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हाथरस: सादाबाद में खतरे की धुंध, आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही परेशानी

Sun, 17 Nov 2019 12:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2019 12:45 AM IST
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Hathras: Hazard haze, eye irritation and breathing problems in Sadabad
सादाबाद में छाई धुंध। - फोटो : SADABAD
सादाबाद में खतरे की धुंध, आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही परेशानी
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निजी से लेकर सरकारी अस्पतालों में बढ़ी सांस और नेत्ररोगियों की भीड़
सुबह और शाम को दृश्यता भी हो रही कम, बढ़ रहा वायु प्रदूषण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने के बाद सादाबाद में हर तरफ आसमान में खतरे की धुंध छायी हुई है। इस धुंध ने वातावरण को अपने आगोश में ले रखा है। यह धुंध ह्दय, फेंफड़ों और आंखों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो रही है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। आंखों में जलन भी महसूस की जा रही है। इस धुंध की वजह से सुबह और शाम दृश्यता भी कम हो रही है, दूर का देखपाना भी मुश्किल हो रहा है। सादाबाद सीएचसी पर प्रदूषण की वजह से सांस, ह्दय और नेत्र रोगियों की संख्या हाल ही के कुछ दिनों में बढ़ी है। आंखों में जलन की समस्या आम हो गई है।
सादाबाद में नेशनल हाइवे, करबन नदी, विनोवा नगर चौराहा, मुरसान रोड, आदि पर धुंध से सुबह शाम दृश्यता काफी कम हो गई है,हालांकि लोग इस धुंध को कोहरा समझ रहे हैं, लेकिन यह धुंध वायु प्रदूषण की वजह से छायी हुई है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और आंखों में जलन का अहसास हो रहा है। इस बीमारी से पीड़ित काफी लोग निजी चिकित्सालयों के अलावा सरकारी अस्पताल में भी पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आंखों में जलन होने और सांस लेने में दिक्कत होने संबंधी बीमारी को लेकर काफी मरीज डॉक्टरों के पास पहुंचे।
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सीएचसी के नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉॅ. नीरव शर्मा ने बताया कि कुछ दिनों से वातावरण में छायी धुंध से आंखों में जलन और सांस के रोगियों में वृद्धि हुई है। कुछ दिनों में ही आंखों में जलन के मरीजों की संख्या 100 से अधिक हो गई है, वहीं सांस रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होने बताया कि आंखो के जलन के रोगी आंखों को साफ पानी से धोते रहे हैं। सुबह शाम स्मॉग अधिक रहता है, इसलिए घर से बाहर कम निकलें, आंखों को रगड़ें नहीं। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही आईड्रॉप का प्रयोग करें।
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सुलग रहीं कोयले की भट्टियां, जल रहे कूड़े के ढेर
एक तरफ पराली जलाने को लेकर सरकार चिंतित है, लेकिन टीटीजेड एरिया में आने वाले सादाबाद मेें एनजीटी के सख्त निर्देश के बाद भी कूड़े के ढेरों में आग लगाई जा रही है, वहीं कोयले की भट्टियां हर चौराहे, तिराहे पर सुलग रही हैं, इस पर प्रशासनिक अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। अगर, इन पर रोक लग जाए तो काफी हद तक वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है।
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