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हाथरस: 30 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी, हाथरस शहर रेड जोन में
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गौरव भारद्वाज
हाथरस। शहर में 30 फीसदी से अधिक बिजली चोरी हो रही है। इस कारण पूरा हाथरस शहर रेड जोन में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र के 30 फीडरों पर बिजली चोरी का ग्राफ कम है। इनको यलो जोन में रखा गया है। देहात के बाकी फीडरों पर काफी बिजली चोरी है। अब चोरी को रोकने के लिए बड़े स्तर पर छापामारी होगी। बिजली चोरी वाले इलाकों को दो भागों में बांटकर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए रणनीति तैयार कर ली है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के 198 फीडरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है, लेकिन जिले में बिजली चोरी का ग्राफ काफी ऊपर है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी कोटा रोड बिजलीघर से जुड़े इलाकों में हो रही है। कोटा रोड बिजलीघर पर 58 प्रतिशत बिजली की चोरी है। बाकी के सभी फीडरों पर 30 प्रतिशत से अधिक चोरी हो रही है। इस कारण हाथरस शहर को बिजली अफसरों ने रेड जोन में रखा गया है। समीक्षा में देहात के 30 फीडरों पर बिजली चोरी का ग्राफ कम है।
बाकी फीडरों बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है, इसलिए विभागीय अधिकारियों ने पहले चरण में शहर से देहात तक के 60 फीडरों का चयन किया है। इन फीडरों को दो भागों में रखा गया है, जिनमें स्थानीय बिजली कर्मियों की टीम और विजिलेंस छापा मारेंगी। अधीक्षण अभियंता हरीमोहन का कहना है कि शहर के सभी फीडरों पर 30 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी है, इसलिए इस क्षेत्र को रेड जोन में शामिल किया गया है। देहात के 30 फीडर पर चोरी का ग्राफ कम है। 60 फीडरों को दो भागों में बांटकर बड़े स्तर पर छापामार अभियान चलाया जाएगा।
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15 प्रतिशत से नीचे लाएं लाइन हानियां
ऊर्जामंत्री ने बिजली अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि बिजली चोरी के ग्राफ को 15 प्रतिशत से नीचे लाया जाए। निगम के अफसरों ने कहा कि जहां राजस्व सही आ रहा है, उन इलाकों को बेहतर बिजली दी जाए। अफसरों का कहना है बिजली चोरी रुकेगी तो लोगों को पर्याप्त बिजली भी मिलेगी। इसी आधार पर चोरी को रोकने की कोशिश शुरू हो गई है।
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हाथरस। शहर में 30 फीसदी से अधिक बिजली चोरी हो रही है। इस कारण पूरा हाथरस शहर रेड जोन में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र के 30 फीडरों पर बिजली चोरी का ग्राफ कम है। इनको यलो जोन में रखा गया है। देहात के बाकी फीडरों पर काफी बिजली चोरी है। अब चोरी को रोकने के लिए बड़े स्तर पर छापामारी होगी। बिजली चोरी वाले इलाकों को दो भागों में बांटकर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए रणनीति तैयार कर ली है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के 198 फीडरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है, लेकिन जिले में बिजली चोरी का ग्राफ काफी ऊपर है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी कोटा रोड बिजलीघर से जुड़े इलाकों में हो रही है। कोटा रोड बिजलीघर पर 58 प्रतिशत बिजली की चोरी है। बाकी के सभी फीडरों पर 30 प्रतिशत से अधिक चोरी हो रही है। इस कारण हाथरस शहर को बिजली अफसरों ने रेड जोन में रखा गया है। समीक्षा में देहात के 30 फीडरों पर बिजली चोरी का ग्राफ कम है।
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बाकी फीडरों बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है, इसलिए विभागीय अधिकारियों ने पहले चरण में शहर से देहात तक के 60 फीडरों का चयन किया है। इन फीडरों को दो भागों में रखा गया है, जिनमें स्थानीय बिजली कर्मियों की टीम और विजिलेंस छापा मारेंगी। अधीक्षण अभियंता हरीमोहन का कहना है कि शहर के सभी फीडरों पर 30 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी है, इसलिए इस क्षेत्र को रेड जोन में शामिल किया गया है। देहात के 30 फीडर पर चोरी का ग्राफ कम है। 60 फीडरों को दो भागों में बांटकर बड़े स्तर पर छापामार अभियान चलाया जाएगा।
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15 प्रतिशत से नीचे लाएं लाइन हानियां
ऊर्जामंत्री ने बिजली अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि बिजली चोरी के ग्राफ को 15 प्रतिशत से नीचे लाया जाए। निगम के अफसरों ने कहा कि जहां राजस्व सही आ रहा है, उन इलाकों को बेहतर बिजली दी जाए। अफसरों का कहना है बिजली चोरी रुकेगी तो लोगों को पर्याप्त बिजली भी मिलेगी। इसी आधार पर चोरी को रोकने की कोशिश शुरू हो गई है।