फंस गई है। मंगलवार को एक बार फिर कस्बे के छात्र आलोक चौधरी ने स्लोवाकिया से वीडियो शेयर कर भारतीय सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
छात्र ने अब तक के कठिन सफर का भी जिक्र वीडियो में किया है। मुरसान रोड निवासी राजेंद्र सिंह के बेटे आलोक चौधरी ने तीन दिन पहले पोलैंड सीमा से वीडियो शेयर कर यूक्रेन के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी।
मंगलवार को आलोक चौधरी ने मथुरा निवासी अपने दोस्त सचिन चौधरी और गुजरात के पूजन मोदी के साथ वीडियो बनाकर स्थानीय मीडिया को भेजा है। वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है। वीडियो में आलोक चौधरी ने बताया कि वह करीब 35 किलोमीटर पैदल चलकर विश्वविद्यालय से पोलैंड सीमा तक पहुंचे थे।
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यहां यूक्रेन के सैनिकों द्वारा छात्राओं के साथ अभद्रता और मारपीट की जा रही है। उनके पासपोर्ट चोरी कर लिए गए हैं। हम 30 किलो लगेज के साथ सुरक्षित स्थान के लिए भटक रहे हैं। जंगल से लकड़ी जमा कर माइनस टेंपरेचर में रात काटनी पड़ रही है। खाने-पीने और दवा का कोई इंतजाम नहीं है। यूक्रेन में नकदी की दिक्कत भी बढ़ गई है।
टैक्सी के किराये के लिए बड़ी जद्दोजहद के बाद नकदी का इंतजाम हो पा रहा है। आलोक चौधरी ने बताया कि चचेरे भाई जितेंद्र सिंह की मदद से उन्हें पता चला कि स्लोवाकिया सीमा पर भारतीय छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।
आलोक दोस्तों के साथ स्लोवाकिया सीमा पर पहुंचे और चार-पांच घंटे बर्फबारी में गुजारने के बाद उन्हें स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय विद्यार्थियों की तरफ से मदद मिल सकी। आलोक और उनके दोस्तों ने स्लोवाकिया में भारतीय दूतावास का आभार जताया। स्लोवाकिया के भारतीय दूतावास द्वारा उन्हें हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
विद्यार्थियों को ठहरने के लिए होटल दिलाया गया है। यहां पहुंचने के बाद आलोक और उनके दोस्तों ने राहत की सांस ली है। यहां सबकुछ आसानी से मिल रहा है। आलोक और उनके दोस्तों ने भरोसा जताया है कि उन्हें एक-दो दिन में ही स्वदेश लौटने का मौका मिलेगा।
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यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों का दर्द वहां बिगड़ते हालातों के साथ बढ़ रहा है। एक ओर इन विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना दम तोड़ चुका है। वहीं दूसरी ओर उनकी जान भी सांसत में फंस गई है। मंगलवार को एक बार फिर कस्बे के छात्र आलोक चौधरी ने स्लोवाकिया से वीडियो शेयर कर भारतीय सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
छात्र ने अब तक के कठिन सफर का भी जिक्र वीडियो में किया है। मुरसान रोड निवासी राजेंद्र सिंह के बेटे आलोक चौधरी ने तीन दिन पहले पोलैंड सीमा से वीडियो शेयर कर यूक्रेन के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी।
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मंगलवार को आलोक चौधरी ने मथुरा निवासी अपने दोस्त सचिन चौधरी और गुजरात के पूजन मोदी के साथ वीडियो बनाकर स्थानीय मीडिया को भेजा है। वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है। वीडियो में आलोक चौधरी ने बताया कि वह करीब 35 किलोमीटर पैदल चलकर विश्वविद्यालय से पोलैंड सीमा तक पहुंचे थे।
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यहां यूक्रेन के सैनिकों द्वारा छात्राओं के साथ अभद्रता और मारपीट की जा रही है। उनके पासपोर्ट चोरी कर लिए गए हैं। हम 30 किलो लगेज के साथ सुरक्षित स्थान के लिए भटक रहे हैं। जंगल से लकड़ी जमा कर माइनस टेंपरेचर में रात काटनी पड़ रही है। खाने-पीने और दवा का कोई इंतजाम नहीं है। यूक्रेन में नकदी की दिक्कत भी बढ़ गई है।
टैक्सी के किराये के लिए बड़ी जद्दोजहद के बाद नकदी का इंतजाम हो पा रहा है। आलोक चौधरी ने बताया कि चचेरे भाई जितेंद्र सिंह की मदद से उन्हें पता चला कि स्लोवाकिया सीमा पर भारतीय छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।
आलोक दोस्तों के साथ स्लोवाकिया सीमा पर पहुंचे और चार-पांच घंटे बर्फबारी में गुजारने के बाद उन्हें स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय विद्यार्थियों की तरफ से मदद मिल सकी। आलोक और उनके दोस्तों ने स्लोवाकिया में भारतीय दूतावास का आभार जताया। स्लोवाकिया के भारतीय दूतावास द्वारा उन्हें हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
विद्यार्थियों को ठहरने के लिए होटल दिलाया गया है। यहां पहुंचने के बाद आलोक और उनके दोस्तों ने राहत की सांस ली है। यहां सबकुछ आसानी से मिल रहा है। आलोक और उनके दोस्तों ने भरोसा जताया है कि उन्हें एक-दो दिन में ही स्वदेश लौटने का मौका मिलेगा।