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हाथरस : वीआईपी नंबर चाहिए तो इसे वाहन से पहले खरीदना होगा
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
वाहन फोर पाइंट शून्य के नेशनल पोर्टल पर अगले सप्ताह में बदलाव होना तय है। इससे वाहन खरीदने के साथ डीलर के यहां पंजीकरण हो जाएगा। वाहन का नंबर भी सीरीज में चल रहा नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। यदि वाहन खरीदार को वीआईपी नंबर लेना है तो उसे वाहन से पहले नंबर खरीदना होगा, ताकि गाड़ी खरीदे जाने पर उस नंबर को वाहन डीलर के यहां दर्ज करा सकें। फाइल भी वाहन डीलर के पास ही रहेगी।
अब वीआईपी नंबर के लिए नई व्यवस्था के साथ नंबर जारी किया जाएगा। वाहन खरीदने से पहले वीआईपी नंबर की बुकिंग कराकर उसे खरीदना होगा। इसके लिए पूर्व के तरह ही सीरीज के वाहनों के दाम होंगे। अभी तक वीआइपी नंबरों की सुविधा नीलामी के माध्यम से है।
अब नई व्यवस्था में पहले नंबर की बुकिंग अपने नाम पर करानी होगी। जब खरीदार गाड़ी खरीदने के लिए पहुंचेगा तो वाहन डीलर के यहां से गाड़ी का नंबर भी वाहन फोर पाइंट शून्य से स्वत: ही दे दिया जाएगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र बाद में डाक से भेजी जाएगी। यह व्यवस्था आठ दिसंबर से शुरू हो सकती है।
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बीएच सीरीज में वीआईपी नंबर नहीं
भारत सीरीज (बीएच) में वीआईपी नंबरों की व्यवस्था नहीं है। पंजीकरण क्रमांक जो होगा वह खरीदार को जारी किया जाएगा। अगले सप्ताह से आरटीओ दफ्तर से आने वाली फाइलें डीलर के यहां भी रहेंगी। इस नई व्यवस्था से एआरटीओ कार्यलय में फाइलों का दबाव भी कम होगा। एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि अभी इस तरह का आदेश नहीं आया है। जैसा आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा।
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वाहन फोर पाइंट शून्य के नेशनल पोर्टल पर अगले सप्ताह में बदलाव होना तय है। इससे वाहन खरीदने के साथ डीलर के यहां पंजीकरण हो जाएगा। वाहन का नंबर भी सीरीज में चल रहा नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। यदि वाहन खरीदार को वीआईपी नंबर लेना है तो उसे वाहन से पहले नंबर खरीदना होगा, ताकि गाड़ी खरीदे जाने पर उस नंबर को वाहन डीलर के यहां दर्ज करा सकें। फाइल भी वाहन डीलर के पास ही रहेगी।
अब वीआईपी नंबर के लिए नई व्यवस्था के साथ नंबर जारी किया जाएगा। वाहन खरीदने से पहले वीआईपी नंबर की बुकिंग कराकर उसे खरीदना होगा। इसके लिए पूर्व के तरह ही सीरीज के वाहनों के दाम होंगे। अभी तक वीआइपी नंबरों की सुविधा नीलामी के माध्यम से है।
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अब नई व्यवस्था में पहले नंबर की बुकिंग अपने नाम पर करानी होगी। जब खरीदार गाड़ी खरीदने के लिए पहुंचेगा तो वाहन डीलर के यहां से गाड़ी का नंबर भी वाहन फोर पाइंट शून्य से स्वत: ही दे दिया जाएगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र बाद में डाक से भेजी जाएगी। यह व्यवस्था आठ दिसंबर से शुरू हो सकती है।
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बीएच सीरीज में वीआईपी नंबर नहीं
भारत सीरीज (बीएच) में वीआईपी नंबरों की व्यवस्था नहीं है। पंजीकरण क्रमांक जो होगा वह खरीदार को जारी किया जाएगा। अगले सप्ताह से आरटीओ दफ्तर से आने वाली फाइलें डीलर के यहां भी रहेंगी। इस नई व्यवस्था से एआरटीओ कार्यलय में फाइलों का दबाव भी कम होगा। एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि अभी इस तरह का आदेश नहीं आया है। जैसा आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा।