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हाथरस : नगला मेवा व कोंकना कला में शिविर लगाकर हुई जांच
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हाथरस : गांव नगला मेवा एवं कोंकना कलां में बुखार से हुई किशोर एवं किशोरी की मौत के बाद स्वास्थ्य वि
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र के नगला मेवा व कोंकना कला में बुखार से किशोर व किशोरी की मौत के बाद दोनों गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शिविर लगाकर लोगों की जांच की। टीम ने दोनों गांवों के 57 मरीजों के खून के नमूने लिए और 64 बीमार लोगों में दवाइयां बांटीं।
सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश मोहन ने बताया कि नगला मेवा में 57 बीमार लोगों को दवा दी गई। इनमें से 50 बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। गांव कोंकना कलां में सात बीमार लोगों के रक्त के नमूने लिए गए हैं। इसके साथ शिविर में आए सभी लोगों का कोविड जांच के लिए भी आरटीपीसीआर के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि नगला मेवा के मृतक किशोर की मेडिकल रिपोर्ट में डेंगू से मौत नहीं लिखा गया है। कोंकना कलां निवासी मृतक किशोरी के परिजन मेडिकल रिपोर्ट नहीं दिखा सके।
इधर, कस्बा के मोहल्ला होलीगेट निवासी सोनू की पांच वर्षीय पुत्री की तबियत खराब होने पर परिजन उसे इलाज के लिए आगरा ले गए है। कोंकना कला निवासी मनोज के बारह वर्षीय पुत्र अर्जुन की भी तबियत खराब होने पर उसके भी परिजन उसे इलाज के लिए आगरा ले गए हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना कि पिछले वर्ष क्षेेत्र के किसी भी गांव में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी कोई बीमारी नहीं थी। इस वर्ष गांव के सभी घरों में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है। क्षेत्र की नालियों में दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया है जिससे बीमारियां फैल रही है। संवाद
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क्षेत्र के नगला मेवा व कोंकना कला में बुखार से किशोर व किशोरी की मौत के बाद दोनों गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शिविर लगाकर लोगों की जांच की। टीम ने दोनों गांवों के 57 मरीजों के खून के नमूने लिए और 64 बीमार लोगों में दवाइयां बांटीं।
सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश मोहन ने बताया कि नगला मेवा में 57 बीमार लोगों को दवा दी गई। इनमें से 50 बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। गांव कोंकना कलां में सात बीमार लोगों के रक्त के नमूने लिए गए हैं। इसके साथ शिविर में आए सभी लोगों का कोविड जांच के लिए भी आरटीपीसीआर के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि नगला मेवा के मृतक किशोर की मेडिकल रिपोर्ट में डेंगू से मौत नहीं लिखा गया है। कोंकना कलां निवासी मृतक किशोरी के परिजन मेडिकल रिपोर्ट नहीं दिखा सके।
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इधर, कस्बा के मोहल्ला होलीगेट निवासी सोनू की पांच वर्षीय पुत्री की तबियत खराब होने पर परिजन उसे इलाज के लिए आगरा ले गए है। कोंकना कला निवासी मनोज के बारह वर्षीय पुत्र अर्जुन की भी तबियत खराब होने पर उसके भी परिजन उसे इलाज के लिए आगरा ले गए हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना कि पिछले वर्ष क्षेेत्र के किसी भी गांव में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी कोई बीमारी नहीं थी। इस वर्ष गांव के सभी घरों में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है। क्षेत्र की नालियों में दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया है जिससे बीमारियां फैल रही है। संवाद
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