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हाथरस: भाजपा सांसद की बेटी के खत के बाद हरकत में आई थी पुलिस, एफआईआर में बढ़ाए गए तीन आरोपियों के नाम
Thu, 08 Oct 2020 11:40 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:40 PM IST
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पीड़िता के परिवार से बात करते अपर मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
चंदपा थाना क्षेत्र के बिटिया प्रकरण में सांसद राजवीर दिलेर की पुत्री और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर का पत्र काफी वायरल हो रहा है। 19 सितंबर को इस घटना को लेकर मंजू दिलेर ने प्रदेश के डीजीपी को यह चिट्ठी भेजी थी। तभी से पुलिस हरकत में आई थी। पुलिस ने इसमें धाराएं बढ़ाईं और तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया था।
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वायरल हो रहे पत्र के मुताबिक मंजू दिलेर ने इस मुकदमे के वादी व बिटिया के भाई के पत्र को संलग्न करके डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि पीड़ित पक्ष वाल्मीकि जाति से है। 14 सितंबर को उसकी बहन के साथ सवर्ण जाति के संदीप पुत्र गुड्डू, रवि पुत्र अतर सिंह, रामू पुत्र राकेश और लवकुश पुत्र रामवीर ने दुष्कर्म किया और जान से मारने की कोशिश की। इतने में ही उसकी मां ने उसे आवाज लगाई, जिसकी वजह से वह लोग उसे बेहोशी की हालत में खेत में छोड़कर भाग गए। उसका इलाज वर्तमान में जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में चल रहा है। यह लोग पहले से ही इस परिवार से रंजिश मानते हैं।
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मंजू दिलेर ने अपने पत्र में कहा है कि आज घटना को छह दिन हो गए हैं, लेकिन थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पत्र में कहा गया है कि इस घटना में पांच लोग शामिल थे, लेकिन थाना पुलिस द्वारा एक ही व्यक्ति के नाम रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह सरकार की मंशा के अनुरूप नहीं है। ऐसे में थानाध्यक्ष को निलंबित किया जाए।
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पत्र में कहा गया है कि पीड़िता को न्याय दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंजू दिलेर के इस पत्र के बाद ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया था। पहले यह मुकदमा धारा 307 व एससी-एसटी एक्ट के तहत कायम हुआ था, फिर 19 सितंबर को पुलिस ने इसमें धारा 354 बढ़ाई। तदुपरांत पीड़िता के बयान के आधार पर धारा 376 डी बढ़ाई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 29 सितंबर को पीड़िता ने दम तोड़ दिया था।
सांसद, उनकी बेटी पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
इस मामले में शु्रू से ही आरोपी पक्ष सांसद राजवीर दिलेर और उनकी बेटी मंजू दिलेर पर गंभीर आरोप लगाता रहा है। आरोपी पक्ष का कहना है कि सांसद की बेटी ने यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया। इसमें धाराएं बढ़वाईं और निर्दोषों को फंसवाया।
सांसद ने अपनी बिरादरी को लाभ पहुंचाने के लिए यह सब किया। यह लड़की वाल्मीकि जाति की है और सांसद भी इसी जाति के हैं, इसलिए उन्होंने ही यह सब किया। यही नहीं, एक आरोपी के भाई का तो यह भी कहना है कि सांसद और उनकी बेटी द्वारा इस मामले को इतना तूल दिया गया है कि अब यह मामला राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है।
यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि भाजपा भी इस प्रकरण में दो खेमों में बंट गई। आरोपी ठाकुर बिरादरी के हैं। उनकी तरफ से पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान भी खुलकर सामने आ गए। उन्होंने पंचायतें भी कीं और सांसद को जनता द्वारा सबक सिखाने की बात भी कही।
न मैंने कभी जातिवाद की राजनीति की और न ही मंजू दिलेर ने कभी जातिवाद की राजनीति की। मंजू दिलेर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य हैं। पीड़ित पक्ष ने उन्हें अपना प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र पर अपना पत्र लिखकर उन्होंने अपने पद का निर्वहन करते हुए इसे उच्चाधिकारियों के पास भेजा है। जातीय राजनीति में हमारा कतई विश्वास नहीं है।-राजवीर दिलेर, सांसद, हाथरस