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हाथरस : स्वास्थ्य टीम गांव-गांव जाकर करेगी टीबी रोगियों की खोज
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क्षय रोग मुक्त भारत की शपथ लेते डॉ. एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
- फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. आरके वर्मा ने बृहस्पतिवार को सीएचसी के महरारा के स्वास्थ्य कर्मियों को क्षय रोग से भारत को मुक्त कराने की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी क्षेत्र के प्रत्येक गांव में जाकर लोगों की जांच करेंगे और अगर इनमें से कोई क्षय रोग से ग्रसित पाया जाता है तो उसे मुफ्त दवा प्रदान करेंगे।
मौके पर डॉ. एके वार्ष्णेय, सीएचओ कल्पना, दीपू कुमार व क्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं। इधर, सादाबाद में भी टीबी रोग मुक्त भारत बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. मयंक बंसल ने शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया कि वे अपने जीवन काल में क्षय रोग को समाप्त करेंगे।
टीबी से स्वयं को, अपने परिवार को, अपने सहकर्मी को और पड़ोसी को बचाएंगे। डॉ. मयंक बंसल ने बताया कि शुरू से ही क्षय बीमारी दूर करने हो रहा प्रयास : पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के लगातार तय उपलब्धियों को प्राप्त करने के बाद से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत टीबी को समाप्त करने के लिए प्रत्येक टीबी रोगियों को खोजकर इसका इलाज मुफ्त किया जा रहा है।
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सीएचसी में बलगम जांच केंद्र क्षय इकाई कार्यरत हैं। यहां पर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। मुफ्त इलाज के साथ टीबी की दवा खा रहे मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये सहयोग राशि दी जाती है। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. मयंक बंसल, डॉ. प्रभास उपाध्याय, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. प्रेमपाल, डॉ नीरज, फार्मासिस्ट राघवेंद्र व देवेश आदि थे।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. आरके वर्मा ने बृहस्पतिवार को सीएचसी के महरारा के स्वास्थ्य कर्मियों को क्षय रोग से भारत को मुक्त कराने की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी क्षेत्र के प्रत्येक गांव में जाकर लोगों की जांच करेंगे और अगर इनमें से कोई क्षय रोग से ग्रसित पाया जाता है तो उसे मुफ्त दवा प्रदान करेंगे।
मौके पर डॉ. एके वार्ष्णेय, सीएचओ कल्पना, दीपू कुमार व क्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं। इधर, सादाबाद में भी टीबी रोग मुक्त भारत बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. मयंक बंसल ने शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया कि वे अपने जीवन काल में क्षय रोग को समाप्त करेंगे।
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टीबी से स्वयं को, अपने परिवार को, अपने सहकर्मी को और पड़ोसी को बचाएंगे। डॉ. मयंक बंसल ने बताया कि शुरू से ही क्षय बीमारी दूर करने हो रहा प्रयास : पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के लगातार तय उपलब्धियों को प्राप्त करने के बाद से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत टीबी को समाप्त करने के लिए प्रत्येक टीबी रोगियों को खोजकर इसका इलाज मुफ्त किया जा रहा है।
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सीएचसी में बलगम जांच केंद्र क्षय इकाई कार्यरत हैं। यहां पर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। मुफ्त इलाज के साथ टीबी की दवा खा रहे मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये सहयोग राशि दी जाती है। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. मयंक बंसल, डॉ. प्रभास उपाध्याय, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. प्रेमपाल, डॉ नीरज, फार्मासिस्ट राघवेंद्र व देवेश आदि थे।