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हाथरस : चांद को देखूं, हाथ मैं जोड़ूं, करवा चौथ का व्रत मैं तोडू़ं...
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हाथरस : नेहरू कॉलोनी मंदिर पर करवा चौथ की पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर व ग्रामीण अंचल में करवाचौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने अपने अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला उपवास रखा। शाम को कहीं सामूहिक तो एकल रूप में गणगौर और चौथ माता की पूजा की गई। रात में चंद्र दर्शन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पति का दर्शन कर सुहागिनों ने अपना व्रत खोला। पर्व को लेकर नवदंपतियों में काफी उत्साह देखा गया। पूरे दिन बाजारों में काफी भीड़ रही।
करवाचौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं ने काफी उत्साह के साथ मनाया। शाम होते ही सुहागिन घरों की छतों पर पहुंच गईं और चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। चांद निकलने के बाद सुहागिनों ने छलनी की ओट से चांद का दीदार किया। गंगाजल से चंद्रदेव को अर्घ्य दिया। दीपक जलाकर आरती उतारी। पहले सुहागिनों ने सोलह शृंगार करके करवाचौथ की कहानियां सुनीं। गणगौर भगवान की पूजा=अर्चना कर अपने सुहाग की रक्षा और सुख समृद्धि की कामना की। चांद के दीदार और पूजा के बाद सुहागिनों ने निर्जला उपवास तोड़ा।
चांद निकलने से पहले पति अपने घर पहुंच गए। उनमें पत्नियों के प्रति समर्पण का भाव दिखा। करवाचौथ पर पतिव्रत नारियां अपने धर्म को निभाया तो पतियों ने उन्हें उपहार दिए। इस पर्व को लेकर पूरे दिन बाजारों में भीड़ लगी रही। सबसे ज्यादा भीड़ कपड़े, गिफ्ट गैलरी व ज्वैलरी की दुकानों पर रही। चांद निकलने के साथ लोगों ने खूब आतिशबाजी की। काफी लोगों ने पत्नियों संग व्रत रखा शाम को पूजा अर्चना के बाद खोला। संवाद
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शहर व ग्रामीण अंचल में करवाचौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने अपने अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला उपवास रखा। शाम को कहीं सामूहिक तो एकल रूप में गणगौर और चौथ माता की पूजा की गई। रात में चंद्र दर्शन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पति का दर्शन कर सुहागिनों ने अपना व्रत खोला। पर्व को लेकर नवदंपतियों में काफी उत्साह देखा गया। पूरे दिन बाजारों में काफी भीड़ रही।
करवाचौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं ने काफी उत्साह के साथ मनाया। शाम होते ही सुहागिन घरों की छतों पर पहुंच गईं और चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। चांद निकलने के बाद सुहागिनों ने छलनी की ओट से चांद का दीदार किया। गंगाजल से चंद्रदेव को अर्घ्य दिया। दीपक जलाकर आरती उतारी। पहले सुहागिनों ने सोलह शृंगार करके करवाचौथ की कहानियां सुनीं। गणगौर भगवान की पूजा=अर्चना कर अपने सुहाग की रक्षा और सुख समृद्धि की कामना की। चांद के दीदार और पूजा के बाद सुहागिनों ने निर्जला उपवास तोड़ा।
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चांद निकलने से पहले पति अपने घर पहुंच गए। उनमें पत्नियों के प्रति समर्पण का भाव दिखा। करवाचौथ पर पतिव्रत नारियां अपने धर्म को निभाया तो पतियों ने उन्हें उपहार दिए। इस पर्व को लेकर पूरे दिन बाजारों में भीड़ लगी रही। सबसे ज्यादा भीड़ कपड़े, गिफ्ट गैलरी व ज्वैलरी की दुकानों पर रही। चांद निकलने के साथ लोगों ने खूब आतिशबाजी की। काफी लोगों ने पत्नियों संग व्रत रखा शाम को पूजा अर्चना के बाद खोला। संवाद
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