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हाथरस : मसाले के नमूनों से भरा असली की जगह भेज दिया दूसरा पार्सल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एफडीए द्वारा एक मसाला फैक्टरी से लिए गए मसालों के नमूनों का पार्सल मुख्य डाकघर से तो लखनऊ नहीं पहुंचा, बल्कि 15 दिन बाद फर्जीवाड़ा कर इसके स्थान पर दूसरा पार्सल हाथरस जंक्शन के उपडाकघर से भेज दिया गया। इस साजिश का खुलासा होने पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने फैक्टरी स्वामी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में आखिर किसकी मिलीभगत रही, इसकी पुलिस गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा ने एफडीए की टीम के साथ 13 दिसंबर की रात को मिलावट के संदेह में हिंदू युवा वाहिनी के सह मंडल प्रभारी अनूप वार्ष्णेय पुत्र रमेशचंद्र वार्ष्णेय निवासी चौबे वाली गली की नाई का नगला स्थित मसाला फैक्टरी पर छापा मारा था। फैक्ट्री को सीज कर दिया गया था। वहां रंग और भूसा आदि मिला था। फैक्टरी मालिक कोई कागजात नहीं दिखा सके थे। वहां से कुछ नमूने एफडीए की टीम ने लिए थे और 15 दिसंबर 2020 की दोपहर करीब सवा दो बजे सील्ड रजिस्टर्ड पार्सल द्वारा मुख्य डाकघर हाथरस से जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया था।
यह पार्सल 30 जनवरी 2021 तक नहीं पहुंचा, जबकि 30 दिसंबर 2020 को हाथरस जंक्शन उपडाकघर से असली की जगह लखनऊ के लिए दूसरा पार्सल भेज दिया गया। इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही एफडीए के अधिकारी खुद हैरत में पड़ गए। इस मामले की जांच अभिहित अधिकारी ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी से करने को कहा।
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एफडीए को डाक विभाग के जिम्मेदार लोगों ने स्पष्ट तरीके से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसे लेकर अब अभिहित अधिकारी के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने धारा 420, 468, 471 के तहत फैक्टरी स्वामी अनूप वार्ष्णेय व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में अब इंस्पेक्टर क्राइम राजीव कुमार सभी बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं।
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एफडीए द्वारा एक मसाला फैक्टरी से लिए गए मसालों के नमूनों का पार्सल मुख्य डाकघर से तो लखनऊ नहीं पहुंचा, बल्कि 15 दिन बाद फर्जीवाड़ा कर इसके स्थान पर दूसरा पार्सल हाथरस जंक्शन के उपडाकघर से भेज दिया गया। इस साजिश का खुलासा होने पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने फैक्टरी स्वामी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में आखिर किसकी मिलीभगत रही, इसकी पुलिस गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा ने एफडीए की टीम के साथ 13 दिसंबर की रात को मिलावट के संदेह में हिंदू युवा वाहिनी के सह मंडल प्रभारी अनूप वार्ष्णेय पुत्र रमेशचंद्र वार्ष्णेय निवासी चौबे वाली गली की नाई का नगला स्थित मसाला फैक्टरी पर छापा मारा था। फैक्ट्री को सीज कर दिया गया था। वहां रंग और भूसा आदि मिला था। फैक्टरी मालिक कोई कागजात नहीं दिखा सके थे। वहां से कुछ नमूने एफडीए की टीम ने लिए थे और 15 दिसंबर 2020 की दोपहर करीब सवा दो बजे सील्ड रजिस्टर्ड पार्सल द्वारा मुख्य डाकघर हाथरस से जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया था।
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यह पार्सल 30 जनवरी 2021 तक नहीं पहुंचा, जबकि 30 दिसंबर 2020 को हाथरस जंक्शन उपडाकघर से असली की जगह लखनऊ के लिए दूसरा पार्सल भेज दिया गया। इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही एफडीए के अधिकारी खुद हैरत में पड़ गए। इस मामले की जांच अभिहित अधिकारी ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी से करने को कहा।
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एफडीए को डाक विभाग के जिम्मेदार लोगों ने स्पष्ट तरीके से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसे लेकर अब अभिहित अधिकारी के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने धारा 420, 468, 471 के तहत फैक्टरी स्वामी अनूप वार्ष्णेय व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में अब इंस्पेक्टर क्राइम राजीव कुमार सभी बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं।