{"_id":"62547057fc70b638856170ed","slug":"hathras-police-arrested-a-reward-of-25-thousand-who-was-absconding-for-33-years-hathras-news-ali2890626184","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : 33 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी को पुलिस ने किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : 33 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
विज्ञापन
हाथरस : पुलिस द्वारा पकड़ा गया 25 हजार रुपये का इनामी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पुलिस ने 33 साल से फरार चल रहे दुष्कर्म के सजायाफ्ता अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था। 33 साल पहले वह हाईकोर्ट से पैरोल पर रिहा हुआ था और उसके बाद गलत नाम-पते से दिल्ली जाकर रहने लगा था। पुलिस उसे लंबे समय से तलाश कर रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। अब पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा गठित टीमों ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के रघुनंदन उर्फ रघुनी पुत्र यादराम सिंह के विरुद्ध वर्ष 1986 में एक व्यक्ति ने यह मुकदमा दर्ज कराया था कि रघुनी उसकी नातिनी को बहला फुसला कर ले गया और फिर दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में तब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलीगढ़ ने वर्ष 1987 में साक्ष्यों के आधार पर रघुनदंन उर्फ रघुनी को सजा सुनाई थी। इसके उपरांत रघुनी ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील दाखिल की थी। वर्ष 1989 में उच्च न्यायालय द्वारा उसे सशर्त पैरोल पर रिहा किया गया था। वर्ष 1989 से रघुनंदन उर्फ रघुनी साक्ष्य व अन्य आवश्यक कार्यवाही के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और अपने निवास से चल-अचल संपत्ति बेचकर फ़रार हो गया। इसके बाद रघुनी की तलाश व गिरफ्तारी के लिए उच्च न्यायालय द्वारा अधिपत्र भी निर्गत किए गए थे।
एसपी विनीत जायसवाल ने क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ और थानाध्यक्ष हाथरस जंक्शन के नेतृत्व में टीमों का गठन कर अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी उपरोक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था। एसपी ने एसओजी टीम व सर्विलांस टीम को इसमें भी लगाया गया था। एसपी ने बताया कि पुलिस ने अब रघुनंदन उर्फ रघुनी को बुराड़ी संतनगर, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि पैरोल पर रिहा होने के बाद वह अपनी चल अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया था।
विज्ञापन
गांव के लोगों को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और लोग यही समझते थे कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। वह गांव से अपनी चल अचल संपत्ति बेचकर गलत नाम-पते से अपने बच्चों सहित किराये के मकान में बुराड़ी संतनगर दिल्ली में रह रहा था और दिल्ली में ही कपड़े की दुकान पर काम करता था। फरार होने के बाद वह कभी अपने गांव नहीं लौटा। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में हाथरस जंक्शन थानाध्यक्ष रितेश कुमार, एसओजी प्रभारी गिरीशचंद्र गौतम, प्रभारी सर्विलांस टीम अभय कुमार आदि शामिल थे। संवाद
विज्ञापन
पुलिस ने 33 साल से फरार चल रहे दुष्कर्म के सजायाफ्ता अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था। 33 साल पहले वह हाईकोर्ट से पैरोल पर रिहा हुआ था और उसके बाद गलत नाम-पते से दिल्ली जाकर रहने लगा था। पुलिस उसे लंबे समय से तलाश कर रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। अब पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा गठित टीमों ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के रघुनंदन उर्फ रघुनी पुत्र यादराम सिंह के विरुद्ध वर्ष 1986 में एक व्यक्ति ने यह मुकदमा दर्ज कराया था कि रघुनी उसकी नातिनी को बहला फुसला कर ले गया और फिर दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में तब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलीगढ़ ने वर्ष 1987 में साक्ष्यों के आधार पर रघुनदंन उर्फ रघुनी को सजा सुनाई थी। इसके उपरांत रघुनी ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील दाखिल की थी। वर्ष 1989 में उच्च न्यायालय द्वारा उसे सशर्त पैरोल पर रिहा किया गया था। वर्ष 1989 से रघुनंदन उर्फ रघुनी साक्ष्य व अन्य आवश्यक कार्यवाही के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और अपने निवास से चल-अचल संपत्ति बेचकर फ़रार हो गया। इसके बाद रघुनी की तलाश व गिरफ्तारी के लिए उच्च न्यायालय द्वारा अधिपत्र भी निर्गत किए गए थे।
विज्ञापन
एसपी विनीत जायसवाल ने क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ और थानाध्यक्ष हाथरस जंक्शन के नेतृत्व में टीमों का गठन कर अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी उपरोक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था। एसपी ने एसओजी टीम व सर्विलांस टीम को इसमें भी लगाया गया था। एसपी ने बताया कि पुलिस ने अब रघुनंदन उर्फ रघुनी को बुराड़ी संतनगर, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि पैरोल पर रिहा होने के बाद वह अपनी चल अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया था।
विज्ञापन
गांव के लोगों को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और लोग यही समझते थे कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। वह गांव से अपनी चल अचल संपत्ति बेचकर गलत नाम-पते से अपने बच्चों सहित किराये के मकान में बुराड़ी संतनगर दिल्ली में रह रहा था और दिल्ली में ही कपड़े की दुकान पर काम करता था। फरार होने के बाद वह कभी अपने गांव नहीं लौटा। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में हाथरस जंक्शन थानाध्यक्ष रितेश कुमार, एसओजी प्रभारी गिरीशचंद्र गौतम, प्रभारी सर्विलांस टीम अभय कुमार आदि शामिल थे। संवाद