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हाथरस : चुनावी भंवर में फंसा बिजली महकमे का 741 करोड़ रुपये का राजस्व
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली महकमे ने बकाया को वसूलने व उपभोक्ताओं को ब्याज में राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की शुरुआत की है। इन-दिनों किसान आलू की बुवाई व अन्य कार्यों में लगे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार बिजली बिलों में छूट को लेकर घोषणा न कर दे, इस उम्मीद में उपभोक्ता बिल जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस कारण बिजली महकमे का 741 करोड़ रुपये का राजस्व चुनावी भंवर में फंसा हुआ है। बिजली अधिकारी शहर से देहात तक लोगों को बकाया जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके बावजूद ओटीएस के तहत बकाया जमा कराने का लक्ष्य पूरा करने के लाले पड़ रहे हैं, जिससे अधिकारी तनाव में हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। विभाग का जिले में अच्छा-खासा बकाया भी है। शासन स्तर से बीते दिनों तीन नवंबर तक ओटीएस की घोषणा की गई है। ओटीएस को भुनाने के लिए बिजली अधिकारियों द्वारा प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो बिजली अधिकारियों को साफ निर्देश है कि किसी बकायेदार का कनेक्शन नहीं काटना है। बकाया पर कनेक्शन न कटने के कारण लोग बकाया जमा करने की सुधि नहीं ले रहे हैं। इस कारण विभाग की ओटीएस काफी धीमी गति से चल रही है। हालांकि शहर में करीब 30 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त हो गया है। देहात में ओटीएस की ज्यादा स्थिति खराब है। आमजन से लेकर अन्नदाता तक यह कयास भी लगा रहे हैं कि ओटीएस की तिथि बढ़ेगी, इसलिए वह भी बिल जमा नहीं कर रहे हैं। संवाद
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बिजली महकमे ने बकाया को वसूलने व उपभोक्ताओं को ब्याज में राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की शुरुआत की है। इन-दिनों किसान आलू की बुवाई व अन्य कार्यों में लगे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार बिजली बिलों में छूट को लेकर घोषणा न कर दे, इस उम्मीद में उपभोक्ता बिल जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस कारण बिजली महकमे का 741 करोड़ रुपये का राजस्व चुनावी भंवर में फंसा हुआ है। बिजली अधिकारी शहर से देहात तक लोगों को बकाया जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके बावजूद ओटीएस के तहत बकाया जमा कराने का लक्ष्य पूरा करने के लाले पड़ रहे हैं, जिससे अधिकारी तनाव में हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। विभाग का जिले में अच्छा-खासा बकाया भी है। शासन स्तर से बीते दिनों तीन नवंबर तक ओटीएस की घोषणा की गई है। ओटीएस को भुनाने के लिए बिजली अधिकारियों द्वारा प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
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सूत्रों की मानें तो बिजली अधिकारियों को साफ निर्देश है कि किसी बकायेदार का कनेक्शन नहीं काटना है। बकाया पर कनेक्शन न कटने के कारण लोग बकाया जमा करने की सुधि नहीं ले रहे हैं। इस कारण विभाग की ओटीएस काफी धीमी गति से चल रही है। हालांकि शहर में करीब 30 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त हो गया है। देहात में ओटीएस की ज्यादा स्थिति खराब है। आमजन से लेकर अन्नदाता तक यह कयास भी लगा रहे हैं कि ओटीएस की तिथि बढ़ेगी, इसलिए वह भी बिल जमा नहीं कर रहे हैं। संवाद
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