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हाथरस: घरों में रहकर ही करें नमाज अदा
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हाथरस: रमजान से पहले ईदगाह का निरीक्षण करते डीएम और एसपी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण महामारी को लेकर जुमे की नमाज एवं रमजान माह शुरू होने को लेकर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी गौरव बंसवाल ने संयुक्त रूप से शहर की विभिन्न मस्जिदों का भ्रमण करते हुए यथास्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की कि वह घरों में रहकर की नमाज अदा करें।
डीएम ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग चांद देखने के बाद रमजान माह की शुरुआत करते हैं। उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा रमजान के इस माह में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश और जारी एडवाइजरी का पालन करते हुए सामाजिक दूरी के साथ अपने-अपने घरों में रहकर रोजा-ए-शहरी ए इफ्तार तथा तरवीन की नमाज अदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस समय पूरा देश लॉकडाउन की स्थिति से गुजर रहा है।
हर प्रदेश की सरकार, शासन और प्रशासन लोगों को महामारी से बचाने में लगा हुआ है, क्योंकि कोविड-19 ऐसा वायरस है, जो एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। सामूहिक रूप से नमाज अदा करने से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहेगा। शासन द्वारा मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई है एक संक्रमित व्यक्ति हजारों लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐसी सूरत में यह बेहद जरूरी है कि अपने-अपने घरों में नमाज अदा करें एवं लॉकडाउन में सहयोग करें।
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एसपी ने जनपद के सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं और मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि इस पवित्र माह में रोजों के दौरान राष्ट्रीय हित में कोरोना वायरस के संक्रमण से हिफाजत करने के लिए सभी रोजा इफ्तार एवं नमाज अपने घरों पर अदा करें। सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार बिल्कुल नहीं करें।
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कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण महामारी को लेकर जुमे की नमाज एवं रमजान माह शुरू होने को लेकर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी गौरव बंसवाल ने संयुक्त रूप से शहर की विभिन्न मस्जिदों का भ्रमण करते हुए यथास्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की कि वह घरों में रहकर की नमाज अदा करें।
डीएम ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग चांद देखने के बाद रमजान माह की शुरुआत करते हैं। उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा रमजान के इस माह में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश और जारी एडवाइजरी का पालन करते हुए सामाजिक दूरी के साथ अपने-अपने घरों में रहकर रोजा-ए-शहरी ए इफ्तार तथा तरवीन की नमाज अदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस समय पूरा देश लॉकडाउन की स्थिति से गुजर रहा है।
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हर प्रदेश की सरकार, शासन और प्रशासन लोगों को महामारी से बचाने में लगा हुआ है, क्योंकि कोविड-19 ऐसा वायरस है, जो एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। सामूहिक रूप से नमाज अदा करने से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहेगा। शासन द्वारा मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई है एक संक्रमित व्यक्ति हजारों लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐसी सूरत में यह बेहद जरूरी है कि अपने-अपने घरों में नमाज अदा करें एवं लॉकडाउन में सहयोग करें।
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एसपी ने जनपद के सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं और मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि इस पवित्र माह में रोजों के दौरान राष्ट्रीय हित में कोरोना वायरस के संक्रमण से हिफाजत करने के लिए सभी रोजा इफ्तार एवं नमाज अपने घरों पर अदा करें। सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार बिल्कुल नहीं करें।