{"_id":"601aed1d8ebc3e4b637f7365","slug":"hathras-power-workers-sit-on-protest-against-privatization-and-electricity-reform-bill-hathras-news-ali25534861","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : निजीकरण और विद्युत सुधार बिल के विरोध में विद्युत कर्मियों ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : निजीकरण और विद्युत सुधार बिल के विरोध में विद्युत कर्मियों ने दिया धरना
विज्ञापन
हाथरस: प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के पदाधिकारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सरकार और प्रबंधन के प्रस्तावित निजीकरण व इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली अधिकारी व कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया। अध्यक्षता समिति के जिला संयोजक सत्यवीर सिंह ने की और संचालन विनय कुमार सिंह ने किया। इधर, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने भी निजीकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस मौके पर मांग की गई कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 व विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए लाए गए स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट को निरस्त किया जाए। निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए। नोएडा का निजीकरण और आगरा की फ्रेंचाइजी का करार रद्द किया जाए। सभी विद्युत कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए प्रदेश में यूपीएसआईवीई लिमिटेड गठित किया जाए।
नियमित पदों पर नियमित कर्मियों की भर्ती की जाए। संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। इस मौके पर पवन कुमार अग्रवाल, पवन वर्मा, सुभाषचंद्र, नरेंद्र कुमार जैन, गोपीचंद्र भाष्कर, कृष्णगोपाल, अभय प्रताप, राजाबाबू सारस्वत, रमेश कुमार वर्मा, जयवीर सिंह, मनोज सेंगर, सत्येंद्र मोहन, नरेंद्र कुमार, प्रमोद कुशवाहा, सत्यवीर सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार और प्रबंधन के प्रस्तावित निजीकरण व इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली अधिकारी व कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया। अध्यक्षता समिति के जिला संयोजक सत्यवीर सिंह ने की और संचालन विनय कुमार सिंह ने किया। इधर, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने भी निजीकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस मौके पर मांग की गई कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 व विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए लाए गए स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट को निरस्त किया जाए। निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए। नोएडा का निजीकरण और आगरा की फ्रेंचाइजी का करार रद्द किया जाए। सभी विद्युत कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए प्रदेश में यूपीएसआईवीई लिमिटेड गठित किया जाए।
विज्ञापन
नियमित पदों पर नियमित कर्मियों की भर्ती की जाए। संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। इस मौके पर पवन कुमार अग्रवाल, पवन वर्मा, सुभाषचंद्र, नरेंद्र कुमार जैन, गोपीचंद्र भाष्कर, कृष्णगोपाल, अभय प्रताप, राजाबाबू सारस्वत, रमेश कुमार वर्मा, जयवीर सिंह, मनोज सेंगर, सत्येंद्र मोहन, नरेंद्र कुमार, प्रमोद कुशवाहा, सत्यवीर सिंह आदि थे।
विज्ञापन