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हाथरस : असम व अगरतला के सामान से दिवाली पर सजेगा घर
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हाथरस : पुरानी कलेक्ट्रेट में लगे मेले में खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रदेश सरकार द्वारा स्वदेशी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में शहर की पुरानी कलेक्ट्रेट में लगने वाले दिवाली मेले में भी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले में हैंडीक्राफ्ट की दुकान पर अगरतला और असम में बना सामान शहरवासियों को अधिक पसंद आ रहा है। गृह सज्जा के सामान की भी खूब खरीदारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि गरीबों की दिवाली को जगमग करने के लिए सरकार द्वारा दिवाली मेले का आयोजन किया गया है। इसके तहत शहर की पुरानी कलेक्ट्रेट में दिवाली मेले का आयोजन किया गया है। मेले में चाट-पकौड़ी के अलावा रोजमर्रा की जरूरत के सामान की बिक्री के लिए करीब 200 दुकानें लगी हैं। मेले में लगी हैंडीक्राफ्ट की एक दुकान आकर्षण का केंद्र बनी है। इस दुकान पर असम, अगरतला और सिक्कम में बना सामान मिल रहा है। सभी समान बांस से निर्मित हैं।
ये सामान मिल रहा दुकान पर
कैन, टेबल लैंप, कप, मग, फ्लावर पॉट, जूट के पर्स, सोफा, बाल हैंगिंग, लकड़ी की जड़ पर आकृति के अलावा गुवाहाटी के पर्स आदि सामान मिल रहा है। इसके अलावा नेकलेस भी उपलब्ध हैं। दुकानदार रमेश चंद्र माहौर का कहना है कि असम, अगरतला में जो बांस होता है, उसी से यह सभी गृह सज्जा के सामान निर्मित हैं। यह सामान पड़ोसी जिलों में कहीं नहीं मिलेगा। संवाद
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प्रदेश सरकार द्वारा स्वदेशी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में शहर की पुरानी कलेक्ट्रेट में लगने वाले दिवाली मेले में भी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले में हैंडीक्राफ्ट की दुकान पर अगरतला और असम में बना सामान शहरवासियों को अधिक पसंद आ रहा है। गृह सज्जा के सामान की भी खूब खरीदारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि गरीबों की दिवाली को जगमग करने के लिए सरकार द्वारा दिवाली मेले का आयोजन किया गया है। इसके तहत शहर की पुरानी कलेक्ट्रेट में दिवाली मेले का आयोजन किया गया है। मेले में चाट-पकौड़ी के अलावा रोजमर्रा की जरूरत के सामान की बिक्री के लिए करीब 200 दुकानें लगी हैं। मेले में लगी हैंडीक्राफ्ट की एक दुकान आकर्षण का केंद्र बनी है। इस दुकान पर असम, अगरतला और सिक्कम में बना सामान मिल रहा है। सभी समान बांस से निर्मित हैं।
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ये सामान मिल रहा दुकान पर
कैन, टेबल लैंप, कप, मग, फ्लावर पॉट, जूट के पर्स, सोफा, बाल हैंगिंग, लकड़ी की जड़ पर आकृति के अलावा गुवाहाटी के पर्स आदि सामान मिल रहा है। इसके अलावा नेकलेस भी उपलब्ध हैं। दुकानदार रमेश चंद्र माहौर का कहना है कि असम, अगरतला में जो बांस होता है, उसी से यह सभी गृह सज्जा के सामान निर्मित हैं। यह सामान पड़ोसी जिलों में कहीं नहीं मिलेगा। संवाद
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