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अंतरिम बजट में हाथरस रहा खाली हाथ अब पूर्ण बजट पर उद्यमियों की निगाह
Sat, 02 Feb 2019 12:28 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:28 AM IST
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हाथरस में आम बजट का प्रसारण देेेखते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। मोदी सरकार के अंतरिम बजट में आयकर में दी गई छूट से जहां आम आदमी खुश है, वहीं लघु किसान भी छह हजार रुपये सालाना मिलने की घोषणा से प्रसन्न है। आम व्यापारियों, उद्यमियों, नौकरी पेशा लोगों ने बजट को राहत भरा बताया है।
हालांकि स्थानीय उद्यमियों को इस बात का फिर अफसोस है कि यहां के परम्परागत उद्योग धंधों के लिए अंतरिम बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। जिससे यहां के परंपरागत उद्योगों को संजीवनी मिलती। हालाकि व्यापारियों को आस है कि अगले पूर्ण बजट में हो सकता है कि यहां के परंपरागत उद्योगों पर सरकार की नजर जाए और उन्हें दिन फिर सके।
हाथरस हींग, रंग-गुलाल, अचार-मुरब्बा, दाल, रेडीमेड गारमेंट्स , मेटल हेंडीक्राफ्ट, गलीचा, हैंडलूम, मसाला उद्योग के अलावा पुरदिलनगर के मूंगा-मोती, बिसावर के घुंघरु, हसायन के इत्र और चूड़ी उद्योग का हब माना जाता है।
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हालांकि स्थानीय उद्यमियों को इस बात का फिर अफसोस है कि यहां के परम्परागत उद्योग धंधों के लिए अंतरिम बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। जिससे यहां के परंपरागत उद्योगों को संजीवनी मिलती। हालाकि व्यापारियों को आस है कि अगले पूर्ण बजट में हो सकता है कि यहां के परंपरागत उद्योगों पर सरकार की नजर जाए और उन्हें दिन फिर सके।
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हाथरस हींग, रंग-गुलाल, अचार-मुरब्बा, दाल, रेडीमेड गारमेंट्स , मेटल हेंडीक्राफ्ट, गलीचा, हैंडलूम, मसाला उद्योग के अलावा पुरदिलनगर के मूंगा-मोती, बिसावर के घुंघरु, हसायन के इत्र और चूड़ी उद्योग का हब माना जाता है।
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