{"_id":"611ff8e98ebc3e79c43fa282","slug":"hathras-potato-extraction-stopped-in-the-hope-of-increasing-prices-sasni-news-ali271149121","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : कीमतें बढ़ने की आस में रुकी आलू की निकासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : कीमतें बढ़ने की आस में रुकी आलू की निकासी
विज्ञापन
हाथरस : आलू की छंटाई करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : SASNI
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
आलू की धीमी निकासी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष आलू की कीमतें लगातार कम होती जा रही हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार आलू का भंडारण भी अधिक हुआ है। कीमतें कम होने से आलू की निकासी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है। किसान इसी उम्मीद में आलू की निकासी को रोके हुए हैं कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। ऐसे में कोल्ड स्टोरों से भी आलू की निकासी थम गई है। यदि निकासी की यही स्थिति रही तो निकासी के समय जब एक साथ बाजार में आलू आएगा तो इसकी कीमतें बढ़ने की बजाय और गिर सकती हैं, जिससे किसानों को और घाटा हो सकता है।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार आलू का भंडारण अधिक हुआ है। पैदावार भी अच्छी हुई है, लेकिन कोल्ड स्टोरों से आलू की निकासी धीमी गति से हो रही है। अधिकतम निकासी 20 से 25 प्रतिशत तक हुई है। जो चिंता का विषय है।
चौ. अर्जुन सिंह, कोल्ड स्टोर स्वामी
आलू की निकासी कम हुई है। इसके बावजूद मंडी में आलू की कीमत लगातार गिरती जा रही हैं। आलू के अलावा हरी सब्जी के दाम भी निरंतर घट रहे हैं। यह किसान के लिए चिंता का विषय है।
विज्ञापन
-सतीशचंद्र गुप्ता, आढ़तिया
पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष आलू की अच्छी पैदावार हुई है, लेकिन कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं हो रही है। किसान एक दूसरे के मुंह की तरफ ताक रहा है। किसान कीमत बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा है।
-प्रेमपाल सिंह, किसान निनामई
किसान कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं कर पा रहा है। किसान कीमत बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा है। जब कीमत बढ़ जाएंगी तभी आलू की निकासी करेंगे। यदि यही आलम रहा तो किसान के लिए चिंता बनी रहेगी।
-प्यारेलाल, किसान चंदैया
वर्तमान के भाव में किसान के आलू की लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसान आलू के भाव बढ़ने की आस लगाए बैठा है। अचानक बाजार में अधिक आलू आने से कीमत बढ़ना संभव नहीं है।
-कालीचरण पाठक, किसान नगला गढू
बाजार में हरी सब्जी सस्ती होने से आलू के भाव गिरते जा रहे हैं। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है। एकदम निकासी होने से आलू के दाम बढ़ना संभव नहीं है। किसान को धीरे-धीरे आलू की निकासी बढ़ानी चाहिए।
-शंकरलाल, किसान छौंड़ा
विज्ञापन
आलू की धीमी निकासी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष आलू की कीमतें लगातार कम होती जा रही हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार आलू का भंडारण भी अधिक हुआ है। कीमतें कम होने से आलू की निकासी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है। किसान इसी उम्मीद में आलू की निकासी को रोके हुए हैं कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। ऐसे में कोल्ड स्टोरों से भी आलू की निकासी थम गई है। यदि निकासी की यही स्थिति रही तो निकासी के समय जब एक साथ बाजार में आलू आएगा तो इसकी कीमतें बढ़ने की बजाय और गिर सकती हैं, जिससे किसानों को और घाटा हो सकता है।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार आलू का भंडारण अधिक हुआ है। पैदावार भी अच्छी हुई है, लेकिन कोल्ड स्टोरों से आलू की निकासी धीमी गति से हो रही है। अधिकतम निकासी 20 से 25 प्रतिशत तक हुई है। जो चिंता का विषय है।
विज्ञापन
चौ. अर्जुन सिंह, कोल्ड स्टोर स्वामी
आलू की निकासी कम हुई है। इसके बावजूद मंडी में आलू की कीमत लगातार गिरती जा रही हैं। आलू के अलावा हरी सब्जी के दाम भी निरंतर घट रहे हैं। यह किसान के लिए चिंता का विषय है।
विज्ञापन
-सतीशचंद्र गुप्ता, आढ़तिया
पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष आलू की अच्छी पैदावार हुई है, लेकिन कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं हो रही है। किसान एक दूसरे के मुंह की तरफ ताक रहा है। किसान कीमत बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा है।
-प्रेमपाल सिंह, किसान निनामई
किसान कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं कर पा रहा है। किसान कीमत बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा है। जब कीमत बढ़ जाएंगी तभी आलू की निकासी करेंगे। यदि यही आलम रहा तो किसान के लिए चिंता बनी रहेगी।
-प्यारेलाल, किसान चंदैया
वर्तमान के भाव में किसान के आलू की लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसान आलू के भाव बढ़ने की आस लगाए बैठा है। अचानक बाजार में अधिक आलू आने से कीमत बढ़ना संभव नहीं है।
-कालीचरण पाठक, किसान नगला गढू
बाजार में हरी सब्जी सस्ती होने से आलू के भाव गिरते जा रहे हैं। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है। एकदम निकासी होने से आलू के दाम बढ़ना संभव नहीं है। किसान को धीरे-धीरे आलू की निकासी बढ़ानी चाहिए।
-शंकरलाल, किसान छौंड़ा