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हाथरस : अब परिवार का कोई भी सदस्य बेच सकता है क्रय केंद्र पर गेहूं
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
किसानों के लिए राहत की बात है कि अब उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति क्रय केंद्र पर गेहूं को बेच सकता है। इस बार पंजीकरण में नामिनी की सुविधा भी दी गई है। क्रय केंद्र पर पॉस मशीन से गेहूं की खरीद होगी। पीएफएमएस पद्धति से किसानों के खाते में शासन स्तर से सीधे भुगतान होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में आलू के अलावा गेहूं का काफी उत्पादन होता है। इस बार गेहूं की खरीद को लेकर शासन भी गंभीर है। गेहूं की खरीद में पारदर्शिता के लिए पॉस मशीन का सहारा लिया जा रहा है। जिले के 53 क्रय केंद्रों पर जल्द पॉस मशीन पहुंचेंगी। इस बार खास बात यह है गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराने के दौरान परिवार के किसी भी व्यक्ति को नामिनी बनाया जा सकता है।
वह केंद्र पर जाकर आसानी से गेहूं को बेच सकता है। यह फैसला इसलिए लिया गया है कि काफी किसान बुजुर्ग है तो उनके परिवार का व्यक्ति आसानी से गेहूं बेच सके। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि इस बार पंजीकरण में नामिनी की सुविधा दी गई है। पॉस मशीन से गेहूं की क्रय केंद्रों पर भी खरीद होगी।
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किसानों के लिए राहत की बात है कि अब उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति क्रय केंद्र पर गेहूं को बेच सकता है। इस बार पंजीकरण में नामिनी की सुविधा भी दी गई है। क्रय केंद्र पर पॉस मशीन से गेहूं की खरीद होगी। पीएफएमएस पद्धति से किसानों के खाते में शासन स्तर से सीधे भुगतान होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में आलू के अलावा गेहूं का काफी उत्पादन होता है। इस बार गेहूं की खरीद को लेकर शासन भी गंभीर है। गेहूं की खरीद में पारदर्शिता के लिए पॉस मशीन का सहारा लिया जा रहा है। जिले के 53 क्रय केंद्रों पर जल्द पॉस मशीन पहुंचेंगी। इस बार खास बात यह है गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराने के दौरान परिवार के किसी भी व्यक्ति को नामिनी बनाया जा सकता है।
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वह केंद्र पर जाकर आसानी से गेहूं को बेच सकता है। यह फैसला इसलिए लिया गया है कि काफी किसान बुजुर्ग है तो उनके परिवार का व्यक्ति आसानी से गेहूं बेच सके। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि इस बार पंजीकरण में नामिनी की सुविधा दी गई है। पॉस मशीन से गेहूं की क्रय केंद्रों पर भी खरीद होगी।
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