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हाथरस : बच्चा गायब होने की शिकायत की जांच के लिए पहुंचे अफसर
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हाथरस : गांव लहौर्रा में बच्चा गायब होने की शिकायत की जांच करते एसडीएम। संवाद
- फोटो : SASNI
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
गांव लहौर्रा की प्रसव पीड़ित महिला की शिकायत की जांच करने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. डीके अग्रवाल, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसपी सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। पूछताछ के बाद अधिकारियों की नजर में यह मामला गांव की पार्टीबंदी से प्रेरित है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
गांव लहौर्रा निवासी गीता देवी पुत्री ज्ञान सिंह पांच अगस्त को प्रसव पीड़ा के कारण अपनी मां तुलसा देवी एवं गांव की आशा कार्यकर्ता रामलता के साथ सीएचसी पर आई थीं। रात्रि करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा के दौरान गीता देवी के मरी हुई बच्ची पैदा हुई थी। बच्ची की सुपुर्दगी के बाद गीता देवी को मां तुलसा देवी एवं आशा कार्यकर्ता रामलता के साथ सरकारी एंबुलेंस से गांव भेज दिया गया था। कुछ समय पश्चात गीता देवी ने गांव की आशा कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर बच्चे को गायब करने का आरोप लगाते हुए इसी शिकायत एसडीएम से की।
शुक्रवार को इसकी जांच करने एसडीएम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें और पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। गांव में काफी भीड़ लग गई। आसपास की महिलाओं और मोहल्ले के लोगों के बयान दर्ज किए गए। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी एसपी सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया है कि गीता देवी ने आकर बताया था कि उनके मरी हुई लड़की पैदा हुई थी, लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आकर गीता देवी मिथ्या शिकायत कर रही हैं। संवाद
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गांव लहौर्रा की प्रसव पीड़ित महिला की शिकायत की जांच करने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. डीके अग्रवाल, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसपी सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। पूछताछ के बाद अधिकारियों की नजर में यह मामला गांव की पार्टीबंदी से प्रेरित है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
गांव लहौर्रा निवासी गीता देवी पुत्री ज्ञान सिंह पांच अगस्त को प्रसव पीड़ा के कारण अपनी मां तुलसा देवी एवं गांव की आशा कार्यकर्ता रामलता के साथ सीएचसी पर आई थीं। रात्रि करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा के दौरान गीता देवी के मरी हुई बच्ची पैदा हुई थी। बच्ची की सुपुर्दगी के बाद गीता देवी को मां तुलसा देवी एवं आशा कार्यकर्ता रामलता के साथ सरकारी एंबुलेंस से गांव भेज दिया गया था। कुछ समय पश्चात गीता देवी ने गांव की आशा कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर बच्चे को गायब करने का आरोप लगाते हुए इसी शिकायत एसडीएम से की।
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शुक्रवार को इसकी जांच करने एसडीएम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें और पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। गांव में काफी भीड़ लग गई। आसपास की महिलाओं और मोहल्ले के लोगों के बयान दर्ज किए गए। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी एसपी सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया है कि गीता देवी ने आकर बताया था कि उनके मरी हुई लड़की पैदा हुई थी, लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आकर गीता देवी मिथ्या शिकायत कर रही हैं। संवाद
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