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हाथरस:अब पशुओं को भी आधार कार्ड होंगे जारी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद तहसील के सभी गांवों में पशुओं के आधार कार्ड बनाने का अभियान शुरू हो गया। सादाबाद और सहपऊ ब्लॉक के सभी गांवों में एक साथ यह अभियान शुरू हुआ।
सादाबाद के उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. बी गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा गत वर्ष राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम का उद्घाटन मथुरा में वैटरिनरी विश्वविद्यालय में किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी पशुओं को विशिष्ट पहचान संख्या के टैग डाले जायेंगे एवं रोगों से बचाव के लिए खुरपका मुंहपका एवं ब्रूसेल्लोसिस से बचाव हेतु निशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। सादाबाद ब्लॉक की 58 व सहपऊ ब्लॉक की 51 ग्राम पंचायतों में घर- घर जाकर पशुओं के कान में एक प्लास्टिक का बिल्ला लगाया जा रहा है, जिस पर 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या अंकित है। यह संख्या पूरे देश में एक पशु को एक दी गई है।
इस कोड नंबर के आधार पर पशु एवं पशु स्वामी का विवरण कंप्यूटर में संकलित किया जाएगा। हर ग्राम सभा से दो व्यक्तियों का चयन वैक्सीनेटर एवं सहायक के रूप में किया गया है। ये चयनित वैक्सीनेटर एवं सहायक अपनी-अपनी ग्राम सभा के सभी पशुओं को ये विशिष्ट पहचान संख्या वाले टैग लगायेंगे। वैक्सीनेटर एवं सहायकों को पशु चिकित्सालय सादाबाद पर डॉ. बी गोयल के निर्देशन में पशुधन प्रसार अधिकारी नेहा शर्मा द्वारा टैग लगाने एवं उसके अनुसार विवरण इनाफ पोर्टल पर अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अन्य पशु चिकित्सालयों पर डॉ. आशीष यादव, डॉ. जनार्दन सिंह, डॉ. दिनेश कुमार एवं डॉ. देवेंद्र सिंह के निर्देशन में प्रशिक्षण कार्य चल रहा है।
सादाबाद में आठ हजार पशुओं के लगाए गए टैग
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सादाबाद ब्लॉक में अभी तक 8000 पशुओं को टैग लगाए जा चुके हैं और कुल टैग संख्या 71 हजार से अधिक संभावित है। एक बार जब टैग लग जाएंगे तो अगले महीने टीकाकरण के समय इस टैग को मोबाइल से स्कैन करते ही पशु मालिक का संपूर्ण विवरण सामने होगा। सिर्फ टीकाकरण की तारीख अपलोड की जाएगी। भविष्य में सभी योजनाओं आदि के लिये यह टैग नंबर ही जरूरी होगा, इसलिए जैसे हम लोगों के लिए जो जरूरत आज आधार कार्ड की है, कमोबेश वैसी ही जरूरत इस टैग नंबर की होने वाली है।
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सादाबाद तहसील के सभी गांवों में पशुओं के आधार कार्ड बनाने का अभियान शुरू हो गया। सादाबाद और सहपऊ ब्लॉक के सभी गांवों में एक साथ यह अभियान शुरू हुआ।
सादाबाद के उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. बी गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा गत वर्ष राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम का उद्घाटन मथुरा में वैटरिनरी विश्वविद्यालय में किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी पशुओं को विशिष्ट पहचान संख्या के टैग डाले जायेंगे एवं रोगों से बचाव के लिए खुरपका मुंहपका एवं ब्रूसेल्लोसिस से बचाव हेतु निशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। सादाबाद ब्लॉक की 58 व सहपऊ ब्लॉक की 51 ग्राम पंचायतों में घर- घर जाकर पशुओं के कान में एक प्लास्टिक का बिल्ला लगाया जा रहा है, जिस पर 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या अंकित है। यह संख्या पूरे देश में एक पशु को एक दी गई है।
इस कोड नंबर के आधार पर पशु एवं पशु स्वामी का विवरण कंप्यूटर में संकलित किया जाएगा। हर ग्राम सभा से दो व्यक्तियों का चयन वैक्सीनेटर एवं सहायक के रूप में किया गया है। ये चयनित वैक्सीनेटर एवं सहायक अपनी-अपनी ग्राम सभा के सभी पशुओं को ये विशिष्ट पहचान संख्या वाले टैग लगायेंगे। वैक्सीनेटर एवं सहायकों को पशु चिकित्सालय सादाबाद पर डॉ. बी गोयल के निर्देशन में पशुधन प्रसार अधिकारी नेहा शर्मा द्वारा टैग लगाने एवं उसके अनुसार विवरण इनाफ पोर्टल पर अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अन्य पशु चिकित्सालयों पर डॉ. आशीष यादव, डॉ. जनार्दन सिंह, डॉ. दिनेश कुमार एवं डॉ. देवेंद्र सिंह के निर्देशन में प्रशिक्षण कार्य चल रहा है।
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सादाबाद में आठ हजार पशुओं के लगाए गए टैग
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सादाबाद ब्लॉक में अभी तक 8000 पशुओं को टैग लगाए जा चुके हैं और कुल टैग संख्या 71 हजार से अधिक संभावित है। एक बार जब टैग लग जाएंगे तो अगले महीने टीकाकरण के समय इस टैग को मोबाइल से स्कैन करते ही पशु मालिक का संपूर्ण विवरण सामने होगा। सिर्फ टीकाकरण की तारीख अपलोड की जाएगी। भविष्य में सभी योजनाओं आदि के लिये यह टैग नंबर ही जरूरी होगा, इसलिए जैसे हम लोगों के लिए जो जरूरत आज आधार कार्ड की है, कमोबेश वैसी ही जरूरत इस टैग नंबर की होने वाली है।
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