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हाथरस : गोवंश को गोशाला ले जा रहे किसानों को स्थानीय लोगों ने रोका, नोकझोंक

Wed, 24 Nov 2021 11:39 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:39 PM IST
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Hathras: Local people stopped the farmers taking the cows to the cowshed, quarreled
स्थानीय लोगों को समझाते बीडीओ सह डीडीओ अवधेश सिंह यादव व कोतवाली अतुल कुमार गौतम। - फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
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गांव उधैना में निर्माणाधीन गोशाला में मंगलवार की रात गोवंश को छोड़ने जा रहे लोगों को स्थानीय किसानों ने रोक लिया। लोगों का किसानों से नोकझोंक हो गई। सूचना पर बीडीओ ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया। काफी जद्दोजहद करने के बाद पुलिस की निगरानी में गोवंश को गोशाला पहुंचाया गया।
दरअसल, किसान ट्रैक्टर-ट्राला एवं मैक्स से गोवंश को छोड़ने गोशाला जा रहे थे। उसी समय गोशाला के रास्ते में पड़ने वाले गांव दौहई, नगला बेनी, उधैना एवं नगरिया के किसानों ने वाहनों को रोक लिया। दोनों ओर से किसानों में नोकझोंक होने लगी।
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सूचना पर बीडीओ सह डीडीओ मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाया। पुलिस के पहुंचने पर किसानों ने गोवंश को गोशाला के लिए जाने दिया। कोतवाल अतुल कुमार ने वाहनों को अपनी निगरानी में गोशाला तक पहुंचवाया। एसडीएम सादाबाद विपिन कुमार शिवहरे लगातार मोबाइल पर डीडीओ से स्थिति का जायजा लेते रहे।
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उल्लेखनीय है कि गांव उधैना नगरिया, दौहई एवं इसौंदा के मध्य चारागाह की 55 एकड़ जमीन पर गोशाला का निर्माण चल रहा है। 16 नवंबर को डीएम रमेश रंजन ने गोशाला का निरीक्षण करने के बाद क्षेत्र के आवारा गोवंश को गोशाला में भेजने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद किसान प्रधानों एवं ग्राम पंचायत सचिवों के साथ मिलकर गोवंशों को गोशाला में भेज रहे थे।
मंगलवार की रात किसानों के मध्य हुई नोकझोंक से दो दिन पहले भी गोवशों को छोड़ने गए लोगों से स्थानीय लोगों ने मारपीट की थी। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अभी पूर्णरूप से गोशाला का निर्माण नहीं हुआ है जिससे उसमें गाय निकल जाती हैं और उनके खेतों को काफी हानि पहुंचाती हैं। कुछ लोग घायल एवं वृद्ध गायों को इस गोशाला में छोड़ जाते हैं जिससे उनकी मौत भी हो जाती है। गायों के खाने के लिए चारे का भी इंतजाम नहीं हुआ है।

- क्षेत्र के सभी प्रधानों एवं समाजसेवियों से गोशाला में गायों के खाने के लिए चारा भेजने की अपील की गई है। कुछ स्थानों से भूसा एवं धान भेजा भी गया है। अतिशीघ्र ही गायों के चारे का भी इंतजाम हो रहा है। गायों की हरे चारे के लिए भूमि को जोत कर उसमें हरे चारे के लिए तैयार किया जा रहा है। - अवधेश सिंह यादव, बीडीओ सह डीडीओ सहपऊ
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