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हाथरस : कम काम करने वाली पंचायतों के सचिव, रोजगार सेवकों पर हो कार्रवाई
सार
पिछले सप्ताह की कार्य योजना के तहत लगभग 60 ग्राम पंचायतों में कार्य न कराए जाने और लगभग 40 से 50 ग्राम पंचायतों में औसत कार्य 10 दिन से कम होने पर नाराजगी जताई। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव तथा रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निष्क्रिय सामुदायिक शौचालयों को तत्काल चालू कराने और लंबित भुगतान कराने के निर्देश भी दिए।
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विस्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बुधवार को ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत से कराए जा रहे विकास कार्यों, तालाबों के सौंदर्यीकरण और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। सामुदायिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव का भी जायजा लिया। मनरेगा में लक्ष्य से कम काम करने वाली पंचायतों के सचिव व रोजगार सेवकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने पुस्तकालय का संचालन एवं खेल के मैदानों को क्रियाशील करने के निर्देश दिए। डीएम ने समस्त डीपीएम हो निर्देश दिए कि वह ब्लॉक में जाकर काम करें। ऐसा न करने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्त ब्लॉकों में खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने एवं आवश्यक स्थानों पर नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में लंबित मनरेगा से संबंधित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि पाया जाता है कि जारी मस्टररोल से कम मजदूरों को काम पर लगाया गया है तथा उपस्थिति मस्टररोल के आधार पर दर्शाई गई है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले सप्ताह की कार्य योजना के तहत लगभग 60 ग्राम पंचायतों में कार्य न कराए जाने और लगभग 40 से 50 ग्राम पंचायतों में औसत कार्य 10 दिन से कम होने पर नाराजगी जताई। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव तथा रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निष्क्रिय सामुदायिक शौचालयों को तत्काल चालू कराने और लंबित भुगतान कराने के निर्देश भी दिए। डीपीआरओ सुबोध जोशी भी मौजूद थीं। संवाद
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जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बुधवार को ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत से कराए जा रहे विकास कार्यों, तालाबों के सौंदर्यीकरण और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। सामुदायिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव का भी जायजा लिया। मनरेगा में लक्ष्य से कम काम करने वाली पंचायतों के सचिव व रोजगार सेवकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने पुस्तकालय का संचालन एवं खेल के मैदानों को क्रियाशील करने के निर्देश दिए। डीएम ने समस्त डीपीएम हो निर्देश दिए कि वह ब्लॉक में जाकर काम करें। ऐसा न करने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्त ब्लॉकों में खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने एवं आवश्यक स्थानों पर नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में लंबित मनरेगा से संबंधित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि पाया जाता है कि जारी मस्टररोल से कम मजदूरों को काम पर लगाया गया है तथा उपस्थिति मस्टररोल के आधार पर दर्शाई गई है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले सप्ताह की कार्य योजना के तहत लगभग 60 ग्राम पंचायतों में कार्य न कराए जाने और लगभग 40 से 50 ग्राम पंचायतों में औसत कार्य 10 दिन से कम होने पर नाराजगी जताई। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव तथा रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निष्क्रिय सामुदायिक शौचालयों को तत्काल चालू कराने और लंबित भुगतान कराने के निर्देश भी दिए। डीपीआरओ सुबोध जोशी भी मौजूद थीं। संवाद