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हाथरस : डीएपी की कालाबाजारी में उर्वरक विक्रेता पर रिपोर्ट दर्ज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में डीएपी खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए कृषि विभाग की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ छापामार कार्रवाई की जा रही है। एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ डीएपी की कालाबाजारी करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने मैसर्स शुभम ट्रेडर्स मानिकपुर (सहपऊ) की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान डीएपी उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और भौतिक सत्यापन के समय स्टॉक में अंतर पाया गया। डीएओ ने फर्म स्वामी सुधीर कुमार जैन, निवासी जलेसर रोड मानिकपुर के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियिम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कोतवाली सहपऊ में एफआईआर दर्ज कराई है। इस दुकान की जांच उपजिलाधिकारी सादाबाद द्वारा भी की गई।
विक्रेताओं को सचेत किया गया है कि उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग करने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को दैनिक रूप से स्टॉक बोर्ड पर उर्वरक उपलब्धता एवं उर्वरक की दर अंकित कर स्टॉक एवं बिक्री पंजिका, किसानों को बिक्री किए गए उर्वरक से संबंधित कृषकों के आधार एवं खतौनी अभिलेख अपने पास सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। किसानों से कहा है कि आलू की फसल के लिए डीएपी का उपयोग 14 किग्रा प्रति बीघा एवं एनपीके का उपयोग 20 किग्रा प्रति बीघा के हिसाब से ही करें। संवाद
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जिले में डीएपी खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए कृषि विभाग की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ छापामार कार्रवाई की जा रही है। एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ डीएपी की कालाबाजारी करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने मैसर्स शुभम ट्रेडर्स मानिकपुर (सहपऊ) की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान डीएपी उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और भौतिक सत्यापन के समय स्टॉक में अंतर पाया गया। डीएओ ने फर्म स्वामी सुधीर कुमार जैन, निवासी जलेसर रोड मानिकपुर के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियिम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कोतवाली सहपऊ में एफआईआर दर्ज कराई है। इस दुकान की जांच उपजिलाधिकारी सादाबाद द्वारा भी की गई।
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विक्रेताओं को सचेत किया गया है कि उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग करने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को दैनिक रूप से स्टॉक बोर्ड पर उर्वरक उपलब्धता एवं उर्वरक की दर अंकित कर स्टॉक एवं बिक्री पंजिका, किसानों को बिक्री किए गए उर्वरक से संबंधित कृषकों के आधार एवं खतौनी अभिलेख अपने पास सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। किसानों से कहा है कि आलू की फसल के लिए डीएपी का उपयोग 14 किग्रा प्रति बीघा एवं एनपीके का उपयोग 20 किग्रा प्रति बीघा के हिसाब से ही करें। संवाद
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