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हाथरस : 14 पूर्व प्रधानों और सचिवों से होगी 68.71 लाख रुपये की रिकवरी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वित्तीय वर्ष 2014-15 में हुए ऑडिट में जिले की 14 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। यह अनियमितता ऑडिट के दौरान लेखा परीक्षा विभाग ने पकड़ी है। विभाग ने इस दौरान कार्यरत रहे संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों से 68.71 लाख रुपये की रिकवरी (वसूली) करने के आदेश जारी किए हैं। इसे लेकर संबंधित तत्कालीन पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
शासन की ओर से जिले की ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के सापेक्ष धनराशि का व्यय किया गया। शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि का ऑडिट लेखा परीक्षा विभाग की ओर से किया गया। ऑडिट में लेखा परीक्षा विभाग ने खर्च धनराशि के मदों और बिलों का मिलान किया। इस दौरान पता चला कि 14 ग्राम पंचायतों में खर्च के धनराशि के सापेक्ष बिलों को नहीं लगाया गया है, जिससे वित्तीय अनियमितता सामने आ रही है।
लेखा परीक्षा विभाग ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि हसायन की ग्राम पंचायत जाऊ इनायतपुर में पांच हजार रुपये, ग्राम पंचायत फुलरई मुगलगढ़ी में एमडीएम खाता संख्या 991010140003 से 18500 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया। निधि खाते से पांच हजार रुपये का आहरण किया गया। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई है। शौर्य ट्रेडिंग कंपनी को ग्राम निधि खाता संख्या एक से 30 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
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इसे कैश बुक में दर्शाया गया है। व्यय पक्ष में इस कंपनी से कोई वस्तु या सामग्री प्राप्त नहीं की गई। माह मई 2012 में आय-व्यय का योग क्रमश: 5,31,748 रुपये व 5,01,748 रुपये और नकद अवशेष 30 हजार रुपये कच्ची पैंसिल से लगाकर दर्शाया गया है, लेकिन इस अवशेष को मात्र 50 पैसे दर्शाया गया है। इस क्रम में ग्राम पंचायत गिनौली किशनपुर में ग्राम निधि-1 खाते से ग्राम पंचायत अमृतपुर असदपुर के चेक से 10 हजार रुपये की निकासी कर दी है। यह गंभीर मामला है। अत: इस धनराशि की वापसी ग्राम पंचायत गिनौली किशनपुर के खाते में कराई जानी है।
ग्राम पंचायत सिहोरी में छात्रवृत्ति खाते से 41,880 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया। ग्राम पंचायत बकायन में ग्राम निधि-1 से 1,25,482 रुपये के अनुदान की प्राप्ति के बाद बैंक अवशेष 3,24,122.90 रुपये को चेक के माध्यम से 48,000 रुपये की निकासी के पश्चात बैंक में बकाया राशि 256122.90 दर्शाया है, जबकि बैंक में अवशेष 27,6,122 रुपये होता है। ग्राम पंचायत द्वारा चेक बुक व उसके प्रतिपर्ण मांगने पर भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ग्राम पंचायत मलामई में पांच हजार रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत बरसौली में विभिन्न मदों र्से इंट 21,25,900, निर्माण सामग्री 3,94,750, शौचालय सामग्री 5,41,164, स्ट्रीट लाइट 3,46,750 रुपये में क्रय की गई। व्यय के लिए कोटेशन टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई गई है। अत: 34,08,564 रुपये की ब्याज सहित वसूली करने के निर्देश द्रिए गए हैं।
ग्राम पंचायत अंडौली में लेखा परीक्षा वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक विभिन्न मदों र्में इंट पर 21,86,075, निर्माण सामग्री पर 5,40,700, स्ट्रीट लाइट पर 12,4,550 रपये का व्यय किया गया है सामग्री क्रय करने से पूर्व कोटेशन और टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई गई। ग्राम पंचायत महमूदपुर खेड़िया टप्पा में 34,500 रुपये का कृष्णा सुदामा ईंट उद्योग को भुगतान किया गया है। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई और न ही इसके क्रय का कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है. जो सीधा गबन है। माह जुलाई 2012 का नकद 2000 रुपये से कम दर्शित कर अपहरण किया गया। चौधरी फर्टिलाइजर्स के नाम 10 हजार रुपये का चेक जारी किया गया है। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई है।
इस क्रम में ग्राम पंचायत डंडेसरी में माह मई 2013 के आय पक्ष का योग 1,65,449 रुपये है, जबकि लेखा परीक्षा के अनुसार व्यय पक्ष को योग 90,449 रुपये है। इस प्रकार आय-व्यय में 75,000 रुपये का अंतर है। सितंबर माह में ग्राम निधि खाता संख्या छह में निर्मल भारत योजना के तहत 65,600 रुपये का चेक निर्गत किया गया। इसकी प्रविष्टि फेसबुक में नहीं की गई है। ग्राम निधि छह से 80,000 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत अखईपुर में वर्ष 2012-13 से 2014-15 तक हैंडपंप की मरम्मत मरम्मत पर 71,055 रुपये, 1,10,562 रुपये व 1,16,926 रुपये का व्यय दर्शित है, लेकिन तीनों वित्तीय वर्षों में पुराने सामान अर्थात स्क्रैप की बिक्री से आय बिल्कुल नहीं दिखाई गई। इससे स्पष्ट है कि या तो नया सामान क्रय नहीं किया गया अथवा स्क्रेप बिक्री की चोरी की गई है। ग्राम पंचायत चंदैया में मिष्ठान वितरण खुद की आय से न कर राजकीय अनुदान से किया गया, जो अनियमितता है।
ग्राम पंचात नाई नगला ताहर में 48000 रुपये का भुगतान राधा ईंट उद्योग को किया गया। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई। ग्राम पंचायत नीरजा गोकुलपुर में ग्राम निधि एक खाते से दो बार पांच-पांच हजार रुपये का सीधे आहरण किया गया। लेखा परीक्षा वर्ष 2014-15 में माह जून के अंत में आय पक्ष का योग 3,43,709 रुपये होता है, जबकि कैशबुक में आय पक्ष का योग 3,27,709 रुपये एवं व्यय का योग 3,27,709 रुपये दर्शाया गया है। इस प्रकार आय पक्ष 16000 रुपये कम दर्शाकर 16000 रुपये का आहरण किया गया। संवाद
14 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों को बिल बाउचर उपलब्ध कराने व रिकवरी की धनराशि जमा करने संबंध में नोटिस जारी किए हैं। ऑडिट के दौरान कुछ वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।
सुबोध जोशी, डीपीआरओ हाथरस
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वित्तीय वर्ष 2014-15 में हुए ऑडिट में जिले की 14 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। यह अनियमितता ऑडिट के दौरान लेखा परीक्षा विभाग ने पकड़ी है। विभाग ने इस दौरान कार्यरत रहे संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों से 68.71 लाख रुपये की रिकवरी (वसूली) करने के आदेश जारी किए हैं। इसे लेकर संबंधित तत्कालीन पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
शासन की ओर से जिले की ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के सापेक्ष धनराशि का व्यय किया गया। शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि का ऑडिट लेखा परीक्षा विभाग की ओर से किया गया। ऑडिट में लेखा परीक्षा विभाग ने खर्च धनराशि के मदों और बिलों का मिलान किया। इस दौरान पता चला कि 14 ग्राम पंचायतों में खर्च के धनराशि के सापेक्ष बिलों को नहीं लगाया गया है, जिससे वित्तीय अनियमितता सामने आ रही है।
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लेखा परीक्षा विभाग ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि हसायन की ग्राम पंचायत जाऊ इनायतपुर में पांच हजार रुपये, ग्राम पंचायत फुलरई मुगलगढ़ी में एमडीएम खाता संख्या 991010140003 से 18500 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया। निधि खाते से पांच हजार रुपये का आहरण किया गया। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई है। शौर्य ट्रेडिंग कंपनी को ग्राम निधि खाता संख्या एक से 30 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
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इसे कैश बुक में दर्शाया गया है। व्यय पक्ष में इस कंपनी से कोई वस्तु या सामग्री प्राप्त नहीं की गई। माह मई 2012 में आय-व्यय का योग क्रमश: 5,31,748 रुपये व 5,01,748 रुपये और नकद अवशेष 30 हजार रुपये कच्ची पैंसिल से लगाकर दर्शाया गया है, लेकिन इस अवशेष को मात्र 50 पैसे दर्शाया गया है। इस क्रम में ग्राम पंचायत गिनौली किशनपुर में ग्राम निधि-1 खाते से ग्राम पंचायत अमृतपुर असदपुर के चेक से 10 हजार रुपये की निकासी कर दी है। यह गंभीर मामला है। अत: इस धनराशि की वापसी ग्राम पंचायत गिनौली किशनपुर के खाते में कराई जानी है।
ग्राम पंचायत सिहोरी में छात्रवृत्ति खाते से 41,880 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया। ग्राम पंचायत बकायन में ग्राम निधि-1 से 1,25,482 रुपये के अनुदान की प्राप्ति के बाद बैंक अवशेष 3,24,122.90 रुपये को चेक के माध्यम से 48,000 रुपये की निकासी के पश्चात बैंक में बकाया राशि 256122.90 दर्शाया है, जबकि बैंक में अवशेष 27,6,122 रुपये होता है। ग्राम पंचायत द्वारा चेक बुक व उसके प्रतिपर्ण मांगने पर भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ग्राम पंचायत मलामई में पांच हजार रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत बरसौली में विभिन्न मदों र्से इंट 21,25,900, निर्माण सामग्री 3,94,750, शौचालय सामग्री 5,41,164, स्ट्रीट लाइट 3,46,750 रुपये में क्रय की गई। व्यय के लिए कोटेशन टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई गई है। अत: 34,08,564 रुपये की ब्याज सहित वसूली करने के निर्देश द्रिए गए हैं।
ग्राम पंचायत अंडौली में लेखा परीक्षा वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक विभिन्न मदों र्में इंट पर 21,86,075, निर्माण सामग्री पर 5,40,700, स्ट्रीट लाइट पर 12,4,550 रपये का व्यय किया गया है सामग्री क्रय करने से पूर्व कोटेशन और टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई गई। ग्राम पंचायत महमूदपुर खेड़िया टप्पा में 34,500 रुपये का कृष्णा सुदामा ईंट उद्योग को भुगतान किया गया है। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई और न ही इसके क्रय का कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है. जो सीधा गबन है। माह जुलाई 2012 का नकद 2000 रुपये से कम दर्शित कर अपहरण किया गया। चौधरी फर्टिलाइजर्स के नाम 10 हजार रुपये का चेक जारी किया गया है। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई है।
इस क्रम में ग्राम पंचायत डंडेसरी में माह मई 2013 के आय पक्ष का योग 1,65,449 रुपये है, जबकि लेखा परीक्षा के अनुसार व्यय पक्ष को योग 90,449 रुपये है। इस प्रकार आय-व्यय में 75,000 रुपये का अंतर है। सितंबर माह में ग्राम निधि खाता संख्या छह में निर्मल भारत योजना के तहत 65,600 रुपये का चेक निर्गत किया गया। इसकी प्रविष्टि फेसबुक में नहीं की गई है। ग्राम निधि छह से 80,000 रुपये का आहरण कर कोष बही में दर्ज नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत अखईपुर में वर्ष 2012-13 से 2014-15 तक हैंडपंप की मरम्मत मरम्मत पर 71,055 रुपये, 1,10,562 रुपये व 1,16,926 रुपये का व्यय दर्शित है, लेकिन तीनों वित्तीय वर्षों में पुराने सामान अर्थात स्क्रैप की बिक्री से आय बिल्कुल नहीं दिखाई गई। इससे स्पष्ट है कि या तो नया सामान क्रय नहीं किया गया अथवा स्क्रेप बिक्री की चोरी की गई है। ग्राम पंचायत चंदैया में मिष्ठान वितरण खुद की आय से न कर राजकीय अनुदान से किया गया, जो अनियमितता है।
ग्राम पंचात नाई नगला ताहर में 48000 रुपये का भुगतान राधा ईंट उद्योग को किया गया। इसकी प्रविष्टि कोष बही में नहीं की गई। ग्राम पंचायत नीरजा गोकुलपुर में ग्राम निधि एक खाते से दो बार पांच-पांच हजार रुपये का सीधे आहरण किया गया। लेखा परीक्षा वर्ष 2014-15 में माह जून के अंत में आय पक्ष का योग 3,43,709 रुपये होता है, जबकि कैशबुक में आय पक्ष का योग 3,27,709 रुपये एवं व्यय का योग 3,27,709 रुपये दर्शाया गया है। इस प्रकार आय पक्ष 16000 रुपये कम दर्शाकर 16000 रुपये का आहरण किया गया। संवाद
14 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों को बिल बाउचर उपलब्ध कराने व रिकवरी की धनराशि जमा करने संबंध में नोटिस जारी किए हैं। ऑडिट के दौरान कुछ वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।
सुबोध जोशी, डीपीआरओ हाथरस