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हाथरस : किसानों को दिया नई तकनीकी से खेती करने का ज्ञान
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हाथरस : मंडी समिति में आयोजित कृषि गोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते सीडीओ। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कृषि विभाग द्वारा प्रमोशनल ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीड्यू योजना के तहत जिला स्तरीय कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन मंडी समिति परिसर में किया गया। अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरबी भास्कर ने की।
शुभारंभ सीडीओ एवं ब्लॉक प्रमुख सासनी के प्रतिनिधि इंजीनियर दिनेश माहौर ने मां सरस्वती के छविचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया। सीडीओ ने कहा कि जिले में इस बार अच्छी वर्षा हुई है। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न मेला और गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को आधुनिक जानकारी दी जाती हैं। किसानों को इनसे लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने किसानों से फसल के अवशेष न जलाने को कहा। फसल के अवशेषों का प्रयोग कंपोस्ट खाद में करने पर जोर दिया। इसके अलावा अवशेष धान की पराली को जिले की गोशालाओं में दे दिया जाए, जिससे पशुओं को चारा मिल सके।
दिनेश माहौर ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा न्याय पंचायत, विकास खंड और तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उप कृषि निदेशक एचएन सिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि किसान फसल के अवशेष न जलाएं, बल्कि इनसे लाभ उठाएं। फसल अवशेष के निस्तारण के लिए डीकंपोजर के प्रयोग विधि के बारे में बताया। जिला मत्स्य अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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उद्यान विभाग के रवेंद्र सिंह ने किसानों की मांग पर आलू की आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक ऐंहन निवासी वीरपाल सिंह ने पराली से डिकंपोजर से खाद बनाने की विधि बताई। प्रगतिशील कृषक रोहिताश सिंह ने जैविक विधियों के बारे में बताया गया। इस मौके पर जिले के आठ कृषि यंत्र विक्रेताओं के द्वारा कृषकों को लाभान्वित किया गया। पशुचिकित्साधिकारी डॉ. प्रिया गुप्ता ने पशुओं में समयानुसार होने वाली बीमारियों जैसे खुरपका, मुहपका, गलघोंटू आदि का उपचार बताते हुए पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। संचालन जितेंद्र कुमार शर्मा ने किया।
फसल अवशेष जलाने पर ये लगेगा जुर्माना
हाथरस। फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। किसानों को बताया कि फसल अवशेष जलाने पर कृषि भूमि का क्षेत्र दो एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदंड 2,500 रुपये प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्र दो एकड़ से अधिक, किंतु पांच एकड़ होने की दशा में पांच हजार रुपये प्रति घटना अर्थदंड लगेगा, जबकि कृषि भूमि का क्षेत्र पांच एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदंड 15000 हजार प्रति घटना निर्धारित किया गया है। संवाद
खरीफ फसल के रखरखाव की दी जानकारी
हाथरस। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने खरीफ फसल के रखरखाव और आगामी रबी फसल की तैयारी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सुरक्षात्मक उपचार भी बताए। जिला कृषि अधिकारी रामकिशन सिंह ने जिले में जिप्सम की उपलब्धता के साथ आगामी रबी फसल के लिए डीएपी यूरिया एवं बीज की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संवाद
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कृषि विभाग द्वारा प्रमोशनल ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीड्यू योजना के तहत जिला स्तरीय कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन मंडी समिति परिसर में किया गया। अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरबी भास्कर ने की।
शुभारंभ सीडीओ एवं ब्लॉक प्रमुख सासनी के प्रतिनिधि इंजीनियर दिनेश माहौर ने मां सरस्वती के छविचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया। सीडीओ ने कहा कि जिले में इस बार अच्छी वर्षा हुई है। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न मेला और गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को आधुनिक जानकारी दी जाती हैं। किसानों को इनसे लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने किसानों से फसल के अवशेष न जलाने को कहा। फसल के अवशेषों का प्रयोग कंपोस्ट खाद में करने पर जोर दिया। इसके अलावा अवशेष धान की पराली को जिले की गोशालाओं में दे दिया जाए, जिससे पशुओं को चारा मिल सके।
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दिनेश माहौर ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा न्याय पंचायत, विकास खंड और तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उप कृषि निदेशक एचएन सिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि किसान फसल के अवशेष न जलाएं, बल्कि इनसे लाभ उठाएं। फसल अवशेष के निस्तारण के लिए डीकंपोजर के प्रयोग विधि के बारे में बताया। जिला मत्स्य अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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उद्यान विभाग के रवेंद्र सिंह ने किसानों की मांग पर आलू की आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक ऐंहन निवासी वीरपाल सिंह ने पराली से डिकंपोजर से खाद बनाने की विधि बताई। प्रगतिशील कृषक रोहिताश सिंह ने जैविक विधियों के बारे में बताया गया। इस मौके पर जिले के आठ कृषि यंत्र विक्रेताओं के द्वारा कृषकों को लाभान्वित किया गया। पशुचिकित्साधिकारी डॉ. प्रिया गुप्ता ने पशुओं में समयानुसार होने वाली बीमारियों जैसे खुरपका, मुहपका, गलघोंटू आदि का उपचार बताते हुए पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। संचालन जितेंद्र कुमार शर्मा ने किया।
फसल अवशेष जलाने पर ये लगेगा जुर्माना
हाथरस। फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। किसानों को बताया कि फसल अवशेष जलाने पर कृषि भूमि का क्षेत्र दो एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदंड 2,500 रुपये प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्र दो एकड़ से अधिक, किंतु पांच एकड़ होने की दशा में पांच हजार रुपये प्रति घटना अर्थदंड लगेगा, जबकि कृषि भूमि का क्षेत्र पांच एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदंड 15000 हजार प्रति घटना निर्धारित किया गया है। संवाद
खरीफ फसल के रखरखाव की दी जानकारी
हाथरस। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने खरीफ फसल के रखरखाव और आगामी रबी फसल की तैयारी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सुरक्षात्मक उपचार भी बताए। जिला कृषि अधिकारी रामकिशन सिंह ने जिले में जिप्सम की उपलब्धता के साथ आगामी रबी फसल के लिए डीएपी यूरिया एवं बीज की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संवाद