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हाथरस : सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट, लेकिन टूटी सड़क और गंदगी से परेशान है आधी आबादी
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ग्रामीणों से बात करती सत्ता संग्राम की टीम।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
अमर उजाला के सत्ता का संग्राम कार्यक्रम में आधी आबादी ने सुरक्षा व्यवस्था पर संतुष्टि जताई, वहीं कई महिलाओं ने शहर में टूटी सड़कों के साथ-साथ गंदगी का मुद्दा उठाया और इस पर नाराजगी जताई। डीआरबी इंटर कॉलेज में हुए कार्यक्रम में उमा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बरेली के मुकाबले हाथरस ज्यादा विकसित नहीं है। बरेली में शिक्षा का अच्छा स्तर है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय काफी प्रसिद्ध है।
हाथरस उस हिसाब से विकसित नहीं हो पाया है। हालांकि महिला सुरक्षा के मामले में हाथरस सही है। उमा का कहना था कि वह वर्तमान सरकार के कामकाज से खुश हैं। पहले के मुकाबले गुंडागर्दी कम हुई है। बेटी बचाओ अभियान चलाने वाली शालिनी पाठक का कहना था कि यहां सरकार की तमाम योजनाओं से महिलाएं और बेटियां लाभान्वित होती हैं। योगी सरकार में कई विकास कार्य हुए हैं।
पहले के मुकाबले महिला सुरक्षा, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। सोनल अग्रवाल ने भी योगी और मोदी सरकार के कामकाज से खुशी जाहिर की। प्रीती वर्मा ने साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में काफी गंदगी रहती है। नालियां भरी हुई हैं। जरा सी बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है। रिटायर्ड शिक्षिका डॉ. ऊषा पाठक ने कहा कि पहले गंदगी का बहुत ढेर रहा करता था। भाजपा की सरकार आने के बाद इसमें काफी बदलाव आया है। वहीं अंजली का कहना था कि नालियों और गंदगी की बहुत बुरी स्थिति है। नाली का पानी सड़कों पर बहता है।
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समाज सेविका डॉ. अनु विमल ने कहा कि पहले के मुकाबले साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर हुई है। हालांकि सड़कों की स्थिति बहुत खराब हो गई है। कोई नेता-मंत्री आता है तो सड़कें बेहतर हो जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मामले में डॉ. अनु विमल ने योगी सरकार की तारीफ की। वहीं सरोज गर्ग ने कहा कि सड़कें, स्वच्छता, बिजली समेत कई मामलों में पहले के मुकाबले बहुत अच्छा काम हुआ है।
हम तो उसी को वोट देंगे जो हमारे देश, प्रदेश और हाथरस के बारे में सोचेगा। दीप्ति अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से काफी बदलाव आया है। हाथरस अच्छा हो रहा है। हालांकि कुछ विकास कार्य और अधिक होने चाहिए। अनीता ने कहा कि अलीगढ़ के मुकाबले हाथरस काफी अच्छा है। यहां जितनी महिलाओं को आजादी है, वहां नहीं है।
चंचल गोयल का भी यही कहना था कि हाथरस में महिलाओं की काफी अच्छी स्थिति है। यहां महिलाएं सुरक्षित हैं। बीनू ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। राजबाला ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पहले की तरह मानदेय मिलना चाहिए।
अच्छा इलाज न मिलने से हुई थी पति की मौत, रो पड़ी शिक्षिका
कार्यक्रम में शिक्षिका नीरू गुप्ता ने जिले की बदतर स्वास्थ्य सेवाओं की बात कही। वह रो भी पड़ीं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में अच्छा इलाज न मिलने के चलते मेरे पति की मौत हो गई। उस वक्त हर कोई परेशान था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि हाथरस में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होनी चाहिए।
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अमर उजाला के सत्ता का संग्राम कार्यक्रम में आधी आबादी ने सुरक्षा व्यवस्था पर संतुष्टि जताई, वहीं कई महिलाओं ने शहर में टूटी सड़कों के साथ-साथ गंदगी का मुद्दा उठाया और इस पर नाराजगी जताई। डीआरबी इंटर कॉलेज में हुए कार्यक्रम में उमा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बरेली के मुकाबले हाथरस ज्यादा विकसित नहीं है। बरेली में शिक्षा का अच्छा स्तर है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय काफी प्रसिद्ध है।
हाथरस उस हिसाब से विकसित नहीं हो पाया है। हालांकि महिला सुरक्षा के मामले में हाथरस सही है। उमा का कहना था कि वह वर्तमान सरकार के कामकाज से खुश हैं। पहले के मुकाबले गुंडागर्दी कम हुई है। बेटी बचाओ अभियान चलाने वाली शालिनी पाठक का कहना था कि यहां सरकार की तमाम योजनाओं से महिलाएं और बेटियां लाभान्वित होती हैं। योगी सरकार में कई विकास कार्य हुए हैं।
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पहले के मुकाबले महिला सुरक्षा, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। सोनल अग्रवाल ने भी योगी और मोदी सरकार के कामकाज से खुशी जाहिर की। प्रीती वर्मा ने साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में काफी गंदगी रहती है। नालियां भरी हुई हैं। जरा सी बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है। रिटायर्ड शिक्षिका डॉ. ऊषा पाठक ने कहा कि पहले गंदगी का बहुत ढेर रहा करता था। भाजपा की सरकार आने के बाद इसमें काफी बदलाव आया है। वहीं अंजली का कहना था कि नालियों और गंदगी की बहुत बुरी स्थिति है। नाली का पानी सड़कों पर बहता है।
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समाज सेविका डॉ. अनु विमल ने कहा कि पहले के मुकाबले साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर हुई है। हालांकि सड़कों की स्थिति बहुत खराब हो गई है। कोई नेता-मंत्री आता है तो सड़कें बेहतर हो जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मामले में डॉ. अनु विमल ने योगी सरकार की तारीफ की। वहीं सरोज गर्ग ने कहा कि सड़कें, स्वच्छता, बिजली समेत कई मामलों में पहले के मुकाबले बहुत अच्छा काम हुआ है।
हम तो उसी को वोट देंगे जो हमारे देश, प्रदेश और हाथरस के बारे में सोचेगा। दीप्ति अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से काफी बदलाव आया है। हाथरस अच्छा हो रहा है। हालांकि कुछ विकास कार्य और अधिक होने चाहिए। अनीता ने कहा कि अलीगढ़ के मुकाबले हाथरस काफी अच्छा है। यहां जितनी महिलाओं को आजादी है, वहां नहीं है।
चंचल गोयल का भी यही कहना था कि हाथरस में महिलाओं की काफी अच्छी स्थिति है। यहां महिलाएं सुरक्षित हैं। बीनू ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। राजबाला ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पहले की तरह मानदेय मिलना चाहिए।
अच्छा इलाज न मिलने से हुई थी पति की मौत, रो पड़ी शिक्षिका
कार्यक्रम में शिक्षिका नीरू गुप्ता ने जिले की बदतर स्वास्थ्य सेवाओं की बात कही। वह रो भी पड़ीं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में अच्छा इलाज न मिलने के चलते मेरे पति की मौत हो गई। उस वक्त हर कोई परेशान था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि हाथरस में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होनी चाहिए।