फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Hathras remained empty handed in the budget this time too

हाथरस: इस बार भी बजट में हाथरस रहा खाली हाथ

Tue, 18 Feb 2020 11:54 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Hathras remained empty handed in the budget this time too
हाथरस: हाथरस की एक फैक्टरी में सूखती हींग (फाइल फोटो)। - फोटो : HATHRAS
इस बार भी बजट में हाथरस रहा खाली हाथ
विज्ञापन

आसपास के जिले तो सरकार को रहे याद, हाथरस को फिर भुलाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। प्रदेश सरकार के बजट में हाथरस को इस बार भी कुछ नहीं मिला। हालांकि प्रदेश सरकार प्रदेश भर में जो योजनाएं लागू की हैं, उसका लाभ तो प्रदेश भर के साथ हाथरस को मिलेगा, लेकिन ऐसा कोई पैकेज सरकार ने यहां के उद्योग धंधों को नहीं दिया है, जिससे यहां के उद्योग धंधों को संजीवनी मिल सके। किसी भी बड़ी परियोजना के लिए यहां को चयनित नहीं किया गया है। अलीगढ़, मथुरा और आगरा तो सरकार को बजट में कई योजनाओं के लिए याद रहे, लेकिन हाथरस को सरकार इस बार भी भूल गई। पिछली बार जरूर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत यहां के हींग कारोबार की थोड़ी प्रगति हुई थी।
कानपुर के बाद हाथरस प्रदेश में दूसरे नंबर की औद्योगिक नगरी कही जाती थी। आज भी यह जिला हींग, मूंगा मोती, मेटल कारोबार, रंग कारोबार, रेडीमेड कारोबार, हैंडलूम कारोबार, दाल मिल, बिसावर के घुंघरू आदि उद्योगों के सहारे अपनी पहचान बनाए हुए हैं, लेकिन बदलते परिवेश में टैक्स की बढ़ती मार और ट्रांसपोर्ट की अच्छी व्यवस्था नहीं होने से यहां के उद्योग सिसक रहे हैं।
विज्ञापन

उद्योग से लेकर आमजन को हर बजट से जिले के लोगों की उम्मीद रहती है। मंगलवार को पेश हुए बजट में भी जिले के कल कारखानों व उद्योगों की आस फिर से टूट गई। हालांकि यहां के लोग यह आस जरूर लगाए बैठे हैं कि निकट के जिलों की जो परियोजनाएं शुरू होंगी, उसका लाभ जरूर यहां के लोगों को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक नजर हाथरस के बड़े उद्योगों की स्थिति पर
दाल उद्योग
- 55 छोटी बड़ी दाल मिलें
- 1,100 क्विटंल प्रतिदिन दालों का उत्पादन
- 195 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर
मेटल कारोबार
- 125 करीब पंजीकृत मेटल यूनिटें
- 100 से ज्यादा गैर पंजीकृत यूनिटें
- 20-25 लाख प्रति यूनिट वार्षिक टर्नओवर
- 50-60 करोड़ प्रतिवर्ष यूनिटों का कारोबार
हींग करोबार
- 50 बड़ी हींग निर्माता फैक्ट्री
- 100 छोटी हींग फैक्ट्रियां
- 23 करोड़ रुपये सालाना टर्न ओवर
-
गारमेंट्स करोबार
-250 रेडीमेड गारमेंट्स इकाइयां
-140 करीब पंजीकृत इकाइयां
-110 गैर पंजीकृत इंकाइयां
-500 करोड़ रुपये सभी यूनिटों का सालाना टर्नओवर
-50- 75 तक प्रति यूनिट में कारीगर
आचार मुरब्बा उद्योग
22-25 करोड़ रुपये का सालाना टर्न ओवर
15- पंजीकृत फैक्ट्रियां
12- लगभग गैर पंजीकृत फैक्ट्रियां
रंग गुलाल कारोबार
-करीब 17 रंग गुलाल के कारखाने
-करीब 30 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed