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हाथरस : पांच एसडीओ की कमी, बिजली व्यवस्था रामभरोसे
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बिजली व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। बीते दिनों पांच उपखंड अधिकारी (एसडीओ) के प्रमोशन हो गए। इस कारण उनका तबादला कर दिया गया है। शहर से देहात तक वर्तमान में पांच एसडीओ की कमी चल रही है। इस कारण बिजली सिस्टम की निगरानी गड़बड़ा रही है। आए-दिन बिजली गुल होने के कारण लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। सिस्टम की निगरानी के लिए एक अवर अभियंता (जेई) को दो बिजलीघर दिए गए हैं। चार जेई के ऊपर एक एसडीओ की तैनाती है। खास बात यह है कि हाथरस शहर, सादाबाद, सासनी आदि स्थानों पर तैनात एसडीओ का प्रमोशन हो गया। इस कारण उनका तबादला अन्य जिलों में हो गया है। एसडीओ की मौजूदगी न होने के कारण बिजली आपूर्ति का सिस्टम गड़बड़ा रहा है। राजस्व वसूली की हालत भी सही नहीं चल रही है।
बृहस्पतिवार को शहर के नवीपुर, जलकल संस्थान, ओढ़पुरा, कांशीराम टाउनशिप आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए। इस कारण कई घंटे बिजली गुल रही। देहात में सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, उघई, चंदपा आदि उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में ब्रेक डाउन हो गए। इस कारण लोगों को काफी देर तक बिना बिजली के रहना पड़ा। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि पांच एसडीओ का तबादला हो गया है। इनकी जगह कोई नई तैनाती नहीं की गई है। संवाद
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कभी रात तो कभी दिन में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिजली आपूर्ति पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। लाइनों को जल्द बदला जाए, ताकि बिजली पर्याप्त मिल सके। -महेश शर्मा
आज के समय में बिजली दिनचर्या का अहम अंग बन गई है। कई-कई घंटे बिजली गुल होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। उद्योग धंधों पर असर पड़ने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-पुनीत अग्रवाल
एक तरफ सरकार लोगों को भरपूर बिजली देने की बात कह रही है। दूसरी ओर हर रोज बिजली बाधित होने के कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बिजली सिस्टम भगवान भरोसे चल रहा है।
-महेश वार्ष्णेय
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जिले में बिजली व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। बीते दिनों पांच उपखंड अधिकारी (एसडीओ) के प्रमोशन हो गए। इस कारण उनका तबादला कर दिया गया है। शहर से देहात तक वर्तमान में पांच एसडीओ की कमी चल रही है। इस कारण बिजली सिस्टम की निगरानी गड़बड़ा रही है। आए-दिन बिजली गुल होने के कारण लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। सिस्टम की निगरानी के लिए एक अवर अभियंता (जेई) को दो बिजलीघर दिए गए हैं। चार जेई के ऊपर एक एसडीओ की तैनाती है। खास बात यह है कि हाथरस शहर, सादाबाद, सासनी आदि स्थानों पर तैनात एसडीओ का प्रमोशन हो गया। इस कारण उनका तबादला अन्य जिलों में हो गया है। एसडीओ की मौजूदगी न होने के कारण बिजली आपूर्ति का सिस्टम गड़बड़ा रहा है। राजस्व वसूली की हालत भी सही नहीं चल रही है।
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बृहस्पतिवार को शहर के नवीपुर, जलकल संस्थान, ओढ़पुरा, कांशीराम टाउनशिप आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए। इस कारण कई घंटे बिजली गुल रही। देहात में सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, उघई, चंदपा आदि उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में ब्रेक डाउन हो गए। इस कारण लोगों को काफी देर तक बिना बिजली के रहना पड़ा। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि पांच एसडीओ का तबादला हो गया है। इनकी जगह कोई नई तैनाती नहीं की गई है। संवाद
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कभी रात तो कभी दिन में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिजली आपूर्ति पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। लाइनों को जल्द बदला जाए, ताकि बिजली पर्याप्त मिल सके। -महेश शर्मा
आज के समय में बिजली दिनचर्या का अहम अंग बन गई है। कई-कई घंटे बिजली गुल होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। उद्योग धंधों पर असर पड़ने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-पुनीत अग्रवाल
एक तरफ सरकार लोगों को भरपूर बिजली देने की बात कह रही है। दूसरी ओर हर रोज बिजली बाधित होने के कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बिजली सिस्टम भगवान भरोसे चल रहा है।
-महेश वार्ष्णेय