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हाथरस : रिटायर मां के वेतन निर्धारण व पेंशन संशोधन के लिए धरने पर बैठे वृद्घ
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हाथरस : बीएसए कार्यालय पर धरने पर बैठे वृद्ध के कागजात देखती पुलिस। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सादाबाद के गांव नगला सेवा का रहने वाला एक व्यक्ति अपनी रिटायर मां के वेतन निर्धारण व पेंशन संशोधन के लिए वर्षों से शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सोमवार की दोपहर को बुजुर्ग व्यक्ति बीएसए कार्यालय पहुंचा। जहां समस्या का निस्तारण न होने पर कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठने की सूचना बीएसए द्वारा पुलिस को सूचना दे दे गई। जिस पर पुलिस ने कार्यालय पहुंच कर बुजुर्ग को समझा-बुझाकर धरने से उठाया।
राजेश उपाध्याय ने पिछले दिनों बीएसए से शिकायत देते हुए कहा था कि उनकी मां चंद्रवती शर्मा पत्नी तुलाराम शर्मा की नियुक्ति बीटीसी के आधार पर 1 जुलाई 1972 में हुई थी। उनका वेतन 10 वर्ष की सेवा के आधार पर एक जुलाई 1982 को निर्धारित किया गया था। आरोप है कि सुविधा शुल्क न मिलने के चलते शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने उनकी सर्विस बुक में कटिंग करके एक जुलाई 1986 को नवीन वेतन निर्धारण उन्हें हाई स्कूल मानकर 1050 ग्रेड पे के साथ कर दिया। जबकि ग्रेड पे अधिक मिलना चाहिए था।
शिकायत का निस्तारण न होने पर सोमवार दोपहर को पीड़ित बीएसए कार्यालय पहुंचा और परिसर में ही धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठ जाने की सूचना बीएसए द्वारा कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को समझा बुझाकर धरना समाप्त कराया। बीएसए शाहीन का कहना है कि पीड़ित की मां मथुरा जिले में तैनात थीं। वहां के बीएसए ने जानकारी दी थी कि सभी देयकों का भुगतान किया जा चुका है। बुजुर्ग बिना वजह कार्यालय परिसर में धरने के लिए बैठ गए थे।
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सादाबाद के गांव नगला सेवा का रहने वाला एक व्यक्ति अपनी रिटायर मां के वेतन निर्धारण व पेंशन संशोधन के लिए वर्षों से शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सोमवार की दोपहर को बुजुर्ग व्यक्ति बीएसए कार्यालय पहुंचा। जहां समस्या का निस्तारण न होने पर कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठने की सूचना बीएसए द्वारा पुलिस को सूचना दे दे गई। जिस पर पुलिस ने कार्यालय पहुंच कर बुजुर्ग को समझा-बुझाकर धरने से उठाया।
राजेश उपाध्याय ने पिछले दिनों बीएसए से शिकायत देते हुए कहा था कि उनकी मां चंद्रवती शर्मा पत्नी तुलाराम शर्मा की नियुक्ति बीटीसी के आधार पर 1 जुलाई 1972 में हुई थी। उनका वेतन 10 वर्ष की सेवा के आधार पर एक जुलाई 1982 को निर्धारित किया गया था। आरोप है कि सुविधा शुल्क न मिलने के चलते शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने उनकी सर्विस बुक में कटिंग करके एक जुलाई 1986 को नवीन वेतन निर्धारण उन्हें हाई स्कूल मानकर 1050 ग्रेड पे के साथ कर दिया। जबकि ग्रेड पे अधिक मिलना चाहिए था।
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शिकायत का निस्तारण न होने पर सोमवार दोपहर को पीड़ित बीएसए कार्यालय पहुंचा और परिसर में ही धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठ जाने की सूचना बीएसए द्वारा कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को समझा बुझाकर धरना समाप्त कराया। बीएसए शाहीन का कहना है कि पीड़ित की मां मथुरा जिले में तैनात थीं। वहां के बीएसए ने जानकारी दी थी कि सभी देयकों का भुगतान किया जा चुका है। बुजुर्ग बिना वजह कार्यालय परिसर में धरने के लिए बैठ गए थे।
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