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हाथरस : कोरोना बढ़ा तो रोडवेज बसों में कम हुई यात्रियों की संख्या
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच लोग सफर से भी परहेज करने लगे हैं। इस कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या गिर गई है। इस कारण हाथरस डिपो को हर रोज करीब दो लाख रुपये का घाटा हो रहा है। पहले की अपेक्षा रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। इसका असर डिपो की आमदनी पर असर के रूप में देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 83 बसें हैं। ये बसें लोकल से लेकर लंबे रूट पर संचालित होती हैं। डिपो ने होली पर सवा लाख यात्रियों को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाया है। इससे आमदनी में भी सुधार हुआ था। सहालगों से डिपो को आमदनी में सुधार की काफी उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले कोरोना का ग्राफ बढ़ने से उसकी उम्मीदों को झटका लगा है।
अब चूंकि कई जिलों में रात्रि कर्फ्यू भी लागू हो गया है। इस कारण लोग घरों से भी कम निकल रहे हैं। इसका असर रोडवेज की आमदनी पर पड़ रहा है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो उन्हें कर्फ्यू के कारण करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन का घाटा हो रहा है। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि कोरोना के चलते आमदनी पर असर पड़ा है। यात्रियों के अभाव में बसें खड़ी होना शुरू हो गई हैं।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच लोग सफर से भी परहेज करने लगे हैं। इस कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या गिर गई है। इस कारण हाथरस डिपो को हर रोज करीब दो लाख रुपये का घाटा हो रहा है। पहले की अपेक्षा रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। इसका असर डिपो की आमदनी पर असर के रूप में देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 83 बसें हैं। ये बसें लोकल से लेकर लंबे रूट पर संचालित होती हैं। डिपो ने होली पर सवा लाख यात्रियों को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाया है। इससे आमदनी में भी सुधार हुआ था। सहालगों से डिपो को आमदनी में सुधार की काफी उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले कोरोना का ग्राफ बढ़ने से उसकी उम्मीदों को झटका लगा है।
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अब चूंकि कई जिलों में रात्रि कर्फ्यू भी लागू हो गया है। इस कारण लोग घरों से भी कम निकल रहे हैं। इसका असर रोडवेज की आमदनी पर पड़ रहा है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो उन्हें कर्फ्यू के कारण करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन का घाटा हो रहा है। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि कोरोना के चलते आमदनी पर असर पड़ा है। यात्रियों के अभाव में बसें खड़ी होना शुरू हो गई हैं।
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