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हाथरस : प्यार से ही गले को मिला दे है होली...
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सेवा भारती के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन में मंचासीन कवि। संवाद
- फोटो : SASNI
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संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
होली के उपलक्ष्य में सेवा भारती के बैनर तले राधे गार्डन में होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राजेंद्र जैन ने की। अतिथि के रूप में जिला प्रचारक धर्मेंद्र व मनवीर मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती एवं मां भारती के छविचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। सभी कवियों को धर्म पट्टिका भेंट की गईं। होलिका दहन का महत्व समझाया गया। सम्मेलन का शुभारंभ कवि वीरेंद्र जैन ने सरस्वती वंदना से किया।
विष्णु कुमार शर्मा ने होली के हजार रंग, एक रंग प्यार का, प्यार से ही गले को मिला दे होली, सुनाई। वीरपाल सिंह वीर ने न रहा है न रहा है जमाना किसी का, समझे न मोल कोई पैसे में किसी का, सुनाकर तालियां बटोरीं। रामनिवास उपाध्याय ने रंग-बिरंगे फेस दिखते नेताओं के होली में, सब घुल जाएं घोटालों के केस, सुनाई।
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नरेंद्र मोहन गुप्ता ने राशन और सुशासन ने इतिहास रच दिया, मोदी और योगी ने विकास कर दिया, सुनाई। गगन वार्ष्णेय ने प्यार में बेशुमार करता हूं, तुमसे होने से में डरता हूं, दिल बाग-बाग हो जाए, तेरी गलियों से में गुजरता हूं, सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
रविराज सिंह ने नाम और नामा कमाने लगी हैं बीबियां, रौब पति पर जमाने लगी हैं बीबियां, सुनाई। अंकुर ने भी कवि पाठ किया। संचालन वीरेंद्र जैन ने किया। अतिथियों ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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होली के उपलक्ष्य में सेवा भारती के बैनर तले राधे गार्डन में होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राजेंद्र जैन ने की। अतिथि के रूप में जिला प्रचारक धर्मेंद्र व मनवीर मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती एवं मां भारती के छविचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। सभी कवियों को धर्म पट्टिका भेंट की गईं। होलिका दहन का महत्व समझाया गया। सम्मेलन का शुभारंभ कवि वीरेंद्र जैन ने सरस्वती वंदना से किया।
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विष्णु कुमार शर्मा ने होली के हजार रंग, एक रंग प्यार का, प्यार से ही गले को मिला दे होली, सुनाई। वीरपाल सिंह वीर ने न रहा है न रहा है जमाना किसी का, समझे न मोल कोई पैसे में किसी का, सुनाकर तालियां बटोरीं। रामनिवास उपाध्याय ने रंग-बिरंगे फेस दिखते नेताओं के होली में, सब घुल जाएं घोटालों के केस, सुनाई।
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नरेंद्र मोहन गुप्ता ने राशन और सुशासन ने इतिहास रच दिया, मोदी और योगी ने विकास कर दिया, सुनाई। गगन वार्ष्णेय ने प्यार में बेशुमार करता हूं, तुमसे होने से में डरता हूं, दिल बाग-बाग हो जाए, तेरी गलियों से में गुजरता हूं, सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
रविराज सिंह ने नाम और नामा कमाने लगी हैं बीबियां, रौब पति पर जमाने लगी हैं बीबियां, सुनाई। अंकुर ने भी कवि पाठ किया। संचालन वीरेंद्र जैन ने किया। अतिथियों ने सभी का आभार व्यक्त किया।