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हाथरस : मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए जल्द खाली होगी पराग डेयरी
सार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसजिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इसका निर्माण शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस भूमि पर बनी अस्थाई गोशाला से पशुओं को नजदीकी गोशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। पूर्व में केंद्र सरकार के वित्त विभाग की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी गई।
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विस्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इसका निर्माण शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित की गई पराग डेयरी की भूमि पर जनवरी माह में काम शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। इस भूमि पर बनी अस्थाई गोशाला से पशुओं को नजदीकी गोशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से जिला प्रशासन को बजट भी मुहैया करा दिया गया है।
विगत तीन वर्ष पूर्व शासन की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। अपने-अपने क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए राजनेताओं ने पूरा जोर लगाया।
शासनादेश के क्रम में जिला प्रशासन ने पराग डेयरी की भूमि को चयनित कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा। पूर्व में केंद्र सरकार के वित्त विभाग की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी गई।
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प्रशासन की ओर से पराग डेयरी की भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वर्तमान में इस भूमि पर अस्थायी गोशाला बनी है और वहां काफी गोवंश हैं। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। पराग डेयरी की भूमि इसके लिए चयनित की जा चुकी है। पराग डेयरी से जल्द ही गोवंश को नजदीकी गोशालाओं में पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। संवाद
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जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इसका निर्माण शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित की गई पराग डेयरी की भूमि पर जनवरी माह में काम शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। इस भूमि पर बनी अस्थाई गोशाला से पशुओं को नजदीकी गोशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से जिला प्रशासन को बजट भी मुहैया करा दिया गया है।
विगत तीन वर्ष पूर्व शासन की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। अपने-अपने क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए राजनेताओं ने पूरा जोर लगाया।
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शासनादेश के क्रम में जिला प्रशासन ने पराग डेयरी की भूमि को चयनित कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा। पूर्व में केंद्र सरकार के वित्त विभाग की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी गई।
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प्रशासन की ओर से पराग डेयरी की भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वर्तमान में इस भूमि पर अस्थायी गोशाला बनी है और वहां काफी गोवंश हैं। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। पराग डेयरी की भूमि इसके लिए चयनित की जा चुकी है। पराग डेयरी से जल्द ही गोवंश को नजदीकी गोशालाओं में पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। संवाद