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हाथरस : 14 नवंबर से बजेंगी शहनाइयां, कारोबारियों को सहालग से आस
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हाथरस : सहालग से पूर्व पूर्वाभ्यास करते बैंड कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
14 नवंबर को चार माह बाद देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु जागेंगे। इसी के साथ शादी के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। दो वर्षों से कोरोना की मार झेल रहे सहालग कारोबारी से जुड़े लोग बेहतर कारोबार की आस लगाए बैठे हैं। हालांकि सहालग शुरू होने से पहले शादियों की बुकिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना काल की भरपाई इस बार हो जाएगी। 14 नवंबर से शुरू हो रहे सहालग 20 फरवरी तक रहेंगे। पंचांग में भले ही शादी के 30 मुहूर्त हों, लेकिन 45 दिन से ऊपर शादियां होंगी। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना काल में जो शादियां रुक गईं थीं, वह फरवरी तक के मुहूर्तों में संपन्न होंगी।
हिंदु मान्यताओं के अनुसार 20 जुलाई 2021 को देवशयन एकादशी के अवसर पर देव शयन के लिए चले गए थे। इससे विवाह और शुभ कार्य रुक गए थे। इसके चार महीने बाद देवोत्थान एकादशी के मौके पर अब देव फिर से जागेंगे। उनके जागने के साथ-साथ विवाह के शुभ मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएंगे। विगत दो वर्षों से कोरोना के कारण सरकार की बंदिशों के कारण सामूहिक रूप से विवाह कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पा रहा था। हालांकि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के चलते इस बार शादी समारोह भव्यता से होंगे। शहर में 14 नवंबर से शादियों का दौर शुरू हो जाएगा।
14 और 15 नवंबर को बड़ा सहालग है। ऐसे में सभी गेस्ट हाउस पहले से ही बुक हो गए हैं। बैंड बाजा संचालकों ने तीन-तीन शिफ्टों में बुकिंग ले रखी है। त्योहार गुजरने के बाद सहालग को लेकर तैयारी तेज हो गई हैं। वहीं 14 नवंबर से लेकर 20 फरवरी तक पंचांग में 30 मुहूर्त हैं, जबकि इन 30 मुहूर्तों के अलावा भी 15 दिन से अधिक शादियां हो रही हैं।
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ये है शादी के शुभ महुर्त
14 नवंबर देवोत्थान एकादशी, पांच फरवरी को बसंत पंचमी, चार मार्च को फुलैरा दौज है। शुभ विवाह के मुहूर्त 16, 20, 21, 28, 29, व तीस नवंबर। एक, दो, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13 दिसंबर शादियों के लिए शुभ मुहूर्त हैं।
इस बार शादियां धूमधाम से हो रही हैं। एक दिन में तीन शिफ्ट की बुकिंग हो रही है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हालात सही बनी रहें। जिससे कारोबार से जुड़े लोगों का परिवारों का भरण पोषण हो सके।
- केदारी ताऊ, बैंड संचालक
कोरोना काल के बाद दिवाली के त्योहार पर रौनक लौटी है। अब बाजार में सहालग की खरीदारी शुरू हो गई है। लोगों की खरीदारी को देखते हुए लग रहा है कि सहालगों में हर कारोबार गति पकड़ेगा।
- पवन बंसल श्रीजी साड़ी
14 नवंबर को मुहूर्त के साथ सहालग शुरू हो रहे हैं। इस बार बीस फरवरी तक तीस शुभ मुहूर्त हैं। अधिक दिन शादियां होने के कारण वर कन्या की कुंडली मिलना है। कुंडली के मिलान से मुहूर्त के अलावा विवाह कर सकते हैं।
- गोविंद बल्लभ, ज्योतिषाचार्य।
दिवाली पर बाजार में थोड़ा बूम आया था। अब सहालग की भीड़ बाजार में आ रही है। लोग शादी की तैयारियों के लिए आभूषण तैयार करा रहे हैं। सहालगों से बाजार में काफी उछाल आने की उम्मीद है। कोरोना काल में जो घाटा हुआ है ,वह पूरा होने की उम्मीद है।
- बलवीर वर्मा, सराफा कारोबारी
मेरी शादी सात दिसंबर की है। शादी के लिए बैंड की बुकिंग करने के लिए आए हैं। शहर के गेस्ट हाउस व मैरिज होम फुल हो गए हैं। इस बार शादियां ज्यादा हो रही हैं। इस कारण बैंड की बुकिंग की दूसरी शिफ्ट मिल रही है।
- अरविंद कुमार
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14 नवंबर को चार माह बाद देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु जागेंगे। इसी के साथ शादी के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। दो वर्षों से कोरोना की मार झेल रहे सहालग कारोबारी से जुड़े लोग बेहतर कारोबार की आस लगाए बैठे हैं। हालांकि सहालग शुरू होने से पहले शादियों की बुकिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना काल की भरपाई इस बार हो जाएगी। 14 नवंबर से शुरू हो रहे सहालग 20 फरवरी तक रहेंगे। पंचांग में भले ही शादी के 30 मुहूर्त हों, लेकिन 45 दिन से ऊपर शादियां होंगी। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना काल में जो शादियां रुक गईं थीं, वह फरवरी तक के मुहूर्तों में संपन्न होंगी।
हिंदु मान्यताओं के अनुसार 20 जुलाई 2021 को देवशयन एकादशी के अवसर पर देव शयन के लिए चले गए थे। इससे विवाह और शुभ कार्य रुक गए थे। इसके चार महीने बाद देवोत्थान एकादशी के मौके पर अब देव फिर से जागेंगे। उनके जागने के साथ-साथ विवाह के शुभ मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएंगे। विगत दो वर्षों से कोरोना के कारण सरकार की बंदिशों के कारण सामूहिक रूप से विवाह कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पा रहा था। हालांकि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के चलते इस बार शादी समारोह भव्यता से होंगे। शहर में 14 नवंबर से शादियों का दौर शुरू हो जाएगा।
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14 और 15 नवंबर को बड़ा सहालग है। ऐसे में सभी गेस्ट हाउस पहले से ही बुक हो गए हैं। बैंड बाजा संचालकों ने तीन-तीन शिफ्टों में बुकिंग ले रखी है। त्योहार गुजरने के बाद सहालग को लेकर तैयारी तेज हो गई हैं। वहीं 14 नवंबर से लेकर 20 फरवरी तक पंचांग में 30 मुहूर्त हैं, जबकि इन 30 मुहूर्तों के अलावा भी 15 दिन से अधिक शादियां हो रही हैं।
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ये है शादी के शुभ महुर्त
14 नवंबर देवोत्थान एकादशी, पांच फरवरी को बसंत पंचमी, चार मार्च को फुलैरा दौज है। शुभ विवाह के मुहूर्त 16, 20, 21, 28, 29, व तीस नवंबर। एक, दो, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13 दिसंबर शादियों के लिए शुभ मुहूर्त हैं।
इस बार शादियां धूमधाम से हो रही हैं। एक दिन में तीन शिफ्ट की बुकिंग हो रही है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हालात सही बनी रहें। जिससे कारोबार से जुड़े लोगों का परिवारों का भरण पोषण हो सके।
- केदारी ताऊ, बैंड संचालक
कोरोना काल के बाद दिवाली के त्योहार पर रौनक लौटी है। अब बाजार में सहालग की खरीदारी शुरू हो गई है। लोगों की खरीदारी को देखते हुए लग रहा है कि सहालगों में हर कारोबार गति पकड़ेगा।
- पवन बंसल श्रीजी साड़ी
14 नवंबर को मुहूर्त के साथ सहालग शुरू हो रहे हैं। इस बार बीस फरवरी तक तीस शुभ मुहूर्त हैं। अधिक दिन शादियां होने के कारण वर कन्या की कुंडली मिलना है। कुंडली के मिलान से मुहूर्त के अलावा विवाह कर सकते हैं।
- गोविंद बल्लभ, ज्योतिषाचार्य।
दिवाली पर बाजार में थोड़ा बूम आया था। अब सहालग की भीड़ बाजार में आ रही है। लोग शादी की तैयारियों के लिए आभूषण तैयार करा रहे हैं। सहालगों से बाजार में काफी उछाल आने की उम्मीद है। कोरोना काल में जो घाटा हुआ है ,वह पूरा होने की उम्मीद है।
- बलवीर वर्मा, सराफा कारोबारी
मेरी शादी सात दिसंबर की है। शादी के लिए बैंड की बुकिंग करने के लिए आए हैं। शहर के गेस्ट हाउस व मैरिज होम फुल हो गए हैं। इस बार शादियां ज्यादा हो रही हैं। इस कारण बैंड की बुकिंग की दूसरी शिफ्ट मिल रही है।
- अरविंद कुमार