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हाथरस : लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण को दिए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/मुख्य संरक्षक राजेश बिंदल एवं उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 11 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद न्यायाधीश, समस्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय व समस्त पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण व समस्त सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ बैठक आयोजित की गई।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अखिलेश दुबे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने प्रतिभाग किया। मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/मुख्य संरक्षक राजेश बिंदल एवं कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर ने 11 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी न्यायिक अधिकारीगण को अधिक से अधिक संख्या में वादों को नियत करते हुए निस्तारण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में काफी संख्या में लघु आपराधिक मामले लंबित हैं उनके निस्तारण के संबंध में उन्होंने समस्त जनपद न्यायाधीशों से अपेक्षा की है कि लघु आपराधिक मामले जिनको अर्थदंड के आधार पर समाप्त किया जा सकता है। उन लंबित लघु आपराधिक मामलों का निस्तारण किया जाए।
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उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारीगण को पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जारी नोटिसों की मॉनिटरिंग करने व पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने के संबंध में निर्देश दिए गए।
जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने एवं पूर्ण सहयोग करने के संबंध में निर्देश दिए।
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मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/मुख्य संरक्षक राजेश बिंदल एवं उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 11 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद न्यायाधीश, समस्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय व समस्त पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण व समस्त सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ बैठक आयोजित की गई।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अखिलेश दुबे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने प्रतिभाग किया। मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/मुख्य संरक्षक राजेश बिंदल एवं कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर ने 11 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी न्यायिक अधिकारीगण को अधिक से अधिक संख्या में वादों को नियत करते हुए निस्तारण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में काफी संख्या में लघु आपराधिक मामले लंबित हैं उनके निस्तारण के संबंध में उन्होंने समस्त जनपद न्यायाधीशों से अपेक्षा की है कि लघु आपराधिक मामले जिनको अर्थदंड के आधार पर समाप्त किया जा सकता है। उन लंबित लघु आपराधिक मामलों का निस्तारण किया जाए।
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उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारीगण को पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जारी नोटिसों की मॉनिटरिंग करने व पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने के संबंध में निर्देश दिए गए।
जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने एवं पूर्ण सहयोग करने के संबंध में निर्देश दिए।