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हाथरस : प्रत्याशियों के खर्च पर रखी जा रही निगरानी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार-प्रसार व अन्य कार्यों के लिए 40 लाख रुपये तक खर्च किए जाने की सीमा निर्धारित की गई है। इस खर्च के बारे में सभी राजनीतिक दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों को विभिन्न माध्यमों से अवगत करा दिया गया है। प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी अब व्यय प्रेक्षक के जरिये की जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के क्रम में प्रशासन की ओर से तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग सहायक व्यय प्रेक्षक नामित किए गए हैं। इन सहायक व्यय प्रेक्षकों के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे खर्च का ब्योरा लिया जा रहा है। प्रत्याशियों के होने वाले खर्च को लेकर एक अलग से रजिस्टर तैयार कराया गया है।
सभी प्रत्याशियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि 10 हजार से अधिक के खर्च का डिजिटल तरीके से भुगतान किया जाए। इस क्रम में प्रशासन की ओर से सभी बैंक खातों का ब्योरा भी देखा जा रहा है। प्रेक्षक की ओर से अब सहायक व्यय प्रेक्षकों के माध्यम से होने वाले खर्च का आंकलन करना शुरू कर दिया गया है। संवाद
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भारत निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार-प्रसार व अन्य कार्यों के लिए 40 लाख रुपये तक खर्च किए जाने की सीमा निर्धारित की गई है। इस खर्च के बारे में सभी राजनीतिक दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों को विभिन्न माध्यमों से अवगत करा दिया गया है। प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी अब व्यय प्रेक्षक के जरिये की जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के क्रम में प्रशासन की ओर से तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग सहायक व्यय प्रेक्षक नामित किए गए हैं। इन सहायक व्यय प्रेक्षकों के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे खर्च का ब्योरा लिया जा रहा है। प्रत्याशियों के होने वाले खर्च को लेकर एक अलग से रजिस्टर तैयार कराया गया है।
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सभी प्रत्याशियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि 10 हजार से अधिक के खर्च का डिजिटल तरीके से भुगतान किया जाए। इस क्रम में प्रशासन की ओर से सभी बैंक खातों का ब्योरा भी देखा जा रहा है। प्रेक्षक की ओर से अब सहायक व्यय प्रेक्षकों के माध्यम से होने वाले खर्च का आंकलन करना शुरू कर दिया गया है। संवाद
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