फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Neither the water park started on the ancient pond, nor the 150 feet tricolor hoisted in Bhagat Singh Park

हाथरस : प्राचीन तालाब पर न वाटर पार्क शुरू हुआ, न भगत सिंह पार्क में फहरा 150 फीट का तिरंगा

Sat, 30 Apr 2022 11:06 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:06 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Neither the water park started on the ancient pond, nor the 150 feet tricolor hoisted in Bhagat Singh Park
हाथरस :प्राचीन तालाब पर रुका वाटर पार्क बनाने का काम। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

शासन से बजट न मिलने पर शहर में सौंदर्यीकरण के कई कार्य लटक गए हैं। शहर के बीचोंबीच प्राचीन तालाब पर वाटर पार्क बनाने का काम भी अधूरा है। घंटाघर का सौंदर्यीकरण अटका पड़ा है। शहर के आगरा रोड पर भगत सिंह पार्क पर आज तक 150 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहर सका है। कई पार्कों की दशा भी नही सुधर पाई है। नगर पालिका ने कई चौराहों के सौंदर्यीकरण के कार्याें का शिलान्यास तो पहले ही कर दिया, लेकिन बजट की कमी से यह कार्य अभी तक अधूरे हैं।
कोराना काल के चलते शासन स्तर से नगर पालिका को हर महीने दी जाने वाली ग्रांट में कटौती की गई। इसका असर शहर की कई प्रस्तावित योजनाओं पर पड़ा है। ऐसे में कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। कार्यदायी संस्थाओं की राशि भी बजट के अभाव में फंस गई है। संवाद
विज्ञापन

इन जगहों पर अटके हैं सौंदर्यीकरण के कार्य
शहर के प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना की लागत करीब साढ़े छह करोड़ रुपये थी। यहां नगर पालिका की वाटर पार्क बनाने की योजना थी। इसमें करीब चार करोड़ रुपये का संस्था को भुगतान किया जा चुका है। शेष काम पूरा करने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का बजट चाहिए, लेकिन बजट जारी नहीं हुआ और कार्यदायी संस्था ने काम रोक दिया। शहर के घंटाघर के सौंदर्यीकरण की बात करें तो इसके सौंदर्यीकरण में एक करोड़ रुपये खर्च होना था। इसमें अभी 60 लाख रुपये की जरूरत है। इसकी वजह से कई साल से यह काम भी लटका है। आगरा रोड स्थित भगत सिंह पार्क के सौंदर्यीकरण की योजना 60 लाख रुपये की बनाई थी। यहां 150 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज फहरना था, लेकिन यह काम भी पूरा नहीं हुआ। इसके लिए 25 लाख रुपये की आवश्यकता है। कई पार्कों व चौराहों के सौंदर्यीकरण के काम भी अटके हैं। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो करीब छह करोड़ रुपये का बजट शासन भेजे तो यह काम पूरे हों।
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्माण सामग्री हुई मंहगी तो अटके काम
अप्रैल 2021 में 34 हजार रुपये टन सरिया थी, जो वर्तमान में 79 हजार रुपये टन पर पहुंच गई है। अप्रैल 2021 में सीमेंट की बोरी 320 से 25 रुपये थी। वर्तमान में इसके दाम 420 रुपये पर पहुंच गए हैं। ईंट साढे़ चार हजार रुपये थी। वर्तमान में इसके दाम 55 सौ रुपये प्रति हजार पर पहुंच गए हैं। 20 लीटर पेंट की बाल्टी 700 रुपये की थी। वर्तमान में यह 900 रुपये की हो गई है। इसके अलावा गिट्टी, बदरपुर आदि के दाम में भी इजाफा हुआ है। निर्माण सामग्री के रेट बढ़ने के कारण प्रस्तावों को रिवाइज करना पड़ेगा।

निर्माण सामग्री महंगी होने व शासन से बजट न मिलने के कारण शहर में सौंदर्यीकरण के कार्य रुक गए हैं। सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए करीब छह करोड़ रुपये के बजट आवश्यकता है। शासन से यह बजट मिले तो जल्द यह सभी कार्य पूरे कराए जाएंगे।
-आशीष शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका हाथरस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed