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हाथरस : बसों को अंदर लाने के लिए टीआई की तैनाती करेगा रोडवेज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
तालाब रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज चालू होने के बाद बाईपास से गुजर रहीं अन्य डिपो की बसों को भी अब शहर के अंदर से निकाला जाएगा। इसके लिए बाईपास पर दोनों तरफ रोडवेज द्वारा यातायात निरीक्षक (टीआई) की तैनाती की जाएगी। ओवरब्रिज बनने से बसें तीन किलोमीटर कम दौड़ेंगी। एक लीटर डीजल की बचत होगी। इससे डिपो को आर्थिक फायदा होगा। लंबे समय बाद शहर के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय कि बाईपास से बसें निकालने पर यह दूरी तीन किलोमीटर बढ़ जाती है। जब ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो हाथरस डिपो को छोड़कर सभी डिपो की बसें बाईपास से होकर निकलने लगीं। दूरी बढ़ने के साथ रोडवेज के अधिकारियों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव अफसरों को भेजा। निगम स्तर से यात्रियों का राहत देने के लिए किराया नहीं बढ़ाया गया। इस कारण डिपो कई सालों से घाटे से जूझ रहा था।
अब ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। सभी डिपो की बसों को अंदर से निकालने के लिए बाईपास के दोनों छोरों पर टीआई की तैनाती की जाएगी। ये बसों को अंदर से निकलवाएंगे। यदि कोई बस बाईपास से गुजरती है तो संबधित डिपो के एआरएम को पत्र लिखकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से तीन किलोमीटर की दूरी कम हो गई है। करीब एक लीटर डीजल की बचत होगी। संवाद
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तालाब रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज चालू होने के बाद बाईपास से गुजर रहीं अन्य डिपो की बसों को भी अब शहर के अंदर से निकाला जाएगा। इसके लिए बाईपास पर दोनों तरफ रोडवेज द्वारा यातायात निरीक्षक (टीआई) की तैनाती की जाएगी। ओवरब्रिज बनने से बसें तीन किलोमीटर कम दौड़ेंगी। एक लीटर डीजल की बचत होगी। इससे डिपो को आर्थिक फायदा होगा। लंबे समय बाद शहर के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय कि बाईपास से बसें निकालने पर यह दूरी तीन किलोमीटर बढ़ जाती है। जब ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो हाथरस डिपो को छोड़कर सभी डिपो की बसें बाईपास से होकर निकलने लगीं। दूरी बढ़ने के साथ रोडवेज के अधिकारियों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव अफसरों को भेजा। निगम स्तर से यात्रियों का राहत देने के लिए किराया नहीं बढ़ाया गया। इस कारण डिपो कई सालों से घाटे से जूझ रहा था।
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अब ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। सभी डिपो की बसों को अंदर से निकालने के लिए बाईपास के दोनों छोरों पर टीआई की तैनाती की जाएगी। ये बसों को अंदर से निकलवाएंगे। यदि कोई बस बाईपास से गुजरती है तो संबधित डिपो के एआरएम को पत्र लिखकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से तीन किलोमीटर की दूरी कम हो गई है। करीब एक लीटर डीजल की बचत होगी। संवाद
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