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हाथरस : सचिव ने सुनीं जिला कारागार अलीगढ़ के बंदियों की समस्याएं
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हाथरस : अलीगढ़ कारागार का ऑनलाइन निरीक्षण करती चेतना सिंह। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेश के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने अलीगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल में निरुद्ध सिद्धदोष बंदियों की अपील योजित करने के संबंध में जेल अधिकारियों से जानकारी ली गई।
जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में उच्च न्यायालय में सिद्धदोष बंदियों की कोई भी अपील योजित करने के लिए जनपद हाथरस से संबंधित लंबित नहीं है। सचिव ने पुरुष व महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए जेलर को आवश्यक निर्देश दिए गए। कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी तारीख, पेशी एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली।
बंदियों से आज के भोजन के बारे में पूछा गया। इसके अतिरिक्त बीमार निरुद्ध बंदियों से उनके स्वास्थ्य और उनको दी जाने वाली दवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। जेलर प्रमोद कुमार ने अवगत कराया कि निरुद्ध बंदियों के लिए अपने घर पर बात करने के लिए पीसीओ लगा हुआ है। इसमें 10 फोनों की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने कोई समस्या नहीं बताई। संवाद
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेश के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने अलीगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल में निरुद्ध सिद्धदोष बंदियों की अपील योजित करने के संबंध में जेल अधिकारियों से जानकारी ली गई।
जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में उच्च न्यायालय में सिद्धदोष बंदियों की कोई भी अपील योजित करने के लिए जनपद हाथरस से संबंधित लंबित नहीं है। सचिव ने पुरुष व महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए जेलर को आवश्यक निर्देश दिए गए। कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी तारीख, पेशी एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली।
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बंदियों से आज के भोजन के बारे में पूछा गया। इसके अतिरिक्त बीमार निरुद्ध बंदियों से उनके स्वास्थ्य और उनको दी जाने वाली दवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। जेलर प्रमोद कुमार ने अवगत कराया कि निरुद्ध बंदियों के लिए अपने घर पर बात करने के लिए पीसीओ लगा हुआ है। इसमें 10 फोनों की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने कोई समस्या नहीं बताई। संवाद
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