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हाथरस : एचआईवी संक्रमित विधवा महिला और युवक ने की शादी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में कई परिवार उजड़ गए तो ऐसे में जिले के एकीकृत जांच एवं परामर्श केंद्र (आईसीटीसी) ने एक परिवार को बसाने में अहम भूमिका निभाई है। एचआईवी संक्रमित एक विधवा महिला की एचआईवी संक्रमित एक युवक की शादी कराई है। शादी के बाद दोनों ने एक तरह से नई जिंदगी शुरू कर दी है।
एकीकृत जांच एवं परामर्श केंद्रों (आईसीटीसी) के जरिये नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नॉको) जिले में एड्स नियंत्रण संबंधी गतिविधियां चला रहा है। एचआईवी की जांच से लेकर परामर्श तक की व्यवस्था आईसीटीसी में होती है। इन केंद्रों पर अक्सर ऐसे एचआईवी संक्रमित भी आते हैं, जोकि अपनी जिंदगी का मोह छोड़ चुके होते हैं। यह केंद्र उन लोगों को जिंदगी का सफर फिर से शुरू करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। पिछले दिनों कोरोना से एचआईवी संक्रमित एक युवक की मौत हो गई। उसकी पत्नी भी एचआईवी संक्रमित है। 30 वर्षीय इस महिला पर छह साल की एक बेटी भी है। उसका मायका हाथरस में ही है, जबकि उसकी ससुराल अन्य शहर में थी। वह अपनी पति की मौत के बाद मायके रहने लगी।
वहीं इसी केंद्र पर अलीगढ़ का एक युवक भी अक्सर आता-जाता रहता था। वह भी एचआईवी संक्रमित है। एड्स जैसी बीमारी से यह युवक भी अपनी जिंदगी से काफी निराश हो गया था। ऐसे में इस महिला और इस युवक को फिर से नई जिंदगी शुरू कराने में हाथरस के जिला अस्पताल स्थित केंद्र ने अहम भूमिका निभाई। केंद्र के जरिये यह दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए।
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अब इस महिला ने इस युवक ने शादी से शादी ली है और अपना घर बसा लिया है। इस सिलसिले में केंद्र की काउंसलर कल्पना शर्मा ने बताया कि इस महिला के पति की कोरोेना काल में मृत्यु हो गई थी। यह महिला एचआईवी संक्रमित है और युवक भी एचआईवी पॉजिटिव है। केंद्र के माध्यम से दोनों का परिचय हुआ था। दोनों ने अब अपनी मर्जी से शादी कर ली है। संवाद
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कोरोना काल में कई परिवार उजड़ गए तो ऐसे में जिले के एकीकृत जांच एवं परामर्श केंद्र (आईसीटीसी) ने एक परिवार को बसाने में अहम भूमिका निभाई है। एचआईवी संक्रमित एक विधवा महिला की एचआईवी संक्रमित एक युवक की शादी कराई है। शादी के बाद दोनों ने एक तरह से नई जिंदगी शुरू कर दी है।
एकीकृत जांच एवं परामर्श केंद्रों (आईसीटीसी) के जरिये नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नॉको) जिले में एड्स नियंत्रण संबंधी गतिविधियां चला रहा है। एचआईवी की जांच से लेकर परामर्श तक की व्यवस्था आईसीटीसी में होती है। इन केंद्रों पर अक्सर ऐसे एचआईवी संक्रमित भी आते हैं, जोकि अपनी जिंदगी का मोह छोड़ चुके होते हैं। यह केंद्र उन लोगों को जिंदगी का सफर फिर से शुरू करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। पिछले दिनों कोरोना से एचआईवी संक्रमित एक युवक की मौत हो गई। उसकी पत्नी भी एचआईवी संक्रमित है। 30 वर्षीय इस महिला पर छह साल की एक बेटी भी है। उसका मायका हाथरस में ही है, जबकि उसकी ससुराल अन्य शहर में थी। वह अपनी पति की मौत के बाद मायके रहने लगी।
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वहीं इसी केंद्र पर अलीगढ़ का एक युवक भी अक्सर आता-जाता रहता था। वह भी एचआईवी संक्रमित है। एड्स जैसी बीमारी से यह युवक भी अपनी जिंदगी से काफी निराश हो गया था। ऐसे में इस महिला और इस युवक को फिर से नई जिंदगी शुरू कराने में हाथरस के जिला अस्पताल स्थित केंद्र ने अहम भूमिका निभाई। केंद्र के जरिये यह दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए।
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अब इस महिला ने इस युवक ने शादी से शादी ली है और अपना घर बसा लिया है। इस सिलसिले में केंद्र की काउंसलर कल्पना शर्मा ने बताया कि इस महिला के पति की कोरोेना काल में मृत्यु हो गई थी। यह महिला एचआईवी संक्रमित है और युवक भी एचआईवी पॉजिटिव है। केंद्र के माध्यम से दोनों का परिचय हुआ था। दोनों ने अब अपनी मर्जी से शादी कर ली है। संवाद