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हाथरस : धूप-बारिश की परवाह किए बिना मंजिल की तरफ बढ़ रहे कांवड़िये
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हाथरस : बारिश में भीगते हुए कांवड़ लेकर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते कांवड़िया। संवाद
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
श्रावण मास शुरू होते ही नगर की सड़कों पर कांवड़ियों के जत्थे सजी-धजी कांवड़ों के साथ नजर आने लगे हैं। धूप और बारिश की परवाह किए बिना यह कांवड़िये अपनी मंजिल की तरफ बढ़े जा रहे हैं। इनके मुंह से निकल रहे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। रात और दिन कांवड़ियों के यह जत्थे चल रहे हैं। फिलहाल लंबी दूरी और दूसरे प्रांतों के कांवड़ियों के जत्थे गंगाघाटों से कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। इनकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
बता दें कि श्रावण मास शुरू होते ही सोरों और कछला गंगाघाट से कांवड़िये कांवड़ों में गंगाजल लेकर जाते हैं और हर सोमवार को महादेव का इस गंगाजल से अभिषेक करते हैं। श्रावण मास का पहला सोमवान आने वाला है। लिहाजा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु कांवड़ों में गंगाजल लेकर अपने घर वापस लौट रहे हैं। कई दिनों की पैदल यात्रा के बाद यह कांवड़िये गंतव्य तक पहुंचेंगे। लंबी दूरी के कांवड़ियों के साथ उनके सहायक भी रहते हैं। पूरे दिन की पैदल यात्रा के बाद रात में ये कांवड़िये विश्राम करते हैं।
इस दौरान इनके सहायक कांवड़ उठाकर आगे की यात्रा जारी रखते हैं। अगले दिन यही क्रम दोहराया जाता है। भोले की भक्ति में मस्त ये कांवड़िये धूप और बारिश की परवाह न करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश के ग्वालियर, राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर के कांवड़ियें अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे हैं। श्रावण मास के चारों सोमवार को यह सिलसिला जारी रहेगा। संवाद
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कांवड़ यात्रा के दौरान कासगंज रोड और गांच कचौरा की तरफ लगातार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। पुलिस की गाड़ियां निरंतर गश्त करती रहती हैं। कांवड़ियों को रास्ते में परेशानी न हो, इसके लिए क्षेत्रीय पुलिस लगातार सक्रिय रहती है।
-सुरेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ
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श्रावण मास शुरू होते ही नगर की सड़कों पर कांवड़ियों के जत्थे सजी-धजी कांवड़ों के साथ नजर आने लगे हैं। धूप और बारिश की परवाह किए बिना यह कांवड़िये अपनी मंजिल की तरफ बढ़े जा रहे हैं। इनके मुंह से निकल रहे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। रात और दिन कांवड़ियों के यह जत्थे चल रहे हैं। फिलहाल लंबी दूरी और दूसरे प्रांतों के कांवड़ियों के जत्थे गंगाघाटों से कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। इनकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
बता दें कि श्रावण मास शुरू होते ही सोरों और कछला गंगाघाट से कांवड़िये कांवड़ों में गंगाजल लेकर जाते हैं और हर सोमवार को महादेव का इस गंगाजल से अभिषेक करते हैं। श्रावण मास का पहला सोमवान आने वाला है। लिहाजा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु कांवड़ों में गंगाजल लेकर अपने घर वापस लौट रहे हैं। कई दिनों की पैदल यात्रा के बाद यह कांवड़िये गंतव्य तक पहुंचेंगे। लंबी दूरी के कांवड़ियों के साथ उनके सहायक भी रहते हैं। पूरे दिन की पैदल यात्रा के बाद रात में ये कांवड़िये विश्राम करते हैं।
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इस दौरान इनके सहायक कांवड़ उठाकर आगे की यात्रा जारी रखते हैं। अगले दिन यही क्रम दोहराया जाता है। भोले की भक्ति में मस्त ये कांवड़िये धूप और बारिश की परवाह न करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश के ग्वालियर, राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर के कांवड़ियें अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे हैं। श्रावण मास के चारों सोमवार को यह सिलसिला जारी रहेगा। संवाद
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कांवड़ यात्रा के दौरान कासगंज रोड और गांच कचौरा की तरफ लगातार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। पुलिस की गाड़ियां निरंतर गश्त करती रहती हैं। कांवड़ियों को रास्ते में परेशानी न हो, इसके लिए क्षेत्रीय पुलिस लगातार सक्रिय रहती है।
-सुरेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ