{"_id":"60a012c68ebc3efa07751369","slug":"hathras-ramveer-has-an-old-association-with-bjp-hathras-news-ali263193051","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : रामवीर का भाजपा से रहा है पुराना नाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : रामवीर का भाजपा से रहा है पुराना नाता
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उनके परिजनों की राजनीति बसपा में आने के बाद चमकी, लेकिन जब उन्होंने हाथरस में राजनीति शुरू की तो वह वर्ष 1993 में उन्होंने भाजपा से ही टिकट मांगा। वह तब भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार थे। हालांकि तब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव लड़े।
इस चुनाव में रामवीर हार गए। तदुपरांत उन्होंने सपा में भी जोर-आजमाइश की, लेकिन वर्ष 1996 में बसपा ने इन्हें टिकट दे दी तो उसके बाद रामवीर उपाध्याय की राजनीति चमक गई। बसपा में रामवीर के साथ-साथ सीमा उपाध्याय, मुकुल उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, विनोद उपाध्याय की भी राजनीति चमकी। सभी लोग विभिन्न पदों पर रहे। सीमा उपाध्याय ने हालांकि अपनी राजनीति की शुरुआत बसपा से ही की और वह पिछले काफी समय से बसपा में भी निष्क्रिय थीं। इसी वजह से उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्दलीय लड़ा था। अब बसपा के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा है।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उनके परिजनों की राजनीति बसपा में आने के बाद चमकी, लेकिन जब उन्होंने हाथरस में राजनीति शुरू की तो वह वर्ष 1993 में उन्होंने भाजपा से ही टिकट मांगा। वह तब भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार थे। हालांकि तब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव लड़े।
इस चुनाव में रामवीर हार गए। तदुपरांत उन्होंने सपा में भी जोर-आजमाइश की, लेकिन वर्ष 1996 में बसपा ने इन्हें टिकट दे दी तो उसके बाद रामवीर उपाध्याय की राजनीति चमक गई। बसपा में रामवीर के साथ-साथ सीमा उपाध्याय, मुकुल उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, विनोद उपाध्याय की भी राजनीति चमकी। सभी लोग विभिन्न पदों पर रहे। सीमा उपाध्याय ने हालांकि अपनी राजनीति की शुरुआत बसपा से ही की और वह पिछले काफी समय से बसपा में भी निष्क्रिय थीं। इसी वजह से उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्दलीय लड़ा था। अब बसपा के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा है।
विज्ञापन