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हाथरस : 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षरों को किया जाएगा साक्षर
सार
शिक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ का प्रयोग किया जाएगा।शिक्षा मंत्रालय ने यह फैसला भी किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा।इसे लेकर सर्वे कराया गया, जिसमें जिलेभर में 1026 निरक्षर मिले हैं।
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विस्तार
घनश्याम सिंह
हाथरस। शिक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ का प्रयोग किया जाएगा। इसका कारण यह है कि पिछली योजना में 15 साल और इससे अधिक सभी आयु वर्ग के अशिक्षित इसमें शामिल नहीं हो पा रहे थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम नाम से नये शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले पांच साल में प्रौढ़ शिक्षा के सभी आयाम को हासिल करना है। यह योजना नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शुरू की गई है।
शिक्षा मंत्रालय ने यह फैसला भी किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा। इसका कारण है कि पिछली योजना में 15 साल और इससे ऊपर के सभी आयु-वर्ग शामिल नहीं हो पा रहे थे। इसके तहत जिले में 1026 निरक्षर चिह्नित किए गए हैं। संवाद
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यह है योजना उद्देश्य
योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह उन अन्य घटकों को भी शामिल करेगी, जो 21वीं सदी के व्यक्ति की जरूरत है। इसके माध्यम से वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वाणिज्यिक कौशल, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, महत्वपूर्ण जीवन शिक्षा और परिवार कल्याण आदि पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय रोजगार प्राप्त करने की दृष्टि से व्यावसायिक कौशल विकास, प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक स्तर की बुनियादी शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सतत शिक्षा, जिसमें कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल और मनोरंजन के वयस्क शिक्षा के पाठ्यक्रम शामिलहैं और स्थानीय लोगों के लिए जीवन कौशल आदि पर ध्यान दिया जाएगा।
स्वयंसेवियों की ली जाएगी मदद
इस योजना को स्वयंसेवियों की मदद से ऑनलाइन मोड में बढ़ाया जाएगा। इसमें ट्रेनिंग सत्र, वर्कशॉप आदि का भी आयोजन किया जाएगा। पंजीकृत स्वयंसेवियों की मदद के लिए सभी संसाधन डिजिटल माध्यम जैसे टीवी, रेडियो, ओपन सोर्स एप और पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
2022-27 तक सभी को साक्षर करने का लक्ष्य
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 और इससे ऊपर के सभी आयु वर्गों के अशिक्षित लोगों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए साल 2022 से 2027 तक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के लक्ष्य को रखा है। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, एनसीईआरटी और एनआईओएस के साथ मिलकर ऑनलाइन लर्निंग एंड असेसमेंट सिस्टम पर कार्य किया है।
जिले में ब्लॉकवार निरक्षरों की संख्या
- हाथरस में 387
- सिकंदराराऊ में 130
- सहपऊ में 60
- सादाबाद में 114
- नगर क्षेत्र हाथरस में 225
- हसायन में 110
- जिले में कुल 15 से ऊपर के निरक्षरों की संख्या 1026
शासन स्तर से 15 वर्ष व उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों की जानकारी मांगी थी। इसे लेकर सर्वे कराया गया, जिसमें जिलेभर में 1026 निरक्षर मिले हैं। इस संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। निरक्षरों को नव भारत साक्षरता अभियान के तहत साक्षर किए जाने की पहल की जा रही है।
-संदीप कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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हाथरस। शिक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ का प्रयोग किया जाएगा। इसका कारण यह है कि पिछली योजना में 15 साल और इससे अधिक सभी आयु वर्ग के अशिक्षित इसमें शामिल नहीं हो पा रहे थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम नाम से नये शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले पांच साल में प्रौढ़ शिक्षा के सभी आयाम को हासिल करना है। यह योजना नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शुरू की गई है।
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शिक्षा मंत्रालय ने यह फैसला भी किया है कि अब ‘प्रौढ़ शिक्षा’ के बजाय ‘सभी के लिए शिक्षा’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा। इसका कारण है कि पिछली योजना में 15 साल और इससे ऊपर के सभी आयु-वर्ग शामिल नहीं हो पा रहे थे। इसके तहत जिले में 1026 निरक्षर चिह्नित किए गए हैं। संवाद
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यह है योजना उद्देश्य
योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह उन अन्य घटकों को भी शामिल करेगी, जो 21वीं सदी के व्यक्ति की जरूरत है। इसके माध्यम से वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वाणिज्यिक कौशल, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, महत्वपूर्ण जीवन शिक्षा और परिवार कल्याण आदि पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय रोजगार प्राप्त करने की दृष्टि से व्यावसायिक कौशल विकास, प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक स्तर की बुनियादी शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सतत शिक्षा, जिसमें कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल और मनोरंजन के वयस्क शिक्षा के पाठ्यक्रम शामिलहैं और स्थानीय लोगों के लिए जीवन कौशल आदि पर ध्यान दिया जाएगा।
स्वयंसेवियों की ली जाएगी मदद
इस योजना को स्वयंसेवियों की मदद से ऑनलाइन मोड में बढ़ाया जाएगा। इसमें ट्रेनिंग सत्र, वर्कशॉप आदि का भी आयोजन किया जाएगा। पंजीकृत स्वयंसेवियों की मदद के लिए सभी संसाधन डिजिटल माध्यम जैसे टीवी, रेडियो, ओपन सोर्स एप और पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
2022-27 तक सभी को साक्षर करने का लक्ष्य
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 और इससे ऊपर के सभी आयु वर्गों के अशिक्षित लोगों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए साल 2022 से 2027 तक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के लक्ष्य को रखा है। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, एनसीईआरटी और एनआईओएस के साथ मिलकर ऑनलाइन लर्निंग एंड असेसमेंट सिस्टम पर कार्य किया है।
जिले में ब्लॉकवार निरक्षरों की संख्या
- हाथरस में 387
- सिकंदराराऊ में 130
- सहपऊ में 60
- सादाबाद में 114
- नगर क्षेत्र हाथरस में 225
- हसायन में 110
- जिले में कुल 15 से ऊपर के निरक्षरों की संख्या 1026
शासन स्तर से 15 वर्ष व उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों की जानकारी मांगी थी। इसे लेकर सर्वे कराया गया, जिसमें जिलेभर में 1026 निरक्षर मिले हैं। इस संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। निरक्षरों को नव भारत साक्षरता अभियान के तहत साक्षर किए जाने की पहल की जा रही है।
-संदीप कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।