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हाथरस : जिले की सियासत में रामवीर का दबदबा बरकरार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले की सियासत में फिर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने अपना दबदबा साबित किया है। पहले उन्होंने अपनी रणनीति से अपनी पत्नी सीमा उपाध्याय को भाजपा में शामिल कराकर उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित कराया और अब उनके छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुरसान ब्लॉक से निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। सीमा की जिला पंचायत अध्यक्ष और रामेश्वर की ब्लॉक प्रमुख के रूप में यह तीसरी पारी है।
जिले की सियासत में पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने अपना दबदबा कायम किया है। उन्होंने एक रणनीति के तहत अपनी पत्नी सीमा उपाध्याय, भाई रामेश्वर उपाध्याय और बेटे चिराग उपाध्याय को भाजपा में शामिल कराया। हालांकि अभी तक रामवीर ने खुद भाजपा में शामिल होने की घोषणा नहीं की है और वह बसपा के ही निलंबित विधायक हैं। भाजपा ने भी इसका प्रतिफल उन्हें दिया। भाजपा ने उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया। कड़े मुकाबले में सीमा ने इस चुनाव को जीता।
इसके बाद भाजपा ने रामवीर के छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय को ब्लॉक प्रमुख मुरसान का प्रत्याशी घोषित किया। रामेश्वर के खिलाफ अतुल अग्रवाल ने पर्चा दाखिल किया था लेकिन खामियों के चलते जांच में यह पर्चा खारिज हो गया और रामेश्वर निर्विरोध निर्वाचित हो गए। रामेश्वर को छोड़कर अन्य चारों ब्लॉकों पर भाजपा प्रत्याशियों को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले की सियासत में फिर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने अपना दबदबा साबित किया है। पहले उन्होंने अपनी रणनीति से अपनी पत्नी सीमा उपाध्याय को भाजपा में शामिल कराकर उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित कराया और अब उनके छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुरसान ब्लॉक से निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। सीमा की जिला पंचायत अध्यक्ष और रामेश्वर की ब्लॉक प्रमुख के रूप में यह तीसरी पारी है।
जिले की सियासत में पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने अपना दबदबा कायम किया है। उन्होंने एक रणनीति के तहत अपनी पत्नी सीमा उपाध्याय, भाई रामेश्वर उपाध्याय और बेटे चिराग उपाध्याय को भाजपा में शामिल कराया। हालांकि अभी तक रामवीर ने खुद भाजपा में शामिल होने की घोषणा नहीं की है और वह बसपा के ही निलंबित विधायक हैं। भाजपा ने भी इसका प्रतिफल उन्हें दिया। भाजपा ने उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया। कड़े मुकाबले में सीमा ने इस चुनाव को जीता।
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इसके बाद भाजपा ने रामवीर के छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय को ब्लॉक प्रमुख मुरसान का प्रत्याशी घोषित किया। रामेश्वर के खिलाफ अतुल अग्रवाल ने पर्चा दाखिल किया था लेकिन खामियों के चलते जांच में यह पर्चा खारिज हो गया और रामेश्वर निर्विरोध निर्वाचित हो गए। रामेश्वर को छोड़कर अन्य चारों ब्लॉकों पर भाजपा प्रत्याशियों को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है।
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