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हाथरस : बिजली कटौती पर नहीं लग रही लगाम, बिगड़ रहे काम
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उमसभरी गर्मी में बिजली पर जितनी लोगों की निर्भरता बढ़ रही है, बिजली संकट उतना ही उन्हें परेशान कर रहा है। लाइनों में फॉल्ट की वजह से मंगलवार को भी शहर और ग्रामीण अंचल में करीब पांच घंटे तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। बिजली संकट के लिए जर्जर लाइनों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। बिना बिजली के उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं।
मंगलवार को शहर के नवीपुर, गिजरौली, ओढ़पुरा, प्रगतिपुरम और जलकल संस्थान आदि बिजलीघरों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हुए। वहीं देहात के चंदपा, सोखना, मुरसान, नगला रति, सलेमपुर और वाहनपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट के चलते बिजली ठप हो गई। इस कारण बिजली ने पूरे दिन आंख-मिचौली का खेल खेला। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं।
बिना बिजली के उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने से लोगों में गुस्सा है। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है कि गर्मी में भारी लोड वाले उपकरणों का प्रयोग ज्यादा हो रहा है, इसलिए लाइनों पर दबाव बढ़ रहा है और फॉल्ट हो रहे हैं। संवाद
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बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराने में फेल नजर आ रहा है। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है।
-मनोज शर्मा
उमसभरी गर्मी में बिजली की आंख-मिचौली बहुत भारी पड़ रही है। आए-दिन कई घंटे बिजली बाधित हो रही है। इस कारण काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। शिकायतों का भी कोई नतीजा नहीं है।
-राजीव
गर्मी में बिजली की ज्यादा जरूरत है, उतना ही बिजली संकट परेशान कर रहा है। बिजली चली जाए तो कूलर और एसी की हवा नहीं मिल पाती। गर्मी में पसीने से लथपथ होते रहते हैं। -बलवीर वर्मा
बिजली विभाग को बिल वसूलने की तो याद रहती है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति सुचारु करने पर कतई ध्यान नहीं है। आए-दिन बिजली गुल होने के कारण खासी मुश्किलें हो रही हैं।
-अनिल कुशवाहा
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उमसभरी गर्मी में बिजली पर जितनी लोगों की निर्भरता बढ़ रही है, बिजली संकट उतना ही उन्हें परेशान कर रहा है। लाइनों में फॉल्ट की वजह से मंगलवार को भी शहर और ग्रामीण अंचल में करीब पांच घंटे तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। बिजली संकट के लिए जर्जर लाइनों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। बिना बिजली के उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं।
मंगलवार को शहर के नवीपुर, गिजरौली, ओढ़पुरा, प्रगतिपुरम और जलकल संस्थान आदि बिजलीघरों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हुए। वहीं देहात के चंदपा, सोखना, मुरसान, नगला रति, सलेमपुर और वाहनपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट के चलते बिजली ठप हो गई। इस कारण बिजली ने पूरे दिन आंख-मिचौली का खेल खेला। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं।
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बिना बिजली के उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने से लोगों में गुस्सा है। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है कि गर्मी में भारी लोड वाले उपकरणों का प्रयोग ज्यादा हो रहा है, इसलिए लाइनों पर दबाव बढ़ रहा है और फॉल्ट हो रहे हैं। संवाद
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बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराने में फेल नजर आ रहा है। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है।
-मनोज शर्मा
उमसभरी गर्मी में बिजली की आंख-मिचौली बहुत भारी पड़ रही है। आए-दिन कई घंटे बिजली बाधित हो रही है। इस कारण काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। शिकायतों का भी कोई नतीजा नहीं है।
-राजीव
गर्मी में बिजली की ज्यादा जरूरत है, उतना ही बिजली संकट परेशान कर रहा है। बिजली चली जाए तो कूलर और एसी की हवा नहीं मिल पाती। गर्मी में पसीने से लथपथ होते रहते हैं। -बलवीर वर्मा
बिजली विभाग को बिल वसूलने की तो याद रहती है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति सुचारु करने पर कतई ध्यान नहीं है। आए-दिन बिजली गुल होने के कारण खासी मुश्किलें हो रही हैं।
-अनिल कुशवाहा